
West Bengal Rajya Sabha Election: चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल की तीन राज्यसभा सीटों पर उपचुनाव कराने का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। इन सीटों पर 24 जुलाई को मतदान होगा और उसी दिन शाम को मतगणना भी कराई जाएगी। इन सीटों के खाली होने के बाद राज्य की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि इन सीटों पर कौन-कौन से उम्मीदवार मैदान में उतरेंगे और राजनीतिक दल किस रणनीति के साथ चुनाव लड़ेंगे। इन तीनों सीटों पर उपचुनाव ऐसे समय में हो रहे हैं, जब संसद का मानसून सत्र भी शुरू होने वाला है। ऐसे में चुनाव कार्यक्रम और राजनीतिक गतिविधियों को लेकर सभी प्रमुख दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।
क्यों कराना पड़ रहा है उपचुनाव?
पश्चिम बंगाल की तीन राज्यसभा सीटें संबंधित सांसदों के इस्तीफे के बाद खाली हुई हैं। सीटें खाली होने के कारण चुनाव आयोग ने संविधान और जनप्रतिनिधित्व कानून के प्रावधानों के तहत उपचुनाव कराने का फैसला लिया है। इन सीटों का कार्यकाल अभी समाप्त नहीं हुआ था। इसलिए शेष कार्यकाल के लिए नए प्रतिनिधियों का चुनाव कराया जाएगा।
चुनाव आयोग ने जारी किया पूरा कार्यक्रम
चुनाव आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार उपचुनाव की प्रक्रिया जुलाई महीने में पूरी की जाएगी। निर्धारित कार्यक्रम इस प्रकार है:-
- 7 जुलाई – चुनाव अधिसूचना जारी होगी
- 14 जुलाई – नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि
- 15 जुलाई – नामांकन पत्रों की जांच
- 17 जुलाई – नाम वापस लेने की आखिरी तारीख
- 24 जुलाई – सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान
- 24 जुलाई – मतदान समाप्त होने के बाद मतगणना
- 27 जुलाई – चुनाव प्रक्रिया पूरी की जाएगी
राज्यसभा चुनाव कैसे होता है?
राज्यसभा के उपचुनाव में आम जनता सीधे मतदान नहीं करती। इन चुनावों में संबंधित राज्य के निर्वाचित विधायक मतदान करते हैं। मतदान एकल संक्रमणीय मत प्रणाली (Single Transferable Vote) और अनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के तहत कराया जाता है। जिस दल के पास विधानसभा में पर्याप्त संख्या होती है, उसकी जीत की संभावना अधिक रहती है।
राजनीतिक रूप से क्यों अहम है चुनाव?
तीन सीटों पर होने वाला यह उपचुनाव केवल रिक्त स्थान भरने तक सीमित नहीं माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इससे राज्य की बदलती राजनीतिक तस्वीर का भी संकेत मिल सकता है। चुनाव में उम्मीदवारों के चयन और राजनीतिक दलों की रणनीति पर सभी की नजर रहेगी। विधानसभा में दलों की संख्या के आधार पर परिणाम का अनुमान लगाया जा रहा है, लेकिन अंतिम तस्वीर नामांकन के बाद ही साफ होगी।
संभावित उम्मीदवारों पर नजर
फिलहाल किसी भी प्रमुख दल ने आधिकारिक रूप से अपने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है। आने वाले दिनों में उम्मीदवारों के नाम सामने आने के बाद चुनावी समीकरण और स्पष्ट होंगे। राजनीतिक दल संगठनात्मक और रणनीतिक स्तर पर लगातार बैठकें कर रहे हैं।
संसद के मानसून सत्र से पहले चुनाव
20 जुलाई से संसद का मानसून सत्र शुरू होना है। उससे ठीक पहले इन तीन सीटों पर चुनाव की प्रक्रिया पूरी होगी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि समय निर्धारण के कारण यह चुनाव राष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
चुनाव आयोग की तैयारियां
चुनाव आयोग ने संबंधित अधिकारियों को चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं। नामांकन से लेकर मतगणना तक सभी चरण निर्धारित समय के अनुसार पूरे किए जाएंगे। आयोग ने चुनाव नियमों और आचार संहिता के पालन पर भी विशेष जोर दिया है।
सभी की नजर 24 जुलाई पर
अब राजनीतिक दलों के साथ-साथ राजनीतिक विश्लेषकों की नजर 24 जुलाई पर टिकी है। मतदान और मतगणना एक ही दिन होने से परिणाम भी उसी दिन साफ हो जाएंगे। इन चुनावों के नतीजे राज्यसभा की संख्या बल और पश्चिम बंगाल की मौजूदा राजनीतिक स्थिति को लेकर भी अहम संकेत दे सकते हैं।
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