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Kanwar Yatra 2026: कांवड़ यात्रा के चलते गाजियाबाद समेत कई जिलों में 12 अगस्त तक स्कूल बंद

Kanwar Yatra 2026: सावन के पवित्र महीने में शुरू हुई कांवड़ यात्रा अपने चरम की ओर बढ़ रही है। उत्तर प्रदेश में हरिद्वार और अन्य पवित्र स्थलों से गंगाजल लेकर लौट रहे लाखों कांवड़ियों की वजह से कई राष्ट्रीय और राज्य मार्गों पर भारी भीड़ देखी जा रही है। इसी स्थिति को देखते हुए उत्तर प्रदेश के मेरठ और गाजियाबाद प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। दोनों जिलों में 4 अगस्त से 12 अगस्त 2026 तक सभी स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय और तकनीकी शिक्षण संस्थानों को बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय छात्रों की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और कांवड़ यात्रा के दौरान संभावित असुविधाओं से बचने के लिए लिया गया है। हालांकि, जिन परीक्षाओं का कार्यक्रम पहले से तय है, वे निर्धारित समय पर ही आयोजित की जाएंगी।

क्यों लिया गया यह फैसला?

हर वर्ष सावन के दौरान लाखों शिवभक्त हरिद्वार, गंगोत्री, गौमुख और अन्य पवित्र स्थलों से गंगाजल लेकर पैदल अपने-अपने क्षेत्रों के शिव मंदिरों तक पहुंचते हैं। इस दौरान उत्तर प्रदेश के कई जिलों से होकर गुजरने वाले प्रमुख मार्गों पर भारी भीड़ रहती है। मेरठ और गाजियाबाद जैसे जिले दिल्ली-हरिद्वार मार्ग पर स्थित होने के कारण कांवड़ यात्रा का प्रमुख हिस्सा माने जाते हैं। श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या के चलते ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया जाता है और कई सड़कें सामान्य वाहनों के लिए बंद रहती हैं। ऐसी स्थिति में विद्यार्थियों, अभिभावकों और स्कूल बसों की आवाजाही प्रभावित होती है। इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने शिक्षण संस्थानों को अस्थायी रूप से बंद रखने का निर्णय लिया है।

मेरठ में 12 अगस्त तक बंद रहेंगे सभी शिक्षण संस्थान

मेरठ के जिलाधिकारी वी.के. सिंह के निर्देश पर जिले के सभी सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों को 12 अगस्त तक बंद रखने का आदेश जारी किया गया है।

इस आदेश के तहत:-

  • कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी और निजी स्कूल
  • बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालय
  • उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) के स्कूल
  • CBSE और CISCE (ICSE) से संबद्ध विद्यालय
  • मदरसा बोर्ड के शिक्षण संस्थान
  • सभी सरकारी और निजी कॉलेज
  • विश्वविद्यालय
  • तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षण संस्थान

सभी में नियमित कक्षाएं 12 अगस्त तक स्थगित रहेंगी।

गाजियाबाद में भी लागू हुआ आदेश

गाजियाबाद प्रशासन ने भी इसी तरह का आदेश जारी किया है। जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) द्वारा जारी निर्देश के अनुसार नर्सरी से कक्षा 12 तक के सभी स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय और तकनीकी शिक्षण संस्थान 4 अगस्त से 12 अगस्त तक बंद रहेंगे।

यह आदेश निम्न सभी संस्थानों पर लागू होगा:-

  • बेसिक शिक्षा परिषद
  • उत्तर प्रदेश बोर्ड
  • CBSE
  • ICSE
  • मदरसा बोर्ड
  • अन्य सभी मान्यता प्राप्त बोर्डों के स्कूल

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में कांवड़ियों की संख्या लगातार बढ़ रही है और प्रमुख मार्गों पर भारी भीड़ बनी हुई है। इसलिए छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

परीक्षाएं तय समय पर होंगी

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि पहले से निर्धारित परीक्षाओं पर यह आदेश लागू नहीं होगा।

यदि किसी स्कूल, कॉलेज या विश्वविद्यालय में पहले से परीक्षा निर्धारित है, तो वह अपने तय कार्यक्रम के अनुसार आयोजित की जाएगी।

यानी केवल नियमित कक्षाएं स्थगित रहेंगी, जबकि परीक्षा कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

इससे छात्रों की शैक्षणिक गतिविधियों पर न्यूनतम प्रभाव पड़ेगा।

ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर विशेष योजना

कांवड़ यात्रा के दौरान उत्तर प्रदेश पुलिस और प्रशासन ने व्यापक ट्रैफिक प्लान लागू किया है। दिल्ली-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग, मेरठ, गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर और आसपास के क्षेत्रों में कई मार्गों पर भारी वाहनों की आवाजाही सीमित की गई है। कई स्थानों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू है ताकि कांवड़ियों की यात्रा सुरक्षित और निर्बाध बनी रहे। प्रशासन ने लोगों से यात्रा पर निकलने से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी देखने की अपील भी की है।

सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई

कांवड़ यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। संवेदनशील मार्गों पर:-

  • सीसीटीवी कैमरे
  • ड्रोन निगरानी
  • कंट्रोल रूम
  • मेडिकल टीम
  • एम्बुलेंस
  • आपातकालीन सहायता केंद्र

की व्यवस्था की गई है।

प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं और आम नागरिकों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है।

स्कूलों को दिए गए विशेष निर्देश

दोनों जिलों के प्रशासन ने सभी शिक्षण संस्थानों को आदेश का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। यदि कोई संस्था बिना अनुमति नियमित कक्षाएं संचालित करती पाई गई, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। स्कूल प्रबंधन को छात्रों और अभिभावकों तक अवकाश संबंधी सूचना समय पर पहुंचाने के लिए भी कहा गया है।

अभिभावकों से क्या अपील की गई?

प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे इस अवधि में बच्चों को अनावश्यक रूप से भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में न ले जाएं। यदि किसी छात्र की परीक्षा है, तो समय से पहले परीक्षा केंद्र के लिए निकलें क्योंकि कई मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू रहेगा। साथ ही प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की भी अपील की गई है।

हर साल बढ़ती है कांवड़ियों की संख्या

उत्तर भारत में कांवड़ यात्रा दुनिया की सबसे बड़ी धार्मिक यात्राओं में गिनी जाती है। हर वर्ष करोड़ों श्रद्धालु हरिद्वार, ऋषिकेश, गंगोत्री और अन्य तीर्थस्थलों से गंगाजल लेकर अपने-अपने शहरों और गांवों के शिव मंदिरों में जलाभिषेक करते हैं। सावन के अंतिम दिनों में कांवड़ियों की संख्या और अधिक बढ़ जाती है, जिसके कारण प्रशासन को विशेष इंतजाम करने पड़ते हैं।

अन्य जिलों में भी जारी हो सकते हैं आदेश

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यदि श्रद्धालुओं की संख्या में और वृद्धि होती है या ट्रैफिक का दबाव बढ़ता है, तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में भी स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार स्कूलों की छुट्टी या अन्य प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए जा सकते हैं। हालांकि, प्रत्येक जिले का निर्णय स्थानीय प्रशासन द्वारा स्थिति का आकलन करने के बाद ही लिया जाएगा।

 

 

 

 

 

 

 

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