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PM Modi-Manish Tewari Meeting: पहले हाथ मिलाया, फिर हुई बातचीत, चर्चा में आई पीएम मोदी और मनीष तिवारी की तस्वीर
Current image: PM Modi-Manish Tewari Meeting: पहले हाथ मिलाया, फिर हुई बातचीत

PM Modi Manish-Tewari Meeting: चंडीगढ़ में आज शुक्रवार को आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी की मुलाकात राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई। बता दें की मंच पर दोनों नेताओं ने पहले हाथ मिलाया और उसके बाद कुछ देर तक बातचीत भी की है। इस दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री एवं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी उनके साथ मौजूद थे।

जानकारी के लिए बता दें की यह मुलाकात एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान शिष्टाचार और प्रोटोकॉल के तहत हुई, लेकिन इसकी तस्वीरें सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। खासकर पंजाब कांग्रेस में हाल के दिनों में चल रही अंदरूनी खींचतान के बीच इस मुलाकात को अलग-अलग नजरिए से देखा जा रहा है।

सरकारी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे मनीष तिवारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चंडीगढ़ में 4,700 करोड़ रुपये से ज्यादा की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने पहुंचे थे। कार्यक्रम का आयोजन पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (PEC) में किया गया था।

मनीष तिवारी चंडीगढ़ से लोकसभा सांसद हैं, इसलिए उन्हें भी कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था। मंच पर प्रधानमंत्री के पहुंचने के बाद उन्होंने मनीष तिवारी से हाथ मिलाया। दोनों नेताओं के बीच कुछ देर बातचीत भी हुई। यह दृश्य कैमरों में कैद हो गया और देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा।

इन नेताओं की भी रही मौजूदगी

जानकारी के लिए बता दें इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया सहित कई अन्य वरिष्ठ नेता और अधिकारी मौजूद रहे।

सरकारी कार्यक्रम होने के कारण अलग-अलग राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया था। ऐसे में मनीष तिवारी की मौजूदगी भी प्रोटोकॉल का हिस्सा मानी जा रही है।

पंजाब कांग्रेस की राजनीति के बीच बढ़ी चर्चा

दरअसल हाल के दिनों में पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व और संगठन को लेकर लगातार मतभेद की खबरें सामने आती रही हैं। जिससे पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के बीच मतभेद की चर्चाएं राजनीतिक हलकों में बनी हुई हैं।

इसी वजह से प्रधानमंत्री मोदी और मनीष तिवारी की मुलाकात को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की अटकलें लगाई जाने लगीं। हालांकि दोनों नेताओं की यह मुलाकात किसी राजनीतिक बैठक का हिस्सा नहीं थी, बल्कि सरकारी कार्यक्रम के दौरान सामान्य शिष्टाचार के तहत हुई थी।

मनीष तिवारी की क्रिप्टिक पोस्ट भी बनी थी चर्चा का विषय

बता दें की कुछ दिन पहले मनीष तिवारी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया था, जिसकी काफी चर्चा हुई थी। जिसमें उन्होंने लिखा था। “है बड़ा कोई अवगुण उसमें जिसे कोई हुनर आवे।” इसके साथ उन्होंने यह भी लिखा कि काश उनके पास लोगों और संस्थाओं की असुरक्षाओं का कोई इलाज होता। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस ने उन्हें पिछले 45 वर्षों में बहुत कुछ दिया है और उन्होंने भी अपनी पूरी राजनीतिक जिंदगी पार्टी की सेवा में बिताई है। पोस्ट के अंत में उन्होंने लिखा था। “जो होगा, सो होगा।” इस पोस्ट को कई राजनीतिक एक्सपर्ट्स ने पंजाब कांग्रेस में चल रहे घटनाक्रम से जोड़कर देखा था। हालांकि मनीष तिवारी ने किसी नेता या संगठन का नाम नहीं लिया था।

नई नियुक्तियों के बाद बढ़ी थीं अटकलें

कांग्रेस द्वारा पंजाब संगठन में नई नियुक्तियां किए जाने के बाद भी मनीष तिवारी का नाम चर्चा में रहा। पार्टी ने प्रदेश संगठन में नए कार्यकारी अध्यक्षों और अन्य पदाधिकारियों की नियुक्ति की थी।

इन नियुक्तियों के बाद राजनीतिक हलकों में यह चर्चा शुरू हुई कि मनीष तिवारी पार्टी नेतृत्व के कुछ फैसलों से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। हालांकि कांग्रेस की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया।

सोनिया गांधी की बैठक में भी हुए थे शामिल

इन सभी चर्चाओं के बीच मनीष तिवारी 16 जुलाई को कांग्रेस की एक महत्वपूर्ण बैठक में शामिल हुए थे। इस बैठक में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।

बैठक में उनकी मौजूदगी को यह संकेत माना गया कि वह अब भी पार्टी की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। इससे यह भी स्पष्ट हुआ कि पार्टी के भीतर संवाद की प्रक्रिया जारी है।

विकास परियोजनाओं पर रहा पीएम मोदी का फोकस

चंडीगढ़ दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क अवसंरचना से जुड़ी कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं की कुल लागत 4,700 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा के विस्तार पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार देशभर में विकास कार्यों को गति देने के लिए लगातार निवेश कर रही है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीर

कार्यक्रम खत्म होने के कुछ ही समय बाद प्रधानमंत्री मोदी और मनीष तिवारी की हाथ मिलाते हुए तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। कई लोगों ने इसे सामान्य शिष्टाचार बताया, जबकि कुछ यूजर्स ने इसे पंजाब की राजनीति से जोड़कर अपनी-अपनी राय व्यक्त की।

राजनीतिक एक्सपर्ट्स का मानना है कि सार्वजनिक मंचों पर अलग-अलग दलों के नेताओं का मिलना लोकतांत्रिक परंपरा का हिस्सा होता है और ऐसे अवसरों पर शिष्टाचार निभाना सामान्य बात है।

क्या है इस मुलाकात का राजनीतिक मतलब?

जानकारी के लिए बता दें इस मुलाकात को लेकर किसी भी पक्ष की ओर से कोई राजनीतिक टिप्पणी नहीं की गई है। न प्रधानमंत्री कार्यालय और न ही कांग्रेस की ओर से इसे लेकर कोई अलग बयान जारी किया गया है।

ऐसे में राजनीतिक एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकारी कार्यक्रमों में अलग-अलग दलों के नेताओं का मिलना कोई असामान्य बात नहीं है। ऐसे आयोजनों में सांसद और जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने के लिए मौजूद रहते हैं। इसलिए केवल एक तस्वीर या संक्षिप्त बातचीत के आधार पर किसी बड़े राजनीतिक निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

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Author

  • Aparna Panwar

    अपर्णा पवांर, एक हिंदी कंटेंट राइटर है, जिन्होंने डिजिटल मीडिया में अपनी लेखनी से पहचान बनाई। आज वे “Khaber Aaj Ki” में हिंदी कंटेंट राइटर के पद पर काम करते हुए पत्रकारिता को अपना जुनून मानती हैं। उनके विचारों में खबरें केवल सूचनाएं नहीं, बल्कि लोगों तक सच्चाई पहुँचाने का माध्यम हैं।

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