
Middle East War: मिडिल ईस्ट में जारी सैन्य संघर्ष का असर अब भारत के हवाई यातायात पर भी साफ दिखाई देने लगा है। जिसमें राजधानी स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (दिल्ली एयरपोर्ट) ने रविवार रात हाई-अलर्ट एडवाइजरी जारी कर यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। बता दें कि एयरपोर्ट प्रशासन साफ कहा है कि पश्चिम दिशा की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के शेड्यूल में बड़े बदलाव या रद्द होने की संभावना बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार, एडवाइजरी रात आठ बजे जारी की गई, जिसमें कहा गया है कि मध्य पूर्व में तेजी से बदलते राजनीतिक और सैन्य हालात के कारण कई उड़ानों पर असर पड़ रहा है। यात्रियों से घर से निकलने से पहले अपनी संबंधित एयरलाइन से संपर्क करने और फ्लाइट स्टेटस की अपडेट लेने की अपील की गई है।
क्यों प्रभावित हो रही हैं उड़ानें
मिडिल ईस्ट में इजरायल, ईरान और इराक के बीच बढ़ते तनाव ने हवाई मार्गों को प्रभावित कर दिया है। सुरक्षा कारणों से इजरायल, ईरान और इराक ने अपना एयरस्पेस अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। जिसमें एयरस्पेस बंद होने का सीधा असर उन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर पड़ा है जो यूरोप, अमेरिका और खाड़ी देशों की ओर जाती हैं। कई एयरलाइंस को अपने रूट बदलने पड़े हैं, जिससे उड़ानों की अवधि बढ़ गई है। कुछ उड़ानों को रद्द भी किया गया है।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब तक क्षेत्र में हालात सामान्य नहीं होते, तब तक हवाई यातायात पूरी तरह से बहाल होना मुश्किल है।
दिल्ली एयरपोर्ट की क्या है एडवाइजरी
- घर से निकलने से पहले अपनी एयरलाइन से संपर्क करें।
- फ्लाइट स्टेटस चेक करने के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट www.newdelhiairport.in
का ही उपयोग करें। - सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें।
- एयरपोर्ट समय से पहले पहुंचे क्योंकि सुरक्षा जांच में अतिरिक्त समय लग सकता है।अब ऐसे में एयरपोर्ट प्रशासन का कहना है कि वे हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
आकासा एयर का बड़ा फैसला
भारतीय विमानन कंपनी आकासा एयर ने मौजूदा हालात को देखते हुए बड़ा निर्णय लिया है। जिसमें एयरलाइन ने 2 मार्च 2026 तक अबू धाबी, दोहा, जेद्दा, कुवैत और रियाद के लिए अपनी सभी उड़ानें रद्द कर दी हैं। अब ऐसे में यात्रियों को ऑप्शन दिए गए हैं।
- टिकट का पूरा रिफंड।
- बिना अतिरिक्त शुल्क के टिकट को नई तारीख पर री-शेड्यूल करने की सुविधा। जिसके बाद कंपनी का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और हालात सामान्य होने के बाद सेवाएं फिर से शुरू की जाएंगी।
खाड़ी देशों की उड़ानों पर असर
भारत से बड़ी संख्या में लोग खाड़ी देशों में काम करते हैं। ऐसे में दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और दक्षिण भारत के कई शहरों से खाड़ी देशों के लिए नियमित उड़ानें संचालित होती हैं। दक्षिण भारत के तिरुचिरापल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर भी इसका असर साफ दिख रहा है। यह एयरपोर्ट खाड़ी देशों के लिए श्रमिकों और व्यापारियों का प्रमुख केंद्र है। मौजूदा हालात में यहां से संचालित कई सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं, जिससे एयरपोर्ट पर सन्नाटा पसरा हुआ है।
यात्रियों को क्या रखना चाहिए ध्यान
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध जैसी स्थिति के बीच यात्रियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।
- टिकट बुकिंग से पहले स्थिति जांचें – जिन देशों का एयरस्पेस बंद है, वहां की उड़ानों पर सीधा असर पड़ सकता है।
- रिफंड और री-शेड्यूल पॉलिसी समझें – अपनी एयरलाइन की शर्तों को ध्यान से पढ़ें।
- यात्रा बीमा पर विचार करें – अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए ट्रैवल इंश्योरेंस लेना फायदेमंद हो सकता है।
- अतिरिक्त समय रखें – एयरपोर्ट पर भीड़ और सुरक्षा जांच में अधिक समय लग सकता है।
वैश्विक हवाई यातायात पर असर
मिडिल ईस्ट का क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय हवाई मार्गों का महत्वपूर्ण केंद्र है। एशिया से यूरोप और अमेरिका जाने वाली अधिकांश उड़ानें इसी क्षेत्र के ऊपर से गुजरती हैं। एयरस्पेस बंद होने से एयरलाइंस को लंबा और वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ रहा है, जिससे ईंधन लागत और यात्रा समय दोनों बढ़ रहे हैं।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि यदि संघर्ष लंबा खिंचता है तो टिकटों की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखी जा सकती है।
एयरलाइंस और यात्रियों के लिए चुनौती
बता दें कि इस संकट ने एयरलाइंस और यात्रियों दोनों के लिए नई चुनौती खड़ी कर दी है।जिसमें एयरलाइंस को जहां अपने शेड्यूल में लगातार बदलाव करने पड़ रहे हैं, वहीं यात्रियों को भी अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है। वहीं,कई यात्रियों की कनेक्टिंग फ्लाइट्स प्रभावित हुई हैं। ऐसे में एयरलाइंस वैकल्पिक व्यवस्था करने में जुटी हुई हैं।
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