
PM Modi Seychelles Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को सेशेल्स के 50वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि (Guest of Honour) के रूप में हिस्सा लिया। यह पहली बार है जब किसी भारतीय प्रधानमंत्री को सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि बनने का सम्मान मिला। इस अवसर पर भारतीय नौसेना और भारतीय सेना की संयुक्त सैन्य टुकड़ी ने भव्य परेड में हिस्सा लिया, जिसने समारोह में मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया। प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा केवल एक औपचारिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रही, बल्कि भारत और सेशेल्स के बीच दशकों पुराने संबंधों को नई मजबूती देने की दिशा में भी अहम मानी जा रही है। यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री ने सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के साथ द्विपक्षीय वार्ता की, जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, डिजिटल विकास, रक्षा, समुद्री सुरक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा और कौशल विकास जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
ऐतिहासिक अवसर पर भारत की विशेष मौजूदगी
सेशेल्स इस वर्ष अपनी आजादी के 50 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहा है। इस स्वर्ण जयंती समारोह में दुनिया के कई देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाना भारत और सेशेल्स के मजबूत संबंधों का प्रतीक माना जा रहा है।समारोह के दौरान भारतीय सैन्य टुकड़ी ने मार्च पास्ट में हिस्सा लिया। परेड में भारतीय सैनिकों की अनुशासित प्रस्तुति की लोगों ने खूब सराहना की। समारोह में सेशेल्स की सैन्य टुकड़ियों के साथ भारत की भागीदारी ने दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग की गहराई को भी दर्शाया।
राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी से हुई अहम मुलाकात
राष्ट्रीय दिवस समारोह से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के साथ विस्तृत द्विपक्षीय बैठक की। दोनों नेताओं ने भारत-सेशेल्स संबंधों की समीक्षा की और भविष्य में सहयोग के नए क्षेत्रों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक के दौरान दोनों देशों ने विकास, सुरक्षा और आर्थिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
कई अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति
बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने, शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने, डिजिटल परिवर्तन, ई-गवर्नेंस, सामाजिक बुनियादी ढांचे के विकास और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं पर विशेष चर्चा हुई। इसके अलावा समुद्री सुरक्षा और रक्षा सहयोग को भी दोनों देशों ने प्राथमिकता दी। हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ती रणनीतिक चुनौतियों को देखते हुए दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा में आपसी समन्वय और सूचना साझा करने पर जोर दिया।
हिंद महासागर में भारत की रणनीतिक भूमिका
विशेषज्ञों का मानना है कि सेशेल्स हिंद महासागर क्षेत्र में भारत का एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार है। भारत लंबे समय से इस द्वीपीय देश को समुद्री सुरक्षा, तटरक्षक बल के प्रशिक्षण, रक्षा उपकरण, तटीय निगरानी प्रणाली और क्षमता निर्माण में सहयोग देता रहा है। प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की ‘MAHASAGAR (Mutual and Holistic Advancement for Security and Growth Across Regions)’ दृष्टि और क्षेत्रीय साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
भारत और सेशेल्स के रिश्तों का लंबा इतिहास
भारत और सेशेल्स के बीच संबंध कई दशकों पुराने हैं। दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और जन-जन के रिश्ते काफी मजबूत हैं। सेशेल्स में भारतीय मूल के लोगों की अच्छी-खासी आबादी रहती है, जिन्होंने वहां के सामाजिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। भारत ने समय-समय पर सेशेल्स को स्वास्थ्य, शिक्षा, बुनियादी ढांचे और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में भी सहयोग दिया है।
डिजिटल और विकास परियोजनाओं पर रहेगा फोकस
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति हर्मिनी की बैठक में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल भुगतान, ई-गवर्नेंस और तकनीकी सहयोग को बढ़ाने पर भी सहमति बनी। भारत ने पिछले कुछ वर्षों में डिजिटल क्षेत्र में जो अनुभव हासिल किया है, उसे सेशेल्स के साथ साझा करने की दिशा में दोनों देशों ने आगे बढ़ने का फैसला किया।
नवीकरणीय ऊर्जा और जलवायु परिवर्तन पर चर्चा
बैठक के दौरान जलवायु परिवर्तन और स्वच्छ ऊर्जा भी प्रमुख मुद्दों में शामिल रहे। दोनों देशों ने सौर ऊर्जा, हरित ऊर्जा परियोजनाओं और सतत विकास के लिए मिलकर काम करने की इच्छा जताई। छोटे द्वीपीय देशों पर जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए भारत ने सेशेल्स के साथ सहयोग जारी रखने का भरोसा भी दिया।
भारतीय समुदाय से भी मिले प्रधानमंत्री
सेशेल्स दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने वहां रह रहे भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की। उन्होंने भारतीय समुदाय के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि प्रवासी भारतीय दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और सामाजिक संबंधों की मजबूत कड़ी हैं। उन्होंने भारत और सेशेल्स की दोस्ती को और मजबूत बनाने में भारतीय समुदाय की भूमिका की भी प्रशंसा की।
कई समझौतों की उम्मीद
इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौतों और सहयोग संबंधी दस्तावेजों पर भी सहमति बनने की संभावना जताई गई। इनका उद्देश्य व्यापार, निवेश, समुद्री सहयोग, शिक्षा, स्वास्थ्य और तकनीकी साझेदारी को और विस्तार देना है।
भारत की विदेश नीति के लिए अहम यात्रा
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा केवल एक राष्ट्रीय दिवस समारोह में भाग लेने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की सक्रिय विदेश नीति और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। सेशेल्स जैसे छोटे लेकिन रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण देश के साथ संबंधों को मजबूत करना भारत की क्षेत्रीय सुरक्षा और आर्थिक हितों के लिए भी अहम माना जा रहा है।
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