
Arunachal Flood: अरुणाचल प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचा दी है। पिछले 48 घंटों से जारी बारिश के कारण राज्य के कई जिलों में बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित कीई पन्योर (Keyi Panyor) जिला रहा, जहां अचानक आई फ्लैश फ्लड ने कई घरों, सड़कों और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है, जबकि चार लोग अब भी लापता हैं। 17 लोगों के घायल होने की भी पुष्टि हुई है। राहत और बचाव कार्य के लिए SDRF, NDRF, स्थानीय प्रशासन और भारतीय वायुसेना की टीमें लगातार अभियान चला रही हैं। राज्य सरकार के अनुसार, सबसे ज्यादा नुकसान याजाली सर्कल के पूसा (पोसा) स्थित NEEPCO परियोजना कॉलोनी और आसपास के क्षेत्रों में हुआ है। तेज बारिश के कारण अचानक पानी का बहाव इतना बढ़ गया कि देखते ही देखते कई मकान और वाहन पानी में बह गए। कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि कुछ लोग अब भी राहत शिविरों में रह रहे हैं।
48 घंटे की बारिश बनी आफत
मौसम विभाग के अनुसार, पिछले दो दिनों से लगातार भारी वर्षा होने के कारण अरुणाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। कीई पन्योर जिले के याजाली क्षेत्र में अचानक आई फ्लैश फ्लड ने सबसे ज्यादा तबाही मचाई। तेज पानी के बहाव से निर्माणाधीन रिटेनिंग वॉल ढह गई, जिसके बाद पानी सीधे NEEPCO कॉलोनी और आसपास के निचले इलाकों में घुस गया। देखते ही देखते कई मकान जलमग्न हो गए और लोगों को अपनी जान बचाने के लिए घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागना पड़ा।
एक की मौत, चार लोग अब भी लापता
प्रशासन ने बताया कि हादसे में एक महिला शिक्षक की मौत हुई है, जिनका शव बचाव अभियान के दौरान बरामद किया गया। वहीं चार लोग अब भी लापता हैं, जिनकी तलाश लगातार जारी है। इस हादसे में 17 लोग घायल हुए हैं। इनमें से कुछ की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें लोअर सुबनसिरी जिले के जीरो अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टर लगातार घायलों का इलाज कर रहे हैं।
कई मकान हुए क्षतिग्रस्त
फ्लैश फ्लड और भूस्खलन के कारण NEEPCO कॉलोनी के कम से कम 18 से 20 आवासीय भवन क्षतिग्रस्त हो गए। कई वाहन भी पानी और मलबे में दब गए। कुछ स्थानीय रिपोर्टों में 50 से अधिक घर प्रभावित होने की बात कही गई है, लेकिन प्रशासन फिलहाल आधिकारिक सर्वेक्षण के बाद ही अंतिम आंकड़ा जारी करेगा। नुकसान का आकलन अभी भी जारी है।
भूस्खलन से सड़क संपर्क टूटा
भारी बारिश के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग-13 सहित कई प्रमुख सड़कों पर भूस्खलन हुआ है। कई स्थानों पर मलबा जमा होने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। पूर्वी कामेंग, पाक्के केसांग, लोअर सुबनसिरी, अपर सुबनसिरी, कुरुंग कुमे, कामले और अन्य जिलों का सड़क संपर्क भी प्रभावित हुआ है। कई यात्री घंटों तक रास्ते में फंसे रहे। BRO और स्थानीय प्रशासन सड़कें साफ करने में जुटे हैं।
SDRF, NDRF और वायुसेना ने संभाला मोर्चा
राज्य सरकार ने राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया है। SDRF की कई टीमें प्रभावित इलाकों में लगातार खोज अभियान चला रही हैं। NDRF को भी मौके पर भेजा गया है। खराब मौसम और दुर्गम पहाड़ी रास्तों के कारण राहत कार्य में कठिनाई आ रही है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारतीय वायुसेना की भी मदद ली गई। वायुसेना के हेलीकॉप्टरों के जरिए राहत सामग्री, रबर बोट और बचावकर्मियों को प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचाया गया। कई फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भी पहुंचाया गया।
प्रशासन लगातार कर रहा निगरानी
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव दानी सुलू ने बताया कि जिला प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अतिरिक्त उपायुक्त, पुलिस अधिकारी और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में भेजा गया है। प्रशासन लोगों से अपील कर रहा है कि वे नदी किनारे और भूस्खलन संभावित इलाकों से दूर रहें तथा केवल सरकारी सलाह का पालन करें। मौसम सामान्य होने तक अनावश्यक यात्रा से बचने की भी सलाह दी गई है।
असम में भी बढ़ा खतरा
अरुणाचल प्रदेश में लगातार बारिश का असर पड़ोसी राज्य असम पर भी दिखाई देने लगा है। ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका के चलते असम सरकार ने कई जिलों में हाई अलर्ट जारी किया है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
मुख्यमंत्री ने जताया दुख
मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि राज्य सरकार हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगी। उन्होंने अधिकारियों को राहत कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने और प्रभावित लोगों तक जल्द से जल्द सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी घटना पर दुख जताते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
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