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UPSC Prelims :पहली बार में यूपीएससी क्लियर करना क्यों होता है मुश्किल? IAS वैशाली ने बताए बड़े कारण
Current image: UPSC Civil Service Prelims

UPSC Prelims : संघ लोक सेवा आयोग यानी UPSC की परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिनी जाती है. हर साल लाखों छात्र IAS, IPS और अन्य सिविल सेवाओं में जाने का सपना लेकर इस परीक्षा का फॉर्म भरते हैं, लेकिन बहुत कम अभ्यर्थी पहले ही प्रयास में सफलता हासिल कर पाते हैं. सबसे बड़ी चुनौती UPSC Prelims को पास करना होती है. कई उम्मीदवार सालों तक तैयारी करने के बाद भी इस पहले चरण में ही बाहर हो जाते हैं. आखिर ऐसा क्यों होता है? कहां गलती हो जाती है? इसी सवाल का जवाब UPSC 2018 की टॉपर वैशाली सिंह ने अपनी तैयारी की रणनीति और अनुभव के जरिए दिया है.

UPSC का पहला पड़ाव सबसे कठिन

IAS बनने के लिए उम्मीदवारों को तीन चरणों की परीक्षा से गुजरना पड़ता है.

  • प्रीलिम्स
  • मेंस
  • इंटरव्यू

इन तीनों में सबसे पहला चरण प्रीलिम्स होता है. अगर कोई उम्मीदवार प्रीलिम्स पास नहीं कर पाता, तो वह अगले चरण तक नहीं पहुंच सकता. यही वजह है कि प्रीलिम्स को UPSC की सबसे अहम सीढ़ी माना जाता है.

लाखों छात्र देते हैं परीक्षा

हर साल देशभर से लाखों छात्र UPSC सिविल सेवा परीक्षा के लिए आवेदन करते हैं. लेकिन आंकड़े बताते हैं कि इनमें से बहुत कम उम्मीदवार प्रीलिम्स पास कर पाते हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि कई छात्र मेहनत तो बहुत करते हैं, लेकिन सही दिशा में तैयारी नहीं कर पाते.

IAS वैशाली सिंह ने बताया सबसे बड़ा कारण

UPSC 2018 में ऑल इंडिया रैंक 8 हासिल करने वाली IAS वैशाली सिंह का कहना है कि पहली कोशिश में असफल होने की सबसे बड़ी वजह “गलत रणनीति” होती है. उनके मुताबिक कई छात्र बहुत ज्यादा किताबें पढ़ने लगते हैं और रिवीजन पर ध्यान नहीं देते. वैशाली सिंह मानती हैं कि UPSC की तैयारी में कम किताबें और ज्यादा रिवीजन सफलता की सबसे अहम कुंजी हो सकती है.

“कम पढ़ो, लेकिन बार-बार पढ़ो”

IAS वैशाली सिंह का कहना है कि कई अभ्यर्थी हर विषय के लिए अलग-अलग किताबें जुटा लेते हैं. इससे उनका फोकस बंट जाता है और आखिर में कुछ भी अच्छी तरह याद नहीं रह पाता. उनके अनुसार अगर उम्मीदवार सीमित स्टडी मटेरियल पर ध्यान दें और उसी को कई बार रिवाइज करें, तो कॉन्सेप्ट ज्यादा अच्छे से समझ आते हैं. यही रणनीति उन्होंने अपनी तैयारी के दौरान अपनाई थी.

रिवीजन की कमी बनती है बड़ी गलती

विशेषज्ञों का कहना है कि UPSC प्रीलिम्स में सवाल सीधे किताबों से नहीं आते. सवालों का स्तर ऐसा होता है जहां उम्मीदवार की समझ और कॉन्सेप्ट क्लियरिटी को परखा जाता है. अगर किसी छात्र ने सिर्फ पढ़ाई की है लेकिन रिवीजन नहीं किया, तो परीक्षा के समय जानकारी याद रखना मुश्किल हो जाता है. यही वजह है कि रिवीजन को तैयारी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है.

इस साल 24 मई को होगी परीक्षा

UPSC Prelims 2026 की परीक्षा 24 मई को आयोजित की जाएगी. परीक्षा में अब ज्यादा समय नहीं बचा है. ऐसे में विशेषज्ञ छात्रों को नई किताबें शुरू करने से बचने की सलाह दे रहे हैं. अब फोकस सिर्फ रिवीजन, टेस्ट प्रैक्टिस और टाइम मैनेजमेंट पर होना चाहिए.

मॉक टेस्ट क्यों हैं जरूरी?

IAS वैशाली सिंह के अनुसार प्रीलिम्स की तैयारी में मॉक टेस्ट बेहद जरूरी होते हैं. मॉक टेस्ट देने से छात्रों को अपनी कमजोरियों का पता चलता है. इसके साथ ही परीक्षा के दौरान समय को कैसे मैनेज करना है, यह भी समझ आता है. कई छात्र पढ़ाई तो अच्छी करते हैं लेकिन परीक्षा हॉल में समय प्रबंधन की गलती कर बैठते हैं.

करेंट अफेयर्स को नजरअंदाज करना पड़ता है भारी

UPSC Prelims में करेंट अफेयर्स की भूमिका काफी अहम होती है. कई उम्मीदवार सिर्फ किताबों पर फोकस करते हैं और समाचारों या समसामयिक घटनाओं पर ध्यान नहीं देते. इससे परीक्षा में नुकसान हो सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि अखबार पढ़ना, सरकारी रिपोर्ट्स और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय घटनाओं पर नजर रखना जरूरी है.

पढ़ाई के साथ मानसिक संतुलन भी जरूरी

UPSC की तैयारी लंबी और चुनौतीपूर्ण होती है. कई बार लगातार पढ़ाई और दबाव की वजह से छात्र मानसिक रूप से थक जाते हैं. IAS वैशाली सिंह का कहना है कि तैयारी के दौरान मानसिक संतुलन बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है जितनी पढ़ाई. उन्होंने सलाह दी कि उम्मीदवारों को नियमित ब्रेक लेना चाहिए और खुद पर जरूरत से ज्यादा दबाव नहीं डालना चाहिए.

सोशल मीडिया भी बनता है ध्यान भटकाने की वजह

आजकल कई छात्र पढ़ाई से ज्यादा समय सोशल मीडिया पर बिताने लगते हैं. तैयारी के दौरान दूसरों की रणनीति देखकर कई बार छात्र खुद कन्फ्यूज हो जाते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि हर छात्र की तैयारी का तरीका अलग होता है. इसलिए दूसरों से तुलना करने के बजाय अपनी रणनीति पर भरोसा करना चाहिए.

सही रणनीति से आसान हो सकता है रास्ता

UPSC की परीक्षा कठिन जरूर है, लेकिन सही दिशा में मेहनत की जाए तो सफलता हासिल की जा सकती है. IAS वैशाली सिंह का मानना है कि अगर उम्मीदवार शुरुआत से सही रणनीति बनाकर तैयारी करें, तो पहली कोशिश में भी सफलता मिल सकती है. उन्होंने कहा कि लगातार मेहनत, सीमित स्टडी मटेरियल, नियमित रिवीजन और मॉक टेस्ट सफलता की सबसे मजबूत नींव हैं.

छात्रों के लिए क्या है सबसे जरूरी?

विशेषज्ञों के अनुसार UPSC Prelims पास करने के लिए इन बातों का ध्यान रखना जरूरी है-

  • सीमित किताबों से पढ़ाई करें
  • ज्यादा से ज्यादा रिवीजन करें
  • रोजाना करेंट अफेयर्स पढ़ें
  • मॉक टेस्ट जरूर दें
  • समय प्रबंधन सीखें
  • मानसिक तनाव से बचें
  • अपनी रणनीति पर भरोसा रखें

UPSC की तैयारी करने वाले लाखों छात्रों के लिए IAS वैशाली सिंह की यह सलाह काफी मददगार मानी जा रही है. अब परीक्षा में सिर्फ कुछ दिन बाकी हैं और ऐसे समय में सही रणनीति ही सफलता और असफलता के बीच सबसे बड़ा फर्क पैदा कर सकती है.

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Author

  • Sakshi Raj

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