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PM Modi on China Mine Accident: चीन में दर्दनाक हादसा, 90 लोगों की हुई मौत, पीएम मोदी ने जताया शोक, राष्ट्रपति शी को लिखा संदेश
Current image: PM Modi on China Mine Accident

PM Modi on China Mine Accident: चीन के शांक्सी प्रांत में हुए भीषण कोयला खदान हादसे ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। जिससे गैस विस्फोट के कारण हुई इस दर्दनाक दुर्घटना में अब तक 90 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई मजदूर अब भी लापता बताए जा रहे हैं। ऐसे में इस हादसे पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने गहरा दुख जताते हुए चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping और वहां की जनता के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की हैं। जिसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिये पोस्ट करते हुए कहा है कि भारत की जनता इस दुख की घड़ी में चीन के साथ खड़ी है। साथ ही, मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए लापता लोगों की सुरक्षित बरामदगी की कामना की है।

शांक्सी प्रांत की खदान में हुआ बड़ा विस्फोट

जानकारी के मुताबिक, चीन के शांक्सी प्रांत के किनयुआन काउंटी स्थित लिउशेनयू कोयला खदान में शुक्रवार देर रात अचानक गैस विस्फोट हुआ। जिससे हादसे के समय खदान के अंदर करीब 247 मजदूर काम कर रहे थे। विस्फोट इतना तेज था कि खदान के कई हिस्से पूरी तरह ध्वस्त हो गए और मजदूर अंदर ही फंस गए।

स्थानीय प्रशासन का कहना है की अब तक 90 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। वहीं कई मजदूर अब भी लापता हैं, जिनकी तलाश लगातार जारी है। राहत और बचाव दल लगातार मलबा हटाने का काम कर रहे हैं।

16 साल का सबसे बड़ा खदान हादसा

बताया जा रहा है की यह हादसा चीन में पिछले 16 वर्षों का सबसे बड़ा कोयला खदान हादसा माना जा रहा है। इससे पहले वर्ष 2009 में हेइलोंगजियांग प्रांत में कोयला और गैस विस्फोट की घटना हुई थी, जिसमें 108 लोगों की मौत हुई थी और 133 लोग घायल हुए थे।

ऐसे में एक्सपर्ट्स का कहना है कि चीन में लगातार बढ़ते औद्योगिक दबाव और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण इस तरह की दुर्घटनाएं सामने आती रहती हैं। हालांकि सरकार लगातार सुरक्षा सुधारों का दावा करती रही है, लेकिन इस हादसे ने एक बार फिर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने जताई संवेदनाएं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि भारत के लोगों की ओर से वे राष्ट्रपति शी जिनपिंग और चीन की जनता के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उन्हें इस कठिन समय में शक्ति मिले। इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने लापता मजदूरों की जल्द और सुरक्षित वापसी की भी प्रार्थना की। भारत की ओर से जताई गई इस संवेदना को दोनों देशों के बीच मानवीय रिश्तों के रूप में देखा जा रहा है।

कौन चला रहा था खदान संचालन?

दरअसल जिस खदान में यह बड़ा हादसा हुआ, उसका संचालन शांक्सी तोंगझोउ ग्रुप लिउशेनयू कोल इंडस्ट्री कंपनी कर रही थी। बता दें की यह कंपनी साल 2010 में स्थापित की गई थी और इसका नियंत्रण शांक्सी तोंगझोउ कोल कोकिंग ग्रुप के पास है। हादसे के बाद चीन प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कंपनी के कई अधिकारियों को हिरासत में ले लिया है। अधिकारियों से पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि सुरक्षा मानकों में कहां लापरवाही हुई।

राहत और बचाव अभियान जारी

हादसे के बाद चीन सरकार ने तुरंत राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया। शांक्सी प्रांत प्रशासन ने 7 विशेष रेस्क्यू और मेडिकल टीमें मौके पर भेजी हैं। इन टीमों में कुल 755 लोग शामिल हैं। बचाव दल आधुनिक उपकरणों की मदद से खदान के अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। मेडिकल टीमें मौके पर तैनात हैं ताकि घायल मजदूरों को तुरंत इलाज दिया जा सके। स्थानीय इमरजेंसी विभाग का कहना है कि हादसे की वजह की जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती आशंका गैस रिसाव और सुरक्षा उपकरणों में खराबी की बताई जा रही है।

चीन में क्यों बढ़ रहे खदान हादसे?

चीन दुनिया का सबसे बड़ा कोयला उत्पादक देश है। यहां हजारों कोयला खदानें संचालित होती हैं, जिनमें लाखों मजदूर काम करते हैं। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में सुरक्षा नियमों को सख्त किया गया है, लेकिन कई निजी कंपनियों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी के आरोप लगते रहे हैं।

एक्सपर्ट्स के अनुसार, उत्पादन बढ़ाने के दबाव में कई बार कंपनियां सुरक्षा नियमों से समझौता कर लेती हैं। यही कारण है कि गैस विस्फोट, आग और सुरंग धंसने जैसी घटनाएं समय-समय पर सामने आती रहती हैं।

दुनिया भर से आ रही संवेदनाएं

इस बड़े हादसे के बाद दुनिया के कई देशों के नेताओं ने चीन के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की हैं। सोशल मीडिया पर भी लोग मृतकों के परिवारों के प्रति दुख जता रहे हैं। भारत सहित कई देशों ने उम्मीद जताई है कि राहत और बचाव अभियान जल्द सफल होगा और जो मजदूर अब भी लापता हैं उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा।

हादसे ने बढ़ाई सुरक्षा पर चिंता

शांक्सी खदान हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा और मजदूरों की सुरक्षा को लेकर बहस तेज कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते सुरक्षा उपायों को सख्ती से लागू नहीं किया गया तो भविष्य में भी इस तरह की बड़ी दुर्घटनाएं होती रहेंगी। फिलहाल पूरे चीन में इस हादसे को लेकर शोक का माहौल है। सरकार ने जांच के आदेश दे दिए हैं और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है।

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Author

  • Aparna Panwar

    अपर्णा पवांर, एक हिंदी कंटेंट राइटर है, जिन्होंने डिजिटल मीडिया में अपनी लेखनी से पहचान बनाई। आज वे “Khaber Aaj Ki” में हिंदी कंटेंट राइटर के पद पर काम करते हुए पत्रकारिता को अपना जुनून मानती हैं। उनके विचारों में खबरें केवल सूचनाएं नहीं, बल्कि लोगों तक सच्चाई पहुँचाने का माध्यम हैं।

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