
PM Modi Sweden Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों अपने यूरोप दौरे के दूसरे चरण में स्वीडन पहुंचे, जहां उनका भव्य और ऐतिहासिक स्वागत किया गया। बता दें की आज रविवार, 17 मई को जैसे ही पीएम मोदी का विमान स्वीडन के गोथेनबर्ग एयरपोर्ट की ओर बढ़ा, स्वीडिश वायुसेना के ग्रिपेन लड़ाकू विमानों ने उनके विमान को सुरक्षा घेरा प्रदान किया। जिसमें यह कदम केवल सुरक्षा नहीं बल्कि कूटनीतिक सम्मान का भी प्रतीक माना जाता है। ऐसे में किसी भी राष्ट्राध्यक्ष के विमान को इस तरह एस्कॉर्ट करना मेजबान देश की ओर से अत्यंत उच्च स्तर का सम्मान दर्शाता है।
एयरपोर्ट पर खुद पहुंचे स्वीडन के प्रधानमंत्री
जानकारी के लिए बता दें की गोथेनबर्ग एयरपोर्ट पर एक और खास दृश्य देखने को मिला जब स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन स्वयं पीएम मोदी के स्वागत के लिए पहुंचे। सामान्यतः इस स्तर पर एयरपोर्ट पर किसी देश का प्रधानमंत्री किसी विदेशी नेता का स्वागत नहीं करता, लेकिन इस बार स्वीडन ने भारत के प्रधानमंत्री को खास सम्मान दिया है। जिससे दोनों नेताओं की यह मुलाकात भारत और स्वीडन के मजबूत होते रिश्तों की गहराई को दर्शाती है।
पीएम मोदी को मिला ‘रॉयल ऑर्डर ऑफ पोलर स्टार’ सम्मान
स्वीडन सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के सबसे प्रतिष्ठित राजकीय सम्मानों में से एक ‘रॉयल ऑर्डर ऑफ पोलर स्टार’ (कमांडर ग्रैंड क्रॉस) से सम्मानित किया है। जिसमें यह सम्मान उन विदेशी नेताओं को दिया जाता है जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय संबंधों, सहयोग और वैश्विक साझेदारी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया हो। साथ ही, पीएम मोदी को यह सम्मान भारत और स्वीडन के बीच बढ़ते सहयोग, वैश्विक साझेदारी और रणनीतिक संबंधों को नई दिशा देने के लिए प्रदान किया गया है। यह सम्मान पीएम मोदी के लिए एक और बड़ी उपलब्धि है, और यह उनका 31वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान बन गया है।
भारत-स्वीडन संबंधों को मिली नई मजबूती
बता दें की इस दौरे के दौरान दोनों देशों के नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा की। भारत और स्वीडन के बीच संबंध अब केवल व्यापार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि तकनीक, रक्षा, जलवायु और नवाचार जैसे क्षेत्रों में भी गहराई से बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी इससे पहले वर्ष 2018 में स्वीडन गए थे, जब पहला भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन आयोजित हुआ था। लगभग सात साल बाद यह दौरा दोनों देशों के संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ रहा है।
A short while ago, I was conferred with the ‘Royal Order of the Polar Star, Degree Commander Grand Cross.’ This is not just an honour for me, but for the 140 crore people of India. It’s equally a tribute to all our friends in Sweden who have enriched India-Sweden relations and… pic.twitter.com/5AKtEAbqIe
— Narendra Modi (@narendramodi) May 17, 2026
भारतीय समुदाय से मुलाकात और सांस्कृतिक झलक
स्वीडन पहुंचने के बाद पीएम मोदी ने वहां रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात की। इस दौरान कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति की झलक भी देखने को मिली। जिसके बाद स्वीडिश ओपेरा सिंगर शार्लोटा हुल्ड ने प्रसिद्ध भजन ‘वैष्णव जन तो’ प्रस्तुत किया, जिसने कार्यक्रम को भावनात्मक बना दिया। इसके अलावा भरतनाट्यम नृत्य की प्रस्तुति ने भारतीय परंपरा की सुंदरता को दुनिया के सामने रखा। कार्यक्रम में बंगाली संस्कृति की भी झलक देखने को मिली, जिसे पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर सराहा। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति दुनिया भर में अपनी पहचान बना चुकी है और स्वीडन भी इससे अछूता नहीं है।
भारत-स्वीडन के बीच अहम मुद्दों पर चर्चा
पीएम मोदी और स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन के बीच उच्च स्तरीय वार्ता हुई, जिसमें कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर चर्चा की गई है ।
व्यापार और निवेश: अब दोनों देशों के बीच व्यापार तेजी से बढ़ रहा है और यह 2025 में लगभग 7.75 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है। इसे और बढ़ाने पर सहमति बनी।
हरित ऊर्जा (Green Energy): सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और पर्यावरण-अनुकूल तकनीक पर संयुक्त काम करने पर जोर दिया गया।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और टेक्नोलॉजी: अब दोनों देश AI और नई तकनीकों में साझेदारी बढ़ाने पर सहमत हुए।
रक्षा सहयोग: भारत और स्वीडन के बीच रक्षा उद्योग और सैन्य तकनीक में सहयोग को मजबूत करने पर बात हुई।
अंतरिक्ष (Space Cooperation): स्पेस रिसर्च और तकनीकी साझेदारी को बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।
स्टार्टअप और इनोवेशन: युवा उद्यमियों और स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन देने के लिए संयुक्त पहल पर विचार किया गया।
सप्लाई चेन और ग्लोबल इकोनॉमी: वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत और सुरक्षित बनाने पर दोनों देशों ने सहमति जताई।
जलवायु परिवर्तन: बदलते मौसम और पर्यावरण संकट से निपटने के लिए संयुक्त प्रयासों पर जोर दिया गया।
दोनों नेताओं के बयान
पीएम मोदी ने स्वीडिश भाषा में सोशल मीडिया पोस्ट कर प्रधानमंत्री क्रिस्टरसन का धन्यवाद किया है। जिसमें उन्होंने कहा कि यह यात्रा व्यापार, निवेश, नवाचार और रक्षा जैसे क्षेत्रों में नए अवसर खोलेगी। वहीं स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन ने लिखा की, “मेरे मित्र, स्वीडन में आपका हार्दिक स्वागत है। दो लोकतंत्र, एक मजबूत साझेदारी।”
भारत की वैश्विक कूटनीति को मिला बढ़ावा
दरसल यह दौरा भारत की बढ़ती वैश्विक कूटनीतिक ताकत को भी दर्शाता है। एक तरफ जहां पीएम मोदी को उच्चतम सम्मान मिला, वहीं दूसरी ओर भारत और स्वीडन के बीच कई रणनीतिक क्षेत्रों में साझेदारी मजबूत हुई।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह दौरा भारत को यूरोप में और अधिक मजबूत स्थिति दिलाने में मदद करेगा, जिसमें खासकर तकनीक और ग्रीन एनर्जी।
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