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Parliament Monsoon Session 2026: हंगामे के चलते बार-बार रुकी कार्यवाही, खड़गे के बयान से गरमाई राज्यसभा, कहा- ‘सिंहासन खाली करो’
Current image: Parliament Monsoon Session 2026: हंगामे के चलते बार-बार रुकी कार्यवाही

Parliament Monsoon Session 2026: संसद के मॉनसून सत्र की शुरुआत पहले ही दिन भारी राजनीतिक टकराव के साथ हुई। बता दें की राज्यसभा में विपक्ष ने पेपर लीक, छात्रों के आंदोलन और राम मंदिर चंदा विवाद को लेकर केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश की है। जिसमें विपक्षी सांसदों की लगातार नारेबाजी और विरोध के कारण सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई। जिसके बाद हालात ऐसे बने कि कार्यवाही को एक-दो नहीं बल्कि छह बार स्थगित करना पड़ा और अंत में पूरे दिन के लिए सदन की बैठक स्थगित कर दी गई।

जानकारी के लिए बता दें सत्र की शुरुआत सामान्य प्रक्रिया के तहत नए सदस्यों के शपथ ग्रहण और दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। इसके बाद सदन में जरूरी सरकारी दस्तावेज रखे जाने लगे। इसी दौरान विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे अपनी सीट से खड़े हुए और देश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों पर चर्चा की मांग की है।

छात्रों के मुद्दे पर सरकार को घेरा

मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि पेपर लीक का मामला लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा हुआ है और सरकार इस गंभीर विषय पर जवाब देने से बच रही है। जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली लगातार कमजोर होती जा रही है, जबकि छात्रों की आवाज उठाने वालों पर कार्रवाई की जा रही है।

खड़गे ने कहा कि यदि सरकार परीक्षाओं का सही ढंग से संचालन नहीं कर सकती है, तो उसे सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। इसी दौरान उन्होंने मशहूर पंक्ति “सिंहासन खाली करो, जनता आएगी” का इस्तेमाल करते हुए सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उनके इस बयान के बाद सदन का माहौल और अधिक गर्म हो गया।

जंतर-मंतर प्रदर्शन का भी किया जिक्र

विपक्ष के नेता ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों का मुद्दा भी उठाया। जिसमें उनका आरोप था कि बड़ी संख्या में छात्र शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन उनके साथ बल प्रयोग किया गया। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रही है।

खड़गे ने यह भी कहा कि युवाओं का भविष्य किसी भी सरकार की प्राथमिकता होना चाहिए और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर संसद में विस्तृत चर्चा कराई जानी चाहिए।

राम मंदिर चंदा विवाद पर भी विपक्ष का हमला

पेपर लीक के साथ-साथ विपक्ष ने राम मंदिर चंदा विवाद का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया। मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया कि भगवान राम के नाम पर जुटाए गए चंदे को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और सरकार को इस पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले में जवाब देने की मांग करते हुए कहा कि जनता के सामने पूरी सच्चाई रखी जानी चाहिए।

प्रियंका गांधी ने भी उठाए सवाल

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश के युवाओं का भविष्य लगातार संकट में पड़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले NEET परीक्षा में गड़बड़ियों की खबरें सामने आईं, फिर परीक्षा रद्द करनी पड़ी और अब दोबारा आयोजित परीक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने पहले दावा किया था कि परीक्षा प्रक्रिया पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी, तो फिर बार-बार ऐसी घटनाएं क्यों हो रही हैं। प्रियंका गांधी ने मांग की कि प्रधानमंत्री स्वयं संसद में आकर पूरे मामले पर जवाब दें और युवाओं की चिंताओं को दूर करें।

नारेबाजी से बार-बार बाधित हुई कार्यवाही

विपक्षी सांसदों ने सदन के भीतर लगातार नारेबाजी की। कई सदस्य अपनी सीटों से उठकर वेल में पहुंच गए। “शर्म करो” जैसे नारे लगाए गए, जिसके कारण सदन की कार्यवाही सामान्य रूप से नहीं चल सकी।

चेयर पर मौजूद सभापति ने कई बार विपक्षी सांसदों से अपनी सीटों पर लौटने और नियमों का पालन करने की अपील की, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ।

6 बार स्थगित करनी पड़ी कार्यवाही

राज्यसभा की कार्यवाही दिनभर कई चरणों में बाधित रही। पहले इसे दोपहर 12 बजे तक स्थगित किया गया। इसके बाद 12:30 बजे, फिर 12:50 बजे और उसके बाद दोपहर 2 बजे तक कार्यवाही टालनी पड़ी।

दोपहर में सदन की बैठक दोबारा शुरू होने पर भी विपक्ष का विरोध जारी रहा। लगातार हंगामे के कारण सदन का कोई महत्वपूर्ण कामकाज नहीं हो सका।

हरिवंश ने की शांति बनाए रखने की अपील

दोपहर बाद जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो उपसभापति हरिवंश ने विपक्षी सांसदों से शांति बनाए रखने और सदन की गरिमा का सम्मान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद चर्चा और बहस का मंच है तथा सभी सदस्यों को नियमों का पालन करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सुबह से लगातार व्यवधान के कारण सदन का कोई विधायी कार्य पूरा नहीं हो पाया है। इसके बावजूद विपक्षी सदस्य अपनी मांगों पर अड़े रहे और नारेबाजी जारी रखी।

पूरे दिन के लिए स्थगित हुआ सदन

बता दें जब बार-बार की अपील के बाद भी स्थिति सामान्य नहीं हुई, तब उपसभापति ने अंततः राज्यसभा की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी। इसके साथ ही मॉनसून सत्र का पहला दिन बिना किसी महत्वपूर्ण विधायी कामकाज के समाप्त हो गया।

राजनीतिक एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि सरकार और विपक्ष के बीच इन मुद्दों पर सहमति नहीं बनती है, तो आने वाले दिनों में भी संसद में इसी तरह का टकराव देखने को मिल सकता है। पेपर लीक, छात्रों का आंदोलन और राम मंदिर चंदा विवाद जैसे मुद्दे पूरे मॉनसून सत्र के दौरान राजनीतिक बहस के केंद्र में बने रह सकते हैं।

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Author

  • Aparna Panwar

    अपर्णा पवांर, एक हिंदी कंटेंट राइटर है, जिन्होंने डिजिटल मीडिया में अपनी लेखनी से पहचान बनाई। आज वे “Khaber Aaj Ki” में हिंदी कंटेंट राइटर के पद पर काम करते हुए पत्रकारिता को अपना जुनून मानती हैं। उनके विचारों में खबरें केवल सूचनाएं नहीं, बल्कि लोगों तक सच्चाई पहुँचाने का माध्यम हैं।

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