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Bihar Board Marksheet: अब मार्कशीट पर नहीं लिखा जाएगा ‘फेल’, बिहार शिक्षा विभाग ने बदले नियम, जानें वजह
बिहार बोर्ड की मार्कशीट में बड़ा बदलाव
बिहार बोर्ड की मार्कशीट में बड़ा बदलाव

Bihar Board Marksheet News: बिहार में मैट्रिक और इंटरमीडिएट के लाखों छात्रों के लिए शिक्षा विभाग ने एक बड़ा फैसला लिया है। दरअसल, अब बिहार बोर्ड की मार्कशीट (Bihar Board Marksheet) और प्रमाण पत्र पर छात्रों के लिए ‘फेल’ शब्द का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। इसके बदले ‘कौशल के लिए पात्र’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया जाएगा।

राज्य सरकार का कहना है कि इस फैसले का मुख्य उद्देश्य परीक्षा में अपेक्षा के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाने वाले छात्रों का मनोबल को मजबूत बनाए रखना है।

छात्रों के प्रमाण पत्र से ‘फेल’ शब्द हटेगा

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने विकास भवन स्थित मदन मोहन सभागार में शिक्षा विभाग (Department of Education) की समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा है कि छात्रों के प्रमाण पत्र से ‘फेल’ जैसे नकारात्मक शब्द को हटाने के लिए विभागीय नियमों में जरूरी बदलाव किए जा रहे हैं। नियमों में बदलाव पूरा होने के बाद बिहार विद्यालय परीक्षा समिति यानी BSEB को इस संबंध में निर्देश जारी किए जाएंगे।

‘फेल’ होना छात्र की प्रतिभा का पैमाना नहीं

वहीं, शिक्षा मंत्री ने कहा कि किसी परीक्षा में कम अंक आना या सफल नहीं होना किसी विद्यार्थी की पूरी क्षमता को तय नहीं करता। हर बच्चे की अपनी अलग प्रतिभा और क्षमता होती है। ऐसे में परीक्षा के परिणाम को लेकर इस्तेमाल होने वाले नकारात्मक शब्द का छात्र के आत्मविश्वास पर असर पड़ सकता है।

राज्य सरकार का मानना है कि मार्कशीट पर ‘फेल’ लिखे जाने से कई बार बच्चों में निराशा और हीन भावना पैदा हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रमाण पत्र की भाषा में बदलाव करने का फैसला लिया जा रहा है। नए शब्दों के इस्तेमाल से छात्रों को अपनी आगे की पढ़ाई और करियर (Career) को लेकर सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।

कंपार्टमेंट परीक्षा की तैयारी के लिए विशेष कक्षाएं

बिहार शिक्षा विभाग (Bihar Education Department) ने उन छात्रों के लिए भी तैयारी शुरू कर दी है, जो मैट्रिक की कंपार्टमेंटल (Matriculation compartmental) या पूरक परीक्षा में शामिल होंगे। ऐसे विद्यार्थियों के लिए एक महीने तक विशेष कक्षाएं आयोजित की जाएंगी। इन कक्षाओं का उद्देश्य छात्रों को दोबारा परीक्षा के लिए बेहतर तरीके से तैयार करना है।

राज्य सरकार की कोशिश है कि जिन विद्यार्थियों को मुख्य परीक्षा में सफलता नहीं मिली, उन्हें दूसरी परीक्षा में अपनी क्षमता दिखाने का पर्याप्त अवसर मिले। विशेष कक्षाओं के माध्यम से विषयों की दोबारा तैयारी कराई जाएगी, जिससे छात्र अपनी कमजोरियों को दूर कर सकें और परीक्षा में बेहतर परिणाम हासिल कर सकें।

5 सितंबर को लॉन्च होगा ‘शिक्षक सहयोग पोर्टल’

इस समीक्षा बैठक में शिक्षक दिवस (Teacher’s Day) के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। 5 सितंबर को श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल (Shri Krishna Memorial Hall) में शिक्षक दिवस समारोह आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के द्वारा किया जाएगा।

इसी कार्यक्रम के दौरान ‘शिक्षक सहयोग पोर्टल’ (Teacher Support Portal) की शुरुआत किए जाने की जानकारी भी दी गई। इसके अलावा प्रत्येक जिले से चयनित शिक्षकों को राजकीय पुरस्कार (State Award) देकर सम्मानित किया जाएगा। शिक्षा विभाग का उद्देश्य शिक्षकों को बेहतर सुविधाएं और सहयोग उपलब्ध कराने के साथ शिक्षा व्यवस्था को पहले से काफी अधिक मजबूत करना है।

BPSC छात्रों के प्रदर्शन पर शिक्षा मंत्री का बयान

बिहार की इस शिक्षक बैठक के बाद शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बिहार लोक सेवा आयोग यानी BPSC के अभ्यर्थियों के प्रदर्शन का भी जिक्र किया है, जिसपर उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि छात्रों की जिन मांगों को लेकर आंदोलन किया जा रहा था, उनमें से कई का समाधान बिहार सरकार (Government of Bihar) की ओर से किया जा चुका है। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य बिहार के युवाओं की समस्याओं को समय रहते दूर करने की है।

तेजस्वी यादव पर भी साधा निशाना

BPSC अभ्यर्थियों के मुद्दे पर विपक्ष के बयानों को लेकर शिक्षा मंत्री ने पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि परीक्षा और शिक्षा व्यवस्था (Education System) को लेकर सुझाव देने से पहले तेजस्वी यादव को खुद सरकारी स्कूल में दाखिला लेकर दसवीं की परीक्षा पास करनी चाहिए। मंत्री का यह बयान राजनीतिक रूप से भी चर्चा में आ गया है। हालांकि, राज्य सरकार की ओर से लगातार यह कहा जा रहा है कि छात्रों की समस्याओं को लेकर बातचीत के रास्ते खुले हुए हैं।

छात्रों के लिए सरकार के दरवाजे खुले

बिहार शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी (Bihar Education Minister Mithilesh Tiwari) ने कहा कि छात्रों की समस्याओं को लेकर सरकार संवाद के लिए तैयार है। अगर किसी अभ्यर्थी की कोई समस्या या मांग अभी भी बाकी है तो वह सरकार के सामने अपनी बात रख सकता है। उन्होंने यह भी कहा है कि बिहार छात्रों को अपनी समस्याएं लेकर बातचीत के लिए आगे आना चाहिए और सरकार उनके समाधान की कोशिश करेगी।

ऐसे में देखा जाए तो बिहार बोर्ड की मार्कशीट से ‘फेल’ शब्द हटाने का फैसला इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अगर विभागीय नियमों में बदलाव लागू होता है तो आने वाले समय में BSEB की मार्कशीट और प्रमाण पत्र में छात्रों के परीक्षा परिणाम को दर्शाने के लिए नई शब्दावली दिखाई दे सकती है।

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Author

  • Aparna Panwar

    अपर्णा पवांर, एक हिंदी कंटेंट राइटर है, जिन्होंने डिजिटल मीडिया में अपनी लेखनी से पहचान बनाई। आज वे “Khaber Aaj Ki” में हिंदी कंटेंट राइटर के पद पर काम करते हुए पत्रकारिता को अपना जुनून मानती हैं। उनके विचारों में खबरें केवल सूचनाएं नहीं, बल्कि लोगों तक सच्चाई पहुँचाने का माध्यम हैं।

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