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PM Modi in Norway: भारत-नॉर्डिक रिश्तों पर पीएम मोदी का बड़ा संदेश: ‘मुश्किल वक्त में साथ खड़े हैं दोनों देश’
Current image: PM Modi in Norway

PM Modi in Norway: नॉर्वे में आयोजित इंडिया-नॉर्डिक समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और नॉर्डिक देशों के बीच मजबूत हो रहे रिश्तों पर बड़ा संदेश दिया है। जिसमें पीएम मोदी ने कहा कि दोनों पक्ष मुश्किल समय में एक-दूसरे के साथ खड़े हैं और भविष्य में सहयोग और भी मजबूत होगा। साथ ही व्यापार, निवेश, टेक्नोलॉजी, ग्रीन एनर्जी और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में बढ़ते सहयोग को सराहा मिलेगा। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि भारत और नॉर्डिक देश मिलकर वैश्विक चुनौतियों का समाधान कर सकते हैं और शांति, विकास व स्थिरता के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।

भारत-नॉर्डिक रिश्तों को बताया भविष्य की साझेदारी

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा है कि भारत और नॉर्डिक देशों के बीच संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। जिसमें दोनों पक्ष लोकतंत्र, कानून और नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था में भरोसा रखते हैं। यही वजह है कि दोनों के बीच सहयोग तेजी से बढ़ रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, क्लीन एनर्जी और सस्टेनेबिलिटी जैसे सेक्टर आने वाले समय में भारत और नॉर्डिक देशों की साझेदारी को और मजबूत करेंगे। जिसके बाद उन्होंने याद दिलाया कि करीब आठ साल पहले इंडिया-नॉर्डिक सहयोग मंच की शुरुआत इसी सोच के साथ की गई थी।

व्यापार और निवेश में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले दस सालों में भारत और नॉर्डिक देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग चार गुना बढ़ चुका है। इसके अलावा नॉर्डिक देशों का भारत में निवेश भी करीब 200% तक बढ़ा है। साथ ही, नॉर्डिक निवेश फंड भारत की तेज आर्थिक वृद्धि में अहम योगदान दे रहे हैं। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि अक्टूबर 2025 से नॉर्वे और बाकी EFTA देशों के साथ ट्रेड एंड इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट लागू हो चुका है। इससे दोनों क्षेत्रों के बीच व्यापार और निवेश को नई गति मिलेगी। प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित फ्री ट्रेड डील भी आर्थिक संबंधों को और मजबूत बनाएगी।

AI, स्टार्टअप और स्पेस टेक्नोलॉजी पर फोकस

इंडिया-नॉर्डिक समिट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्टार्टअप, रक्षा उत्पादन, क्लाइमेट चेंज, क्लीन एनर्जी और स्पेस टेक्नोलॉजी जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा हुई। पीएम मोदी ने कहा कि भारत तेजी से डिजिटल और टेक्नोलॉजी हब बन रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम दुनिया में अपनी अलग पहचान बना चुका है और नॉर्डिक देशों के साथ मिलकर नई तकनीकों पर काम करने की बड़ी संभावनाएं हैं। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ग्रीन टेक्नोलॉजी को भविष्य की जरूरत बताते हुए कहा कि भारत इन क्षेत्रों में वैश्विक साझेदारी बढ़ाने के लिए तैयार है।

ग्रीन एनर्जी में नॉर्वे की तारीफ

प्रधानमंत्री मोदी ने नॉर्वे की साफ ऊर्जा और समुद्री तकनीक में वैश्विक नेतृत्व की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत भी ग्रीन एनर्जी और ग्रीन ट्रांजिशन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत ने सोलर एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन और रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में कई बड़े कदम उठाए हैं। नॉर्डिक देशों के अनुभव और तकनीक से भारत को काफी फायदा हो सकता है। पीएम मोदी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए दुनिया को मिलकर काम करना होगा और भारत इस दिशा में पूरी जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ रहा है।

दुनिया में शांति की जरूरत पर दिया बड़ा संदेश

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में मिडिल ईस्ट और दुनिया के दूसरे हिस्सों में जारी संघर्षों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वैश्विक तनाव और युद्ध किसी के हित में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि भारत और नॉर्डिक देश हमेशा नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था का समर्थन करते रहेंगे। पीएम मोदी ने यूक्रेन और पश्चिम एशिया समेत कई क्षेत्रों में जारी संघर्षों को जल्द खत्म करने की अपील की। प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया को इस समय शांति, संवाद और सहयोग की सबसे ज्यादा जरूरत है। उन्होंने कहा कि मुश्किल समय में भारत और नॉर्डिक देश मिलकर काम करते रहेंगे।

आतंकवाद पर भारत का सख्त संदेश

पीएम मोदी ने आतंकवाद के मुद्दे पर भी कड़ा रुख दिखाया है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति पूरी तरह साफ है। उन्होंने दोहराया कि भारत “नो कम्प्रोमाइज और नो डबल स्टैंडर्ड” की नीति पर कायम रहेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ पूरी दुनिया को एकजुट होकर कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी रूप में आतंकवाद को समर्थन नहीं मिलना चाहिए और वैश्विक सुरक्षा के लिए यह बेहद जरूरी है।

भारत-नॉर्डिक सहयोग से बढ़ेंगी नई संभावनाएं

एक्सपर्ट्स का कहना है कि इंडिया-नॉर्डिक समिट भारत के लिए आर्थिक और रणनीतिक दोनों स्तर पर काफी अहम साबित हो सकती है। जिनमें नॉर्डिक देश टेक्नोलॉजी, क्लीन एनर्जी, रिसर्च और इनोवेशन में दुनिया के अग्रणी देशों में गिने जाते हैं।

भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और बड़े बाजार के साथ नॉर्डिक देशों की तकनीकी क्षमता दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। आने वाले वर्षों में ग्रीन एनर्जी, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, डिजिटल टेक्नोलॉजी और रक्षा उत्पादन में साझेदारी और मजबूत होने की उम्मीद है।

ये भी पढ़ें: Putin India Visit: मिडिल ईस्ट संकट के बीच भारत आएंगे पुतिन, BRICS समिट में होंगे शामिल

Author

  • Aparna Panwar

    अपर्णा पवांर, एक हिंदी कंटेंट राइटर है, जिन्होंने डिजिटल मीडिया में अपनी लेखनी से पहचान बनाई। आज वे “Khaber Aaj Ki” में हिंदी कंटेंट राइटर के पद पर काम करते हुए पत्रकारिता को अपना जुनून मानती हैं। उनके विचारों में खबरें केवल सूचनाएं नहीं, बल्कि लोगों तक सच्चाई पहुँचाने का माध्यम हैं।

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