
Mallikarjun Kharge: पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्राकृतिक आपदा पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना जताई है। उन्होंने केंद्र सरकार से राहत और पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने की अपील की और कहा कि इस मानवीय संकट से निपटने के लिए हर संभव संसाधन उपलब्ध कराए जाने चाहिए। खरगे ने सोशल मीडिया मंच एक्स (X) पर जारी अपने संदेश में कहा कि अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और सिक्किम जैसे राज्यों में बाढ़ और भूस्खलन से कई लोगों की जान गई है, जबकि हजारों परिवार प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे कठिन समय में सरकार और सभी संबंधित एजेंसियों को मिलकर तेजी से राहत कार्य करना चाहिए।
प्रभावित परिवारों के लिए मुआवजे की मांग
कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि आपदा प्रभावित परिवारों को पर्याप्त आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अपने परिजन, घर या आजीविका खोई है, उनके पुनर्वास की प्रक्रिया जल्द शुरू होनी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि जरूरत पड़ने पर पीएम केयर्स फंड सहित उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत दी जाए, ताकि वे सामान्य जीवन की ओर लौट सकें।
राहत और बचाव दलों की सराहना
खरगे ने भारतीय सशस्त्र बलों, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमों के कार्यों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि राहत और बचाव में जुटे जवान कठिन परिस्थितियों में लगातार लोगों की जान बचाने और सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूरा देश इन टीमों के समर्पण और सेवा भावना पर गर्व करता है।
अधिक संसाधन लगाने की अपील
खरगे ने कहा कि प्राकृतिक आपदा का दायरा काफी बड़ा है और ऐसे में केवल नियमित संसाधनों से काम नहीं चलेगा। उन्होंने सरकार से अतिरिक्त वित्तीय सहायता, मशीनरी और मानव संसाधन उपलब्ध कराने की अपील की ताकि राहत कार्यों में तेजी लाई जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे की जल्द मरम्मत जरूरी है, जिससे प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री आसानी से पहुंच सके।
बाढ़ की समस्या पर उठाए सवाल
अपने बयान में खरगे ने पूर्वोत्तर राज्यों में हर साल आने वाली बाढ़ की समस्या का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से बाढ़ को रोकने के लिए स्थायी समाधान की जरूरत महसूस की जा रही है, लेकिन अब भी कई क्षेत्रों में पर्याप्त तैयारी और दीर्घकालिक योजना दिखाई नहीं देती। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए जल प्रबंधन, नदी संरक्षण और आपदा पूर्व तैयारी पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं से भी की अपील
कांग्रेस अध्यक्ष ने पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं से भी अपील की कि वे प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की हरसंभव मदद करें। उन्होंने कहा कि राहत सामग्री पहुंचाने, जरूरतमंद परिवारों की सहायता करने और स्थानीय प्रशासन के साथ सहयोग करने में सभी को आगे आना चाहिए। उनका कहना था कि आपदा के समय राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर मानवता की सेवा सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है।
पूर्वोत्तर में लगातार बिगड़ रहे हालात
लगातार बारिश के कारण पूर्वोत्तर के कई राज्यों में नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। कई गांवों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है और कुछ इलाकों में भूस्खलन के कारण सड़क संपर्क भी प्रभावित हुआ है। आपदा प्रबंधन एजेंसियां लगातार हालात पर नजर रख रही हैं और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम जारी है।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के किनारे जाने से बचने और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की है। संवेदनशील क्षेत्रों में राहत और बचाव दल पहले से तैनात हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
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