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Omar Abdullah BJP Allegation: भाजपा पर खरीद-फरोख्त का लगा आरोप, करोड़ों रुपये और मंत्री पद का दिया गया लालच, जानें पूरा सच
Current image: Omar Abdullah BJP Allegation: भाजपा पर खरीद-फरोख्त का लगा आरोप

Omar Abdullah BJP Allegation: जम्मू-कश्मीर की राजनीति एक बार फिर से गरमा गई है। बताया जा रहा है मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर उनकी सरकार को अस्थिर करने की कोशिश का गंभीर आरोप लगाया है। जिसमें उन्होंने दावा किया है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के एक विधायक को पार्टी छोड़ने के बदले 20 से 30 करोड़ रुपये नकद, मंत्री पद और जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने का भरोसा दिया गया था। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी पार्टी का एक भी विधायक नहीं टूटा और सरकार पूरी तरह मजबूत बनी हुई है।

जानकारी के लिए बता दें की उमर अब्दुल्ला का यह बयान ऐसे समय आया है, जब जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज हैं और राज्य के पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग भी लगातार उठ रही है। उनके इस आरोप ने प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।

हजरतबल में कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान लगाया आरोप

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने श्रीनगर के हजरतबल में आयोजित एक कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह दावा किया है। यह कार्यक्रम उनकी दादी बेगम अकबर जहां की 26वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित किया गया था।

ऐसे में सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक जनादेश को स्वीकार करने के बजाय चुनी हुई सरकार को गिराने की कोशिश कर रही है। उनका कहना था कि जनता ने विधानसभा चुनाव में नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस गठबंधन को स्पष्ट बहुमत दिया है, जबकि भाजपा को विपक्ष की भूमिका निभाने का जनादेश मिला है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता का फैसला सर्वोपरि होता है और उसका सम्मान किया जाना चाहिए।

’20-30 करोड़ और मंत्री पद का दिया गया लालच’

दरअसल उमर अब्दुल्ला ने दावा किया है कि जम्मू क्षेत्र के उनकी पार्टी के एक विधायक ने खुद उन्हें पूरी घटना की जानकारी दी थी। उनके अनुसार, भाजपा से जुड़े एक वरिष्ठ पदाधिकारी और सुप्रीम कोर्ट के एक वकील ने विधायक से संपर्क किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक को पार्टी छोड़ने के बदले 20 से 30 करोड़ रुपये नकद, सरकार में मंत्री पद और भविष्य में जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल कराने का भरोसा दिया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल एक विधायक तक सीमित मामला नहीं था, बल्कि उनकी सरकार को अस्थिर करने की एक बड़ी राजनीतिक कोशिश थी।

‘हमारे विधायक बिकने वाले नहीं हैं’

बता दें अपने भाषण में उमर अब्दुल्ला ने कहा कि उनकी पार्टी के विधायक किसी भी तरह के लालच में आने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के सभी विधायक जनता के विश्वास के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि अगर किसी को लगता है कि पैसे या पद का लालच देकर उनकी सरकार गिराई जा सकती है, तो यह उनकी बड़ी भूल है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा की सभी कोशिशें पूरी तरह विफल रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार पहले की तरह मजबूत है और गठबंधन में किसी तरह की टूट की कोई संभावना नहीं है।

‘जनादेश का सम्मान करे भाजपा’

उमर अब्दुल्ला ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतंत्र में जनता का फैसला सबसे महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा विपक्ष में बैठने के जनादेश को स्वीकार करने के बजाय सत्ता हासिल करने के दूसरे रास्ते तलाश रही है। उन्होंने कहा कि जनता ने स्पष्ट रूप से फैसला दिया था कि नेशनल कॉन्फ्रेंस-कांग्रेस गठबंधन सरकार बनाएगा। ऐसे में विपक्ष को लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करना चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से भी कहा कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और संगठन को मजबूत बनाने पर फोकस करें।

राज्य का दर्जा बहाल करने के मुद्दे पर भी केंद्र को घेरा

मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में जम्मू-कश्मीर के पूर्ण राज्य के दर्जे का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले संसद और केंद्र सरकार की ओर से राज्य का दर्जा वापस देने की बात कही गई थी। जिसमें उनका आरोप है कि अब उसी मुद्दे का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने और विधायकों को प्रभावित करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर की जनता लंबे समय से राज्य का दर्जा बहाल होने का इंतजार कर रही है और इस मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।

‘चोर दरवाजे से सत्ता नहीं मिलेगी’

उमर अब्दुल्ला ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर जनता ने किसी पार्टी को विपक्ष में बैठने का फैसला दिया है, तो उसे उसी भूमिका में रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से जनता का विश्वास जीतकर ही सत्ता हासिल की जा सकती है। किसी भी तरह की खरीद-फरोख्त या राजनीतिक दबाव के जरिए सरकार बदलने की कोशिश लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है। उन्होंने अपने भाषण में कहा कि उनकी पार्टी का एक भी विधायक टूटने वाला नहीं है और सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी।

BJP की ओर से नहीं आया आधिकारिक जवाब

उमर अब्दुल्ला के इन आरोपों पर खबर लिखे जाने तक भारतीय जनता पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। ऐसे मामलों में संबंधित पक्ष के जवाब का इंतजार किया जाता है। यदि भाजपा इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान जारी करती है, तो उसके बाद राजनीतिक बहस और तेज हो सकती है।

जम्मू-कश्मीर की राजनीति में बढ़ी हलचल

मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद जम्मू-कश्मीर की राजनीति में हलचल बढ़ गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा विधानसभा से लेकर राष्ट्रीय राजनीति तक चर्चा का विषय बन सकता है।

राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग, केंद्र और प्रदेश सरकार के बीच संबंध तथा विपक्ष की रणनीति जैसे मुद्दे पहले से ही राजनीतिक बहस का हिस्सा हैं। ऐसे में उमर अब्दुल्ला के आरोपों ने इन चर्चाओं को और तेज कर दिया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और फिलहाल यह मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा सार्वजनिक मंच से लगाया गया आरोप है। इस मामले में आगे क्या राजनीतिक और कानूनी घटनाक्रम सामने आता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

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Author

  • Aparna Panwar

    अपर्णा पवांर, एक हिंदी कंटेंट राइटर है, जिन्होंने डिजिटल मीडिया में अपनी लेखनी से पहचान बनाई। आज वे “Khaber Aaj Ki” में हिंदी कंटेंट राइटर के पद पर काम करते हुए पत्रकारिता को अपना जुनून मानती हैं। उनके विचारों में खबरें केवल सूचनाएं नहीं, बल्कि लोगों तक सच्चाई पहुँचाने का माध्यम हैं।

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