
UPI Payment Rule: देश में UPI Payment को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। अब 2,000 रुपये से ज्यादा के UPI Merchant Transaction पर चार्ज लगेगा या नहीं, इसको लेकर अब बैंकों और पेमेंट से जुड़े संगठनों की खास समिति फैसला करेगी। हालांकि, आम लोगों को फिलहाल चिंता करने की जरूरत नहीं है। सरकार ने साफ किया है कि एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के बीच होने वाला UPI Payment पूरी तरह मुफ्त रहेगा। इसके अलावा 2,000 रुपये तक के UPI Merchant Payment पर भी कोई शुल्क नहीं लगेगा। वहीं, 2,000 रुपये से अधिक के भुगतान पर Merchant Discount Rate यानी MDR को लेकर नई व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है। ऐसे में आइए जानते हैं यहां खबर को लेकर विस्तार से पूरी जानकारी
2,000 रुपये से ज्यादा के UPI पेमेंट पर क्या होगा?
जानकारी के लिए बता दें कि 2,000 रुपये से ज्यादा के UPI Merchant Transaction पर शुल्क लगाने को लेकर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। इसके लिए बैंकों, पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स और संबंधित संगठनों की एक विशेष समिति बनाई गई है। यह समिति UPI Payment से जुड़े शुल्क और उसकी व्यवस्था पर विचार करेगी।
रिपोर्ट के मुताबिक, 22 सदस्यीय ‘UPI एंड सर्विसेज स्टीयरिंग कमेटी’ में भारतीय बैंक संघ (IBA) और पेमेंट्स काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) से जुड़े प्रतिनिधि भी शामिल हैं। समिति का उद्देश्य ऐसा मॉडल तैयार करना है जिससे UPI Payment की सुविधा भी बनी रहे और डिजिटल पेमेंट सिस्टम को आर्थिक रूप से मजबूत किया जा सके।
समिति 2,000 रुपये से अधिक के Merchant Transaction पर MDR तय करने के लिए कई पहलुओं पर विचार कर सकती है। इसमें डिजिटल पेमेंट का विस्तार, बाजार की स्थिति और पेमेंट सिस्टम की आत्मनिर्भरता जैसे मुद्दे शामिल हैं।
आम लोगों के लिए UPI Payment रहेगा फ्री
UPI Charge को लेकर आम ग्राहकों के बीच चिंता बढ़ी है, लेकिन फिलहाल सरकार ने स्पष्ट किया है कि सामान्य यूजर्स पर इसका सीधा असर नहीं पड़ेगा।
एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति यानी P2P Transaction के लिए UPI Payment पहले की तरह मुफ्त रहेगा। इसका मतलब है कि अगर कोई व्यक्ति अपने दोस्त, परिवार के सदस्य या किसी दूसरे व्यक्ति को UPI के जरिए पैसे भेजता है तो इसके लिए अलग से शुल्क नहीं देना होगा। इसके अलावा 2,000 रुपये तक के UPI Merchant Payment पर भी कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष शुल्क नहीं लगाया जाएगा। यानी छोटी खरीदारी या छोटे व्यापारियों को किए जाने वाले भुगतान को लेकर फिलहाल किसी तरह का अतिरिक्त चार्ज नहीं है।
सरकार ने 14 सितंबर को जारी राजपत्र अधिसूचना में भी इस बात को स्पष्ट किया है। इसमें कहा गया है कि RuPay Debit Card और 2,000 रुपये तक के UPI Transaction के जरिए भुगतान करने या प्राप्त करने वाले व्यक्ति पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई शुल्क नहीं लगाया जाएगा।
UPI Charge को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल
UPI Transaction से जुड़ी इस नई व्यवस्था को लेकर राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है। कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि सरकार ने UPI Payment पर भविष्य में शुल्क लगाने का रास्ता तैयार कर दिया है।
कांग्रेस का कहना है कि सरकार भले ही आम लोगों के लिए UPI को मुफ्त रखने की बात कर रही हो, लेकिन नए कानूनी प्रावधानों के जरिए बड़े डिजिटल भुगतान पर शुल्क लगाने की संभावना पैदा हो गई है।
विपक्ष का आरोप है कि हालिया अधिसूचना इसी दिशा में उठाया गया कदम है। हालांकि, सरकार की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि आम उपभोक्ताओं के बीच होने वाले UPI Payment और 2,000 रुपये तक के Merchant Transaction पर कोई चार्ज नहीं लगाया जाएगा।
STORY | No charges on UPI transactions up to Rs 2,000; govt yet to decide on MDR for higher-value payments
The government has directed banks and payment system providers not to levy charges on Unified Payments Interface (UPI) transactions of up to Rs 2,000 or on payments made… pic.twitter.com/UcdKJETOT0
— Press Trust of India (@PTI_News) September 15, 2026
संसद से पास हो चुका है नया संशोधन
UPI Charge का पूरा मामला Payment and Settlement Systems Act, 2007 की धारा 10A में किए गए संशोधन से जुड़ा है। यह संशोधन संसद के मानसून सत्र में पारित किया गया था।
संशोधित कानूनी व्यवस्था के तहत UPI और सरकार की ओर से अधिसूचित अन्य इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट सिस्टम में Merchant Discount Rate यानी MDR लगाने का प्रावधान किया गया है। इसी के बाद अब UPI Payment पर संभावित शुल्क को लेकर चर्चा शुरू हुई है।
MDR वह शुल्क होता है जो डिजिटल भुगतान स्वीकार करने वाले व्यापारी के लेन-देन पर पेमेंट सिस्टम से जुड़ी संस्थाओं को दिया जाता है। इसका भुगतान किस तरह और कितनी दर पर होगा, यह आगे तय होने वाली व्यवस्था पर निर्भर करेगा।
छोटे दुकानदारों पर नहीं पड़ेगा बोझ
UPI Charge को लेकर सबसे ज्यादा चिंता छोटे दुकानदारों, रेहड़ी-पटरी वालों और छोटे कारोबारियों को लेकर है। संसद में चर्चा के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि छोटे व्यापारियों को किए जाने वाले भुगतान को मुफ्त रखने की व्यवस्था पर ध्यान दिया जाएगा। इसका मतलब यह है कि रोजमर्रा की छोटी खरीदारी के लिए UPI इस्तेमाल करने वाले लोगों को फिलहाल परेशान होने की जरूरत नहीं है। 2,000 रुपये तक के Merchant Payment पर कोई शुल्क नहीं लगाया जाएगा।
दूसरे देशों में कितना है डिजिटल पेमेंट चार्ज?
दुनिया के कुछ देशों में डिजिटल पेमेंट के लिए शुल्क आधारित मॉडल पहले से मौजूद हैं। उदाहरण के तौर पर ब्राजील के Pix सिस्टम में शुल्क की दर करीब 0.33 फीसदी बताई जाती है, जबकि चीन में यह करीब 0.40 फीसदी है।
भारत में UPI को बड़े स्तर पर मुफ्त और आसान डिजिटल भुगतान के तौर पर विकसित किया गया है। इसलिए अब सरकार के सामने चुनौती यह है कि UPI की कम लागत वाली सुविधा को बनाए रखते हुए इसके लंबे समय के संचालन के लिए टिकाऊ आर्थिक मॉडल तैयार किया जाए।
UPI Payment Charge पर क्या है निष्कर्ष?
बता दें 2,000 रुपये से अधिक के UPI Merchant Transaction पर कोई अंतिम चार्ज लागू नहीं हुआ है। इस संबंध में विशेष समिति आगे फैसला लेगी। आम लोगों के बीच होने वाले P2P UPI Payment और 2,000 रुपये तक के Merchant Payment को सरकार ने मुफ्त रखने की बात स्पष्ट की है। इसलिए अभी सामान्य UPI यूजर्स को अपने रोजमर्रा के भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है।
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अपर्णा पवांर, एक हिंदी कंटेंट राइटर है, जिन्होंने डिजिटल मीडिया में अपनी लेखनी से पहचान बनाई। आज वे “Khaber Aaj Ki” में हिंदी कंटेंट राइटर के पद पर काम करते हुए पत्रकारिता को अपना जुनून मानती हैं। उनके विचारों में खबरें केवल सूचनाएं नहीं, बल्कि लोगों तक सच्चाई पहुँचाने का माध्यम हैं।






