
Rudrapur: उत्तराखंड के देहरादून जिले के रुद्रपुर शहर में बुधवार रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब फूलसूंगा क्षेत्र के शिमला बहादुर इलाके में स्थित एक कबाड़ गोदाम में भीषण आग लग गई. आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरे इलाके में धुएं का गुबार फैल गया. स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई और आसपास के घरों व दुकानों में रहने वाले लोग बाहर निकल आए. घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया.इस दौरान आग बुझाते समय एक फायरमैन घायल हो गया. राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, हालांकि गोदाम में रखा प्लास्टिक कबाड़ पूरी तरह जलकर खाक हो गया.
कैसे लगी आग? रात 8:02 बजे मिली सूचना
अधिकारियों के मुताबिक, बुधवार रात करीब 8:02 बजे 112 आपातकालीन नंबर के माध्यम से सूचना मिली कि फूलसूंगा क्षेत्र के शिमला बहादुर इलाके में एक कबाड़ गोदाम में आग लग गई है. सूचना मिलते ही अग्निशमन अधिकारी महेश चंद के नेतृत्व में रुद्रपुर फायर स्टेशन से एक फायर यूनिट तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हुई. मौके पर पहुंचने पर देखा गया कि गोदाम में रखा प्लास्टिक कबाड़ धधक रहा था, जिसकी वजह से आग बहुत तेजी से फैल रही थी. आग की लपटें ऊंची उठ रही थीं और घना काला धुआं आसमान में फैल गया था.
तीन फायर यूनिटों ने मिलकर पाया आग पर काबू
आग की गंभीरता को देखते हुए तुरंत अतिरिक्त मदद बुलाई गई. एक अतिरिक्त फायर यूनिट रुद्रपुर फायर स्टेशन से एक फायर यूनिट पंतनगर फायर स्टेशन से, कुल मिलाकर तीन फायर यूनिटों ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाला. मोटर फायर इंजन से पंपिंग कर दो डिलीवरी होज पाइपों की मदद से आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया. दमकल कर्मियों ने चारों तरफ से पानी की बौछार कर आग को फैलने से रोका.
करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया. अगर समय रहते आग पर नियंत्रण नहीं पाया जाता, तो आसपास के रिहायशी इलाकों में बड़ा नुकसान हो सकता था.
आग बुझाते समय एक फायरमैन घायल
दमकल विभाग के अनुसार, आग बुझाने के दौरान एक फायरमैन को चोट लग गई. प्राथमिक इलाज के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, डॉक्टरों के मुताबिक उसकी हालत स्थिर है और खतरे की कोई बात नहीं है.
एक अधिकारी ने बताया, “आग काफी भयानक थी, प्लास्टिक कबाड़ होने की वजह से धुआं और लपटें तेज थीं.टीम ने बहादुरी से काम किया लेकिन दुर्भाग्य से एक जवान घायल हो गया, लेकिन अब वह सुरक्षित है.”
गोदाम मालिक को बड़ा नुकसान, पूरा कबाड़ जलकर राख
इस अग्निकांड में खलील पुत्र जलील का प्लास्टिक कबाड़ से भरा गोदाम पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया. गोदाम में बड़ी मात्रा में प्लास्टिक का सामान और कबाड़ रखा था, जो आग की चपेट में आ गया. शुरुआती अनुमान के मुताबिक नुकसान लाखों रुपये में हो सकता है. हालाँकि, नुकसान का सही आकलन जांच के बाद ही सामने आएगा. वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि गोदाम में ज्वलनशील सामान होने की वजह से आग तेजी से फैली.एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया,
“कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप ले लिया था. अगर फायर ब्रिगेड देर से पहुंचती, तो आसपास के घर भी चपेट में आ सकते थे.”
आग लगने की वजह क्या? जांच जारी
फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है. दमकल विभाग और पुलिस की टीम मामले की जांच कर रही है. शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट, किसी ज्वलनशील पदार्थ से चिंगारी लगना और कबाड़ में रखे केमिकल या प्लास्टिक का स्वतः भड़कना जैसी संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है. अधिकारियों ने कहा है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही असली वजह सामने आएगी.
कबाड़ गोदामों में आग लगना क्यों बन रहा है बड़ी समस्या?
फायर एक्सपर्ट्स के मुताबिक कबाड़ गोदामों में आग लगने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है क्योंकि यहां प्लास्टिक, रबर, केमिकल, कपड़ा और धातु का कचरा एक साथ जमा रहता है. इनमें से कई चीजें बेहद ज्वलनशील होती हैं. इसके अलावा, गोदामों में अक्सर बिजली की वायरिंग पुरानी होती है, सुरक्षा मानकों के अनुसार वेंटिलेशन नहीं होता. आग लगने पर बाहर निकलने के रास्ते बाधित होते हैं. आसपास फायर एक्सटिंग्विशर या पानी की व्यवस्था नहीं होती, ऐसे में छोटी सी चिंगारी भी बड़ी आग में बदल जाती है.
शहरों में बढ़ते अग्निकांड, क्यों बढ़ रहा खतरा?
विशेषज्ञों के मुताबिक शहरी इलाकों में आग लगने की घटनाएं बढ़ने के पीछे कई वजहें हैं:
- कबाड़ गोदामों में ज्वलनशील सामग्री का ढेर
- फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी
- अवैध या बिना लाइसेंस गोदाम
- बिजली के पुराने तार और शॉर्ट सर्किट
- आपातकालीन निकास और फायर इक्विपमेंट की कमी
भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए क्या जरूरी?
प्रशासन और दमकल विभाग का कहना है कि आगे ऐसी घटनाओं से बचने के लिए:
- कबाड़ गोदामों का नियमित निरीक्षण
- फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट अनिवार्य
- कर्मचारियों को फायर ड्रिल की ट्रेनिंग
- गोदामों में फायर अलार्म और स्प्रिंकलर सिस्टम
- ज्वलनशील पदार्थों के सुरक्षित भंडारण के नियम जैसे कदम उठाए जाएंगे.
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