
Vietnam Boat Accident: वियतनाम में बीते कल यानी शनिवार को हुए दर्दनाक बोट हादसे के बाद पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। दरअसल, 15 भारतीय पर्यटकों की मौत के मामले में आज स्पीडबोट के कप्तान को हिरासत में लिया गया है और जांच शुरू कर कर दी गई है। वहीं, भारतीय दूतावास मृतकों के शवों को जल्द भारत लाने और घायल भारतीय के इलाज में प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में लगातार है।
बताया जा रहा है कि इस शुरुआती जांच में जलमार्ग सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की आशंका जताई गई है। ऐसे में यहां जानें इस पूरे मामले से जुड़ी हर एक पहल की खबर…
स्पीडबोट के कप्तान को पुलिस ने लिया हिरासत में
इस दर्दनाक हादसे के बाद वियतनाम पुलिस (Vietnam Police) ने 57 वर्षीय स्पीडबोट कप्तान गुयेन होंग हाई को आज पुलिस हिरासत में लिया गया है। बताया जा रहा है कि कप्तान पर जलमार्ग सुरक्षा नियमों (Waterway Safety Regulations) का पालन नहीं करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि हादसा मानवीय लापरवाही (Human Negligence) की वजह से हुआ या इसके पीछे कोई तकनीकी खराबी या अन्य कारण तो नहीं था।
वहीं, स्थानीय प्रशासन ने पूरे मामले को गंभीर मानते हुए आपराधिक जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान बोट की तकनीकी स्थिति, सुरक्षा उपकरण, चालक की जिम्मेदारी और हादसे के समय समुद्र की स्थिति की भी जांच की जा रही है।
किनारे से 400 मीटर दूर पलट गई थी नाव
जानकारी के लिए बता दें कि यह दर्दनाक हादसा शनिवार को फु क्वोक द्वीप के पास हुआ था। जानकारी के मुताबिक स्पीडबोट में 32 भारतीय पर्यटक और 4 क्रू सदस्य सवार थे। बोट समुद्र में किनारे से करीब 400 मीटर की दूरी पर पहुंची ही थी कि अचानक तेज लहरों की चपेट में आकर पलट गई।
इस हादसे के बाद आस-पास में अफरा-तफरी मच गई। राहत और बचाव दल ने तुरंत अभियान शुरू किया। इस दौरान 16 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि 15 भारतीय पर्यटकों की डूबने से मौत हो गई। एक घायल पर्यटक का इलाज अभी भी वियतनाम के अस्पताल में चल रहा है और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
कंपनी की बिजनेस ट्रिप पर गए थे सभी भारतीय
बताया जा रहा है कि सभी भारतीय एक मोबाइल कंपनी की ओर से आयोजित बिजनेस ट्रिप (Business Trip) पर वियतनाम पहुंचे थे। पर्यटकों को द्वीपों की सैर (Island Hopping) कराने के लिए अलग-अलग नावों में भेजा जा रहा था।
पहली नाव जैसे ही समुद्र में आगे बढ़ी, वह तेज लहरों की चपेट में आकर पलट गई। इस हादसे ने पूरे भारत को झकझोर दिया है। जब से यह खबर भारतीयों को मिली है, जब से मृतकों के परिजनों में शोक की लहर है और सरकार लगातार उनके संपर्क में बनी हुई है।

भारतीय दूतावास ने तेज की शवों को भारत लाने की प्रक्रिया
भारतीय दूतावास (Embassy of India) ने बताया कि हादसे में जान गंवाने वाले सभी 15 भारतीयों के शवों को पहले हो ची मिन्ह सिटी (Chi Minh City) ले जाया गया है। वहां जरूरी कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इसके बाद विशेष विमान के जरिए शवों को भारत भेजा जाएगा।
वहीं, दूतावास के अधिकारी वियतनाम प्रशासन (Vietnam Administration) के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए हैं ताकि सभी औपचारिकताएं जल्द पूरी की जा सकें। साथ ही घायल भारतीय पर्यटक के सही तरह से इलाज की सुविधा प्राप्त हो इस पर भी नजर रखी जा रही है।
तमिलनाडु, केरल और आंध्र प्रदेश के थे मृतक
भारतीय दूतावास के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वाले 15 भारतीयों में तमिलनाडु के 10, केरल के 2 और आंध्र प्रदेश के 3 लोग शामिल हैं। मृतकों में तमिलनाडु के डिंडिगुल जिले के पलानी निवासी मुरुगा प्रभु भी शामिल हैं। उनके परिजनों ने बताया है कि भारतीय दूतावास ने उन्हें हादसे की जानकारी दी और शव भारत लाने की पूरी प्रक्रिया में भी मदद की जा रही है।
वियतनाम सरकार ने दिए जांच के सख्त आदेश
वियतनाम के उप प्रधानमंत्री फाम जिया डुक ने कहा कि प्रधानमंत्री के सख्त निर्देश पर हादसे के कारणों की तत्काल जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने पीड़ितों के परिवारों को हरसंभव सहायता देने के निर्देश जारी किए है और साथ ही इसे पीछे के कारणों को पता लगने की कार्रवाई भी शुरू करने के निर्देश दिए हैं। वियतनाम सरकार (Vietnam Government) ने अपने विदेश मंत्रालय को भारतीय दूतावास के साथ मिलकर सभी जरूरी कार्य पूरे करने और भारतीय नागरिकों से जुड़े मामलों को प्राथमिकता देने का आदेश दिया है।
तमिलनाडु सरकार ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
इस हादसे के बाद तमिलनाडु सरकार (Government of Tamil Nadu) भी सक्रिय हो गई है। सरकार ने पुनर्वास विभाग के अधिकारियों को प्रभावित परिवारों की हरसंभव मदद करने के निर्देश दिए हैं।
इसके अलावा, राज्य सरकार ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं और वियतनाम में मौजूद तमिल संगठनों से भी संपर्क किया है, ताकि हादसे से प्रभावित लोगों और उनके परिवारों तक जल्द सहायता पहुंचाई जा सके।
लाइफ जैकेट पहनने के बावजूद कैसे गई जान?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कई यात्रियों ने लाइफ जैकेट (Life jacket) पहन रखी थी। इसके बाद भी तेज लहरों, अचानक बोट पलटने और समुद्र में बने मुश्किल हालात के कारण कई लोग खुद को सुरक्षित नहीं बचा सके। ऐसे में अब जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि बोट में सुरक्षा इंतजाम पर्याप्त थे या नहीं और आपात स्थिति में बचाव के नियमों का सही तरीके से पालन किया गया था या नहीं।






