
Ola Uber New Rule: टैक्सी सेवाओं का इस्तेमाल करने वालों के लिए बड़ी खबर है। महाराष्ट्र सरकार ने ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं को पहले अधिक दुरुस्त बनाने को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। दरअसल, ओला-उबर और रैपिडो ड्राइवरों के लिए राज्य सरकार ने नए नियम जारी कर दिए है, जिसके तहत उन्हें राइड कैंसल करना बेहद महंगा पड़ सकता है। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सरकार ने ‘महाराष्ट्र मोटर वाहन एग्रीगेटर नियम 2026’ को लागू कर दिया है। इस नई पॉलिसी के तहत यात्रियों को बेहतर और सुरक्षित सेवा उपलब्ध करवाना है।
जानकारी के लिए बता दें कि इस नई व्यवस्था के तहत अब ओला, उबर और रैपिडो (Ola-Uber and Rapido) जैसे प्लेटफॉर्म के ड्राइवर अगर एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन या अस्पताल जाने वाली राइड बिना किसी सही कारण से रद्द करते हैं, तो उन्हें अब से पांच गुना अधिक जुर्माना का भुगतान करना होगा। सबसे खास बात यह है कि यह राशि सीधे यात्री के ऐप वॉलेट (App Wallet) या खाते में जमा की जाएगी।
यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत
अक्सर देखा जाता है कि कैब चालक (Cab Driver) गंतव्य की जानकारी मिलने के बाद खुद से ही बिना किसी खास कारण से राइड रद्द कर देते हैं। खासतौर पर कम दूरी की यात्रा या ट्रैफिक वाले इलाकों की बुकिंग ड्राइवर अंतिम समय में कैंसल कर देते हैं। इससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है, खासकर तब जब उन्हें एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन या अस्पताल जैसी जरूरी जगहों पर समय पर लोगों को पहुंचना होता है।
ऐसे में सरकार की इस नई एग्रीगेटर पॉलिसी (New Aggregator Policy) के लागू होने के बाद से इन मामलों पर सख्ती बरती जाएगी। सरकार का मानना है कि भारी जुर्माने के कारण ड्राइवर बिना वजह राइड रद्द करने से बचेंगे और यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी।
10 मिनट में नहीं पहुंचे ड्राइवर तो भी लगेगा जुर्माना
नई पॉलिसी में सिर्फ राइड कैंसल (Cancel Ride) करने पर ही नहीं, बल्कि समय पर कैब नहीं पहुंचाने पर भी नियम बनाए गए हैं। यदि कोई चालक तय समय के 10 मिनट के भीतर यात्री तक नहीं पहुंचता है, तो इसे भी राइड रद्द माना जाएगा। ऐसे मामलों में ड्राइवर पर 100 रुपये का जुर्माना का भुगतान करना होगा।
वहीं, अगर यही मामला एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन या अस्पताल जैसी महत्वपूर्ण जगहों के लिए बुक की गई राइड का होगा, तो यह जुर्माना सामान्य राशि से पांच गुना तक बढ़ सकता है।
यात्रियों के लिए भी बनाए गए नए नियम
खबरों के अनुसार, राज्य सरकार ने केवल ड्राइवरों के लिए ही नहीं, बल्कि यात्रियों के लिए भी नियम तय किए हैं। अगर कोई भी यात्री बिना किसी उचित कारण राइड रद्द करता है, तो उसे भी भारी जुर्माना भरना होगा।
सरकार की इस नई पॉलिसी के तहत यात्री को कुल किराए का 5 प्रतिशत या अधिकतम 100 रुपये तक का शुल्क का भुगतान करना होगा। ऐसे में यह राशि संबंधित चालक को मिलेगी। इस नए नियम पर सरकार का कहना है कि इससे दोनों पक्ष अपनी-अपनी जिम्मेदारी को निभाएंगे और अनावश्यक राइड कैंसिल होने की समस्याएं कम होंगी।
कंपनियों पर भी होगी सख्त कार्रवाई
नई एग्रीगेटर पॉलिसी में ऐप आधारित टैक्सी कंपनियों (Taxi Companies) के लिए भी कड़े नियम बनाए गए हैं। अगर कोई टैक्सी कंपनी बार-बार नियमों का उल्लंघन करती है, यात्रियों की सुरक्षा में लापरवाही बरतती है या किराए में गड़बड़ी करती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। मिली जानकारी के अनुसार, सरकार ऐसी कंपनियों पर 1 लाख रुपये से लेकर 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगा सकती है। साथ ही कई मामलों में कंपनी का लाइसेंस भी रद्द हो सकता है।
पूरे महाराष्ट्र में लागू हुई नई व्यवस्था
राज्य सरकार ने साफ तौर पर कहा है कि ‘महाराष्ट्र मोटर वाहन एग्रीगेटर नियम 2026’ अब पूरे महाराष्ट्र में लागू की जाएगी। इस नियम के तहत किसी भी तरह की लापरवाही नजरअंदाज नहीं की जाएगी। जानकारी के लिए बता दें कि यह नियम मुंबई, पुणे, नागपुर, नासिक, ठाणे और राज्य के अन्य शहरों में भी यही नियम लागू होंगे।
वहीं, राज्य सरकार का कहना है कि इस नई व्यवस्था से ऐप आधारित टैक्सी (App-Based Taxi) सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी। ऐसा करने से यात्रियों का भरोसा भी बढ़ेगा और ड्राइवरों व कंपनियों की जवाबदेही भी तय होगी।
नई एग्रीगेटर पॉलिसी से क्या होगा फायदा?
नई एग्रीगेटर पॉलिसी लागू (New Aggregator Policy) होने के बाद यात्रियों को आखिरी समय में राइड रद्द होने की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। खासतौर पर एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और अस्पताल जैसी जरूरी जगहों के लिए यात्रा करने वाले लोगों को समय पर कैब की सुविधा (Cab Facility) मिलेगी।
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अपर्णा पवांर, एक हिंदी कंटेंट राइटर है, जिन्होंने डिजिटल मीडिया में अपनी लेखनी से पहचान बनाई। आज वे “Khaber Aaj Ki” में हिंदी कंटेंट राइटर के पद पर काम करते हुए पत्रकारिता को अपना जुनून मानती हैं। उनके विचारों में खबरें केवल सूचनाएं नहीं, बल्कि लोगों तक सच्चाई पहुँचाने का माध्यम हैं।






