
Maharashtra TET Paper Leak: महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (MAHA TET) 2026 पेपर लीक मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। इस बीच जांच एजेंसियों के सामने ऐसे कई तथ्य आए हैं, जिनसे यह मामला केवल महाराष्ट्र तक सीमित नहीं बल्कि एक कथित अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़ा दिखाई दे रहा है। पुलिस का दावा है कि इस पूरे नेटवर्क के पीछे बिहार के समस्तीपुर निवासी ब्रजेंद्र (या बिजेंद्र) गुप्ता की अहम भूमिका हो सकती है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक वह पुलिस की गिरफ्त से बाहर है और उसकी तलाश जारी है। कई मीडिया रिपोर्टों के अनुसार महाराष्ट्र पुलिस की विशेष टीमें दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और बिहार में लगातार छापेमारी कर रही हैं। यह मामला तब सामने आया जब 28 जून को होने वाली महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा से ठीक पहले पुलिस ने भिवंडी इलाके में छापेमारी कर कथित तौर पर परीक्षा प्रश्नपत्र से मिलती-जुलती सामग्री बरामद की। इसके बाद परीक्षा स्थगित कर दी गई, जिससे लगभग छह लाख अभ्यर्थी प्रभावित हुए।
तीन आरोपी गिरफ्तार, जांच का दायरा बढ़ा
पुलिस ने शुरुआती कार्रवाई में तीन लोगों को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान जांच अधिकारियों के सामने ब्रजेंद्र गुप्ता का नाम सामने आया। इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी। पुलिस का मानना है कि गिरफ्तार आरोपियों से मिले इनपुट के आधार पर पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। जांच एजेंसियों का कहना है कि यह मामला केवल एक प्रश्नपत्र लीक तक सीमित नहीं है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस कथित गिरोह का संबंध अन्य भर्ती परीक्षाओं से भी रहा है या नहीं।
कई राज्यों में छापेमारी
महाराष्ट्र पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने कई राज्यों में अभियान शुरू किया है। पुलिस टीमें बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली में संदिग्ध ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। जांच अधिकारियों का कहना है कि नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान की जा रही है और डिजिटल रिकॉर्ड, मोबाइल फोन तथा वित्तीय लेन-देन की भी जांच की जा रही है।
सोशल मीडिया से दूर रहता है आरोपी
जांच एजेंसियों के अनुसार, ब्रजेंद्र गुप्ता सोशल मीडिया पर लगभग सक्रिय नहीं रहता। यही वजह है कि उसकी गतिविधियों का पता लगाना जांच अधिकारियों के लिए चुनौती बना हुआ है। पुलिस का कहना है कि वह लगातार अपना ठिकाना बदलता रहता है, जिससे उसकी गिरफ्तारी आसान नहीं हो पा रही है। जांच एजेंसियां उसके मोबाइल नेटवर्क, बैंक खातों और अन्य संपर्कों की भी जांच कर रही हैं।
पुराने मामलों की भी हो रही जांच
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी का संबंध पहले हुए अन्य परीक्षा लीक मामलों से भी रहा है। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि उसका नाम पूर्व के परीक्षा घोटालों में भी सामने आया था। हालांकि इन मामलों में उसकी कानूनी स्थिति और अदालतों में क्या निष्कर्ष निकले, इसकी अलग से जांच की जा रही है। इसलिए जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
समस्तीपुर से जुड़ा है आरोपी
जांच के अनुसार ब्रजेंद्र गुप्ता बिहार के समस्तीपुर जिले का रहने वाला है। बताया जाता है कि वह चार भाइयों में सबसे छोटा है। स्थानीय लोगों और परिवार के सदस्यों के हवाले से मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि वह कई वर्षों से गांव नहीं आया है। परिवार का दावा है कि उनका उससे लंबे समय से कोई संपर्क नहीं है और वे उसकी गतिविधियों के बारे में जानकारी नहीं रखते।
वित्तीय लेन-देन की जांच
SIT अब इस कथित नेटवर्क के आर्थिक पहलुओं की भी जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि प्रश्नपत्र बेचने के लिए कितनी रकम तय की गई थी, पैसा किन खातों में गया और इसमें किन लोगों की भूमिका रही। कुछ रिपोर्टों के अनुसार कथित तौर पर प्रश्नपत्र को बड़ी रकम में बेचने की योजना बनाई गई थी।
परीक्षा रद्द होने से लाखों अभ्यर्थी प्रभावित
पेपर लीक की आशंका सामने आने के बाद महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद ने परीक्षा स्थगित कर दी। इस फैसले से लगभग छह लाख अभ्यर्थियों को झटका लगा, जिन्होंने महीनों तक तैयारी की थी। परिषद ने स्पष्ट किया है कि नई परीक्षा तिथि जल्द घोषित की जाएगी और उम्मीदवारों को दोबारा आवेदन शुल्क जमा नहीं करना होगा। नए एडमिट कार्ड जारी किए जाएंगे।
विधानसभा में भी गूंजा मामला
महाराष्ट्र विधानसभा में भी यह मुद्दा जोर-शोर से उठा। विपक्षी दलों ने सरकार पर परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित रखने में विफल रहने का आरोप लगाया और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। सरकार ने सदन में कहा कि मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आगे क्या?
फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता फरार आरोपियों को गिरफ्तार करना और पूरे कथित नेटवर्क का खुलासा करना है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि कहीं यह गिरोह अन्य राज्यों की भर्ती परीक्षाओं में भी सक्रिय तो नहीं था। अधिकारियों का कहना है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, कई और अहम खुलासे हो सकते हैं।
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