
PM Modi Mann Ki Baat Speech: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 131वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित करते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), आधुनिक खेती, बीज संरक्षण और किसानों की बढ़ती वैश्विक पहचान पर विस्तार से चर्चा की। जिसमें उन्होंने कहा है कि भारत में AI का उपयोग अब सिर्फ टेक्नोलॉजी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पशुपालन, डेयरी और खेती में भी बड़ा बदलाव ला रहा है।
जानकारी के लिए बता दें कि प्रधानमंत्री का कहना है कि हाल ही में आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट समिट एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुई है। इस सम्मेलन में दुनिया के कई बड़े नेता और टेक कंपनियों के सीईओ शामिल हुए। पीएम मोदी ने कहा कि इस मंच पर भारत ने यह दिखाया कि किस तरह AI तकनीक का उपयोग ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पशुओं के इलाज में किया जा रहा है।
AI से पशुओं की देखभाल में आ रहा बदलाव
प्रधानमंत्री का कहना है कि AI आज पशुओं के इलाज और डेयरी प्रबंधन में बड़ी भूमिका निभा रहा है। जिसमें सम्मेलन की प्रदर्शनी में उन्होंने विश्व नेताओं को कई नवाचार दिखाए। खास तौर पर उन्होंने अमूल के बूथ का जिक्र किया, जहां AI आधारित तकनीक से पशुओं की सेहत की निगरानी, बीमारी की पहचान और इलाज की जानकारी दी जा रही थी। उन्होंने कहा कि अब किसान 24×7 AI सहायता से अपने पशुओं की गतिविधियों पर नजर रख सकते हैं। इससे बीमारी का समय रहते पता चल जाता है और उत्पादन में भी सुधार होता है। डेयरी सेक्टर में डिजिटल मॉनिटरिंग से दूध की गुणवत्ता और मात्रा दोनों में वृद्धि हो रही है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत तकनीक को गांव तक पहुंचाने के मिशन पर काम कर रहा है, ताकि छोटे किसान भी आधुनिक सुविधाओं का लाभ उठा सकें।
युवा किसान हिरोद पटेल की प्रेरणादायक कहानी
प्रधानमंत्री ने ओडिशा के एक युवा किसान हिरोद पटेल का जिक्र करते हुए कहा है कि आज का किसान सिर्फ उत्पादन नहीं, बल्कि नवाचार और वैल्यू एडिशन पर भी ध्यान दे रहा है। हिरोद पटेल ने अपने खेत में एक तालाब के ऊपर मजबूत जालीदार ढांचा तैयार किया और उस पर बेल वाली सब्जियां उगाईं।
जिसमें तालाब के चारों ओर उन्होंने केले, अमरूद और नारियल के पेड़ लगाए। साथ ही तालाब में मछली पालन भी शुरू किया। इस मॉडल से एक ही जमीन का कई तरह से उपयोग हुआ। पीएम मोदी ने कहा कि इससे पानी की बचत हुई, उत्पादन बढ़ा और किसान की आय में भी इजाफा हुआ। आज दूर-दूर से किसान इस मॉडल को देखने और सीखने पहुंचते हैं। उन्होंने इसे मल्टी लेयर फार्मिंग का शानदार उदाहरण बताया।
केरल के गांव में धान की 570 किस्में
प्रधानमंत्री ने केरल के त्रिशूर जिले के एक गांव का भी उल्लेख किया, जहां एक ही खेत में धान की 570 किस्में उगाई जा रही हैं। इनमें स्थानीय, पारंपरिक और दूसरे राज्यों से लाई गई किस्में शामिल हैं।
बता दें कि यह बीज विरासत को बचाने का बड़ा अभियान है। पारंपरिक बीजों को संरक्षित कर किसान भविष्य की पीढ़ियों के लिए संपदा तैयार कर रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा चावल उत्पादक देश बन चुका है। 150 लाख टन से अधिक चावल उत्पादन करना एक बड़ी उपलब्धि है। इससे देश अपनी जरूरतें पूरी कर रहा है और वैश्विक खाद्य सुरक्षा में भी योगदान दे रहा है।
भारतीय कृषि उत्पादों की बढ़ती वैश्विक पहचान
प्रधानमंत्री का कहना है कि अब भारतीय कृषि उत्पाद आसानी से विदेशों तक पहुंच रहे हैं। कर्नाटक से नंजनगुड केले, मैसूर के पान के पत्ते और भारतीय नींबू जैसे उत्पाद मालदीव को निर्यात किए गए हैं। वहीं,इन उत्पादों को उनके खास स्वाद और गुणवत्ता के लिए GI टैग भी मिला है। इससे किसानों को बेहतर कीमत मिल रही है और उनकी पहचान वैश्विक स्तर पर बन रही है। जिसके बाद पीएम मोदी ने कहा कि आज का किसान क्वालिटी और क्वांटिटी दोनों पर ध्यान दे रहा है। वह नई तकनीक अपना रहा है और अपने उत्पाद को ब्रांड बना रहा है।
रमजान और होली की शुभकामनाएं
बता दें कि अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने रमजान के पवित्र महीने की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह आत्मचिंतन, सेवा और भाईचारे का समय है। साथ ही उन्होंने कहा कि कुछ ही दिनों में होली का त्योहार आने वाला है। यह रंग, खुशियों और एकता का पर्व है।
पीएम मोदी ने “वोकल फॉर लोकल” का मंत्र दोहराते हुए अपील की कि त्योहारों में विदेशी सामान के बजाय स्थानीय उत्पादों का उपयोग करें। इससे देश के कारीगरों और छोटे उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।
खेती में तकनीक से बढ़ेगी आय
प्रधानमंत्री का कहना है कि भारत का किसान अब तकनीक के साथ आगे बढ़ रहा है।जिसमें ड्रोन, सेंसर, मोबाइल ऐप और AI जैसी तकनीकें खेती को आसान बना रही हैं। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में डिजिटल खेती और स्मार्ट एग्रीकल्चर भारत की ताकत बनेंगे। इससे किसानों की आय बढ़ेगी और खेती अधिक लाभकारी बनेगी। पीएम मोदी ने युवाओं से अपील की कि वे खेती और एग्री-स्टार्टअप की ओर कदम बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि भारत का कृषि क्षेत्र नवाचार के लिए तैयार है।
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