
Jharkhand Nikay Chunav: झारखंड में आज लोकतंत्र का बड़ा पर्व मनाया जा रहा है. राज्य के सभी 48 शहरी स्थानीय निकायों में सोमवार, 23 फरवरी को नगर सरकार चुनने के लिए मतदान शुरू हो गया है. सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे.चुनाव को लेकर पूरे राज्य में उत्साह का माहौल है. कई शहरों में मतदान केंद्रों के बाहर सुबह से ही लंबी कतारें देखने को मिलीं. राज्य निर्वाचन आयोग और प्रशासन ने शांतिपूर्ण मतदान के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं. संवेदनशील बूथों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, वहीं ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी रखी जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि अब तक मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से चल रही है.
48 निकायों में मतदान, शहरी सरकार चुनने का दिन
इस बार झारखंड में कुल 48 शहरी निकायों में मतदान हो रहा है. इनमें शामिल हैं 9 नगर निगम, 20 नगर परिषद और 19 नगर पंचायतें. इन सभी निकायों के जरिए शहरों की सरकार बनेगी, जो आने वाले वर्षों में स्थानीय विकास, सफाई व्यवस्था, जल आपूर्ति, सड़क, स्ट्रीट लाइट, टैक्स और नागरिक सुविधाओं से जुड़े फैसले लेगी. इसलिए यह चुनाव सीधे तौर पर शहरी जनता की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ा हुआ है.
इस निकाय चुनाव में कुल 6124 प्रत्याशी मैदान में हैं. जिनमे से मेयर और अध्यक्ष पद के लिए 562 उम्मीदवार है और वार्ड पार्षद पद के लिए 5562 उम्मीदवार. शाम 5 बजे मतदान खत्म होते ही सभी प्रत्याशियों का राजनीतिक भविष्य 8608 मतपेटियों EVM में कैद हो जाएगा. कई नगर निगमों और परिषदों में मुकाबला बेहद रोचक माना जा रहा है, जहां स्थानीय मुद्दों पर सत्ताधारी दल और विपक्ष आमने-सामने हैं.
43 लाख से ज्यादा मतदाता करेंगे फैसला
राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक, इस चुनाव में कुल 43,33,574 मतदाता वोट डालने के पात्र हैं. जिसमे से पुरुष मतदाता 22,07,203, महिला मतदाता 21,26,227 और तृतीय लिंग मतदाता 144 है. आंकड़ों से साफ है कि महिला मतदाताओं की भागीदारी भी मजबूत है. कई मतदान केंद्रों पर महिलाओं की कतारें देखने को मिलीं.चुनाव आयोग ने दिव्यांग और बुजुर्ग मतदाताओं के लिए रैंप और व्हीलचेयर जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई हैं.
झारखंड के शहरी निकायों में कुल 1087 वार्ड हैं. हालांकि मतदान 1042 वार्डों में ही कराया जा रहा है. वहीं,41 पार्षद पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके हैं. 3 वार्ड नामांकन न होने के कारण खाली रह गए हैं. वहीं, मानगो नगर निगम के 1 वार्ड में प्रत्याशी के निधन के कारण चुनाव स्थगित कर दिया गया है.
इस वजह से कुछ क्षेत्रों में मुकाबला नहीं है, लेकिन अधिकांश जगहों पर कड़ा चुनावी संघर्ष देखने को मिल रहा है.
सुबह से दिखा उत्साह, वोटिंग केंद्रों पर कतारें
सुबह 7 बजे जैसे ही मतदान शुरू हुआ, कई शहरों में लोग परिवार के साथ वोट डालने पहुंचे.रांची, जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो, हजारीबाग और देवघर जैसे शहरों में शुरुआती घंटों में अच्छी वोटिंग दर्ज की गई. एक मतदाता ने कहा, “नगर निकाय चुनाव सीधे हमारे शहर की सुविधाओं से जुड़ा है. इसलिए हम वोट डालने जरूर आए हैं.” वहीं, बुजुर्ग मतदाताओं ने भी लोकतंत्र के इस पर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया.
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, प्रशासन अलर्ट मोड पर
चुनाव को शांतिपूर्ण बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है. संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किये गए है. वहीं, मतदान केंद्रों पर मजिस्ट्रेट की तैनाती, शहरी क्षेत्रों में फ्लैग मार्च और सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी की जा रही है. वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी तरह की गड़बड़ी से निपटने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया टीम QRT तैनात की गई है.
स्थानीय मुद्दों पर सीधा मुकाबला
इस चुनाव में राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों के साथ-साथ कई निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में हैं. चुनाव के मुख्य मुद्दे रहे सफाई और कचरा प्रबंधन, जल आपूर्ति, सड़क और स्ट्रीट लाइट, रोजगार के अवसर और टैक्स और नगर सुविधाएं. कई जगहों पर स्थानीय मुद्दों ने पार्टी समीकरणों से ज्यादा अहम भूमिका निभाई है. वहीं, मतदाता उम्मीदवारों से सीधी जवाबदेही की उम्मीद कर रहे हैं.
मतदाताओं के लिए निर्वाचन आयोग की अपील
राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें, शांतिपूर्ण तरीके से मतदान करें, पहचान पत्र साथ लेकर आएं और किसी भी गड़बड़ी की सूचना तुरंत प्रशासन को दें. वहीं, आयोग का कहना है कि हर वोट शहर के भविष्य को तय करता है.
शाम 5 बजे मतदान समाप्त होने के बाद सभी मतपेटियां सुरक्षित स्ट्रॉन्ग रूम में रखी जाएंगी.मतगणना की तारीख आयोग द्वारा घोषित की जाएगी.नतीजों के साथ ही यह साफ हो जाएगा कि झारखंड के शहरी इलाकों में जनता ने किसे अपनी नगर सरकार की जिम्मेदारी सौंपी है.
क्यों अहम हैं निकाय चुनाव?
नगर निकाय चुनाव भले ही छोटे स्तर के लगते हों, लेकिन इनका असर सीधे आम लोगों की जिंदगी पर पड़ता है. जैसे शहर की सफाई व्यवस्था, पानी, बिजली, सड़क,बाजार, टैक्स और स्थानीय विकास योजनाएं. सब कुछ चुनी हुई नगर सरकार के फैसलों पर निर्भर करता है. यही वजह है कि आज का दिन झारखंड के शहरी भविष्य के लिए बेहद अहम माना जा रहा है.
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