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LPG Gas Price Today: महंगाई का बड़ा झटका! गैस सिलेंडर की कीमत 1000 के करीब, आम जनता परेशान
Current image: LPG Price Today

LPG Gas Price Today: देश में महंगाई की मार झेल रही जनता को मई महीने की शुरुआत के साथ ही एक और बड़ा झटका लगा है. एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में भारी बढ़ोतरी ने आम लोगों के साथ-साथ व्यापारिक वर्ग की चिंता बढ़ा दी है. खास तौर पर 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में हुई अचानक वृद्धि ने बाजार में हलचल मचा दी है. 1 मई 2026 से लागू नए रेट के अनुसार, कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 993 रुपये तक की भारी बढ़ोतरी की गई है. यह बढ़ोतरी इतनी बड़ी है कि इससे सीधे तौर पर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और छोटे कारोबारियों की लागत पर असर पड़ेगा, जिसका असर अंततः आम उपभोक्ताओं तक पहुंचेगा.

कमर्शियल सिलेंडर हुआ महंगा, घरेलू सिलेंडर में राहत

ताजा अपडेट के मुताबिक, जहां एक ओर 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम में तेज उछाल आया है, वहीं 14.2 किलो वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है. दिल्ली में अब 19 किलो वाले सिलेंडर की कीमत बढ़कर 3,071.50 रुपये हो गई है. मुंबई में इसकी कीमत करीब 3,024 रुपये के आसपास पहुंच गई है, जबकि कोलकाता में यह 3,200 रुपये से ऊपर पहुंच गई है. हालांकि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि उनके सिलेंडर की कीमतें फिलहाल स्थिर रखी गई हैं. दिल्ली में घरेलू सिलेंडर करीब 913 रुपये, मुंबई में 912.50 रुपये, चेन्नई में 928.50 रुपये और कोलकाता में लगभग 939 रुपये पर बना हुआ है.

लगातार तीसरी बार बढ़े दाम

यह पहली बार नहीं है जब कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। इस साल पहले भी कई बार दाम बढ़ाए जा चुके हैं. मार्च महीने में 144 रुपये की वृद्धि हुई थी, इसके बाद अप्रैल में 200 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी और अब मई में सीधे 993 रुपये का बड़ा उछाल आया है. इस तरह देखा जाए तो कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं, जिससे व्यापारिक गतिविधियों पर सीधा असर पड़ रहा है.

मिडिल ईस्ट तनाव का असर

गैस की कीमतों में इस उछाल के पीछे अंतरराष्ट्रीय हालात भी एक बड़ी वजह माने जा रहे हैं. हाल ही में पश्चिम एशिया, खासकर ईरान और अन्य देशों के बीच बढ़ते तनाव ने ऊर्जा बाजार को प्रभावित किया है. Strait of Hormuz में संभावित नाकेबंदी ने वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता पैदा कर दी है. भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है. ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में किसी भी तरह का उतार-चढ़ाव सीधे देश के गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों पर असर डालता है.

भारत की आयात पर निर्भरता

भारत लगभग 60 प्रतिशत एलपीजी जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है. इसके अलावा देश अपनी 85 से 90 प्रतिशत एलपीजी जरूरतें पश्चिम एशियाई देशों जैसे Saudi Arabia और United Arab Emirates से पूरी करता रहा है. हालांकि हाल के घटनाक्रम के बाद भारत ने रूस जैसे देशों से भी तेल आयात बढ़ाया है, ताकि सप्लाई में आई रुकावट को कुछ हद तक संतुलित किया जा सके.

तेल कंपनियों पर बढ़ा दबाव

ऊर्जा बाजार में अस्थिरता के कारण देश की तेल विपणन कंपनियों (OMCs) पर भी दबाव बढ़ गया है. उन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजार में महंगे दाम पर कच्चा तेल और गैस खरीदनी पड़ रही है, जिसका असर घरेलू बाजार में कीमतों के रूप में सामने आ रहा है. इसी के चलते कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में इतनी बड़ी बढ़ोतरी देखी गई है.

रेस्टोरेंट और व्यापारियों पर असर

कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ने से सबसे ज्यादा असर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और कैटरिंग बिजनेस पर पड़ेगा. इन कारोबारों में गैस का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर होता है, ऐसे में लागत बढ़ने से खाने-पीने की चीजों की कीमतों में भी इजाफा हो सकता है. इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा, क्योंकि बाहर खाना या फूड सर्विस लेना महंगा हो सकता है.

आम जनता की बढ़ी चिंता

हालांकि घरेलू सिलेंडर के दाम फिलहाल स्थिर हैं, लेकिन कमर्शियल गैस की कीमत बढ़ने से महंगाई का दबाव बढ़ेगा. आम जनता को डर है कि आने वाले दिनों में घरेलू गैस सिलेंडर के दाम भी बढ़ सकते हैं. पहले ही बढ़ती महंगाई से परेशान लोग अब गैस के बढ़ते दाम को लेकर और चिंतित हो गए हैं.

सरकार की रणनीति और राहत

सरकार फिलहाल घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देने की कोशिश कर रही है, इसलिए घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में बदलाव नहीं किया गया है. इसके अलावा सरकार सब्सिडी और अन्य योजनाओं के जरिए गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को राहत देने का प्रयास करती रही है.

आगे क्या हो सकता है?

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तनाव जारी रहता है, तो आने वाले समय में गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है. हालांकि अगर स्थिति सामान्य होती है, तो कीमतों में स्थिरता भी आ सकती है. मई 2026 की शुरुआत में गैस सिलेंडर की कीमतों में हुई यह बड़ी बढ़ोतरी एक बार फिर यह दिखाती है कि भारत की अर्थव्यवस्था पर वैश्विक घटनाओं का कितना गहरा असर पड़ता है. जहां एक ओर कमर्शियल गैस सिलेंडर महंगा होकर व्यापारिक गतिविधियों को प्रभावित कर रहा है, वहीं घरेलू उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत दी गई है. अब सबकी नजर आने वाले दिनों पर टिकी है कि क्या यह राहत बनी रहती है या फिर आम लोगों को एक और महंगाई का झटका झेलना पड़ेगा.

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Author

  • Sakshi Raj

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