
राजा शिवाजी रिव्यू: मराठी और हिंदी सिनेमा में ऐतिहासिक किरदारों पर कई फिल्में बन चुकी हैं, लेकिन Raja Shivaji एक अलग पहचान बनाने की कोशिश करती है। बता दें कि इस फिल्म में Riteish Deshmukh ने न सिर्फ एक्टिंग की है, बल्कि निर्देशन और प्रोडक्शन की जिम्मेदारी भी संभाली है। करीब 11 साल की मेहनत के बाद बनी यह फिल्म मराठी सिनेमा की सबसे महंगी फिल्मों में गिनी जा रही है।
जानकारी के लिए बता दें कि इस फिल्म का बजट करीब 100 करोड़ रुपये बताया जा रहा है और इसे बड़े स्केल पर तैयार किया गया है। फिल्म में Abhishek Bachchan, Vidya Balan, Sanjay Dutt और कैमियो में Salman Khan जैसे बड़े सितारे भी नजर आते हैं।
कहानी इतिहास और रणनीति का संगम
इस फिल्म की कहानी छत्रपति शिवाजी महाराज के जन्म से पहले के दौर से शुरू होती है। उस समय Shah Jahan भारत के कई राज्यों पर कब्जा करने में लगा हुआ है। वहीं, दूसरी ओर मराठा साम्राज्य अलग-अलग शासकों के अधीन बंटा हुआ है। जिसमें शिवाजी और उनके भाई संभाजी (Abhishek Bachchan) ऐसे माहौल में बड़े होते हैं, जहां उनके पिता शाहजी भोसले को अलग-अलग सल्तनतों के अधीन काम करना पड़ता है। फिल्म का फर्स्ट हाफ संभाजी के संघर्ष और बीजापुर सल्तनत से टकराव को दिखाता है। बीजापुर का खतरनाक जनरल Afzal Khan मराठाओं के खिलाफ मोर्चा संभालता है। धीरे-धीरे कहानी उस मोड़ पर पहुंचती है जहां शिवाजी को अपने स्वराज के लिए एक असंभव लगने वाली लड़ाई लड़नी पड़ती है। क्लाइमैक्स फिल्म की सबसे बड़ी ताकत है, जहां शिवाजी केवल ताकत नहीं बल्कि अपनी रणनीति और बुद्धिमत्ता से दुश्मन को मात देते हैं।
क्या है फिल्म की खासियत?
बता दें कि फिल्म की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह शिवाजी को सिर्फ एक महान योद्धा के रूप में नहीं, बल्कि एक इंसान के रूप में दिखाती है। Riteish Deshmukh ने अपने किरदार में भावनात्मक गहराई देने की कोशिश की है। साथ ही, इस फिल्म में दिखाया गया है कि युद्ध केवल तलवार से नहीं जीते जाते, बल्कि रणनीति और धैर्य भी उतने ही जरूरी होते हैं। यही बात फिल्म को अन्य ऐतिहासिक फिल्मों से अलग बनाती है। साथ ही फिल्म मराठा और मुगल संघर्ष को एक संतुलित नजरिए से पेश करती है। इसमें विरोधियों को पूरी तरह नकारात्मक नहीं दिखाया गया, जो हाल के ट्रेंड से अलग है।
एक्टिंग दमदार परफॉर्मेंस
Raja Shivaji में Riteish Deshmukh ने छत्रपति शिवाजी के किरदार में ईमानदार और प्रभावी अभिनय किया है। Abhishek Bachchan संभाजी के रोल में मजबूत नजर आते हैं और अपने किरदार को अच्छी तरह निभाते हैं। वहीं Sanjay Dutt विलेन के रूप में दमदार प्रभाव छोड़ते हैं, जबकि Vidya Balan अपनी भूमिका से कहानी में गहराई जोड़ती हैं। इसके अलावा सचिन खेड़ेकर, अमोल गुप्ते और जितेंद्र जोशी जैसे अनुभवी कलाकारों ने भी शानदार प्रदर्शन किया है। हालांकि Genelia D’Souza अपने किरदार में थोड़ी कमजोर नजर आती हैं, जिससे कुछ हिस्सों में असर कम हो जाता है।
कमजोरियां लंबाई और विजुअल्स
दरअसल इस फिल्म की सबसे बड़ी कमी इसकी लंबाई है। करीब 3 घंटे 7 मिनट की यह फिल्म कई जगह खिंची हुई लगती है। एडिटिंग और स्क्रीनप्ले को थोड़ा और टाइट किया जा सकता था। वहीं, जहां-जहां VFX का इस्तेमाल किया गया है, वहां फिल्म कमजोर पड़ती है। इतने बड़े बजट के बावजूद विजुअल्स उतने दमदार नहीं बन पाए हैं।
म्यूजिक और टेक्निकल पहलू
Raja Shivaji में अजय-अतुल का संगीत फिल्म की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरता है। बैकग्राउंड स्कोर कई सीन को भावनात्मक और प्रभावशाली बनाता है, खासकर क्लाइमैक्स में यह फिल्म को अलग ही ऊंचाई देता है। टेक्निकल पक्ष में सिनेमेटोग्राफी ठीक-ठाक है, लेकिन बड़े बजट के बावजूद कई जगह भव्यता और विजुअल ग्रैंडनेस की कमी साफ महसूस होती है।
फाइनल वर्डिक्ट
Raja Shivaji एक ईमानदार और मेहनत से बनी फिल्म है, जो Chhatrapati Shivaji Maharaj की कहानी को भव्य स्तर पर दिखाने की कोशिश करती है। फिल्म थोड़ी लंबी है और VFX व पेसिंग में कमी महसूस होती है, लेकिन मजबूत अभिनय, इमोशनल ड्रामा और दमदार क्लाइमैक्स इसे खास बनाते हैं। अगर आप ऐतिहासिक और प्रेरणादायक कहानियां पसंद करते हैं, तो यह फिल्म जरूर देखी जा सकती है।
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