
Himachal Red Alert: हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर बेहद सक्रिय हो गया है। लगातार हो रही बारिश और मौसम विभाग (IMD) की ओर से जारी रेड अलर्ट के बाद राज्य के कई जिलों में प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। भारी बारिश, भूस्खलन और अचानक बाढ़ की आशंका को देखते हुए कई क्षेत्रों में स्कूल और अन्य शिक्षण संस्थान बंद रखने का फैसला किया गया है। प्रशासन का कहना है कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। मौसम सामान्य होने तक नागरिकों और पर्यटकों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
कुल्लू में एहतियातन बंद किए गए स्कूल
मौसम विभाग द्वारा कुल्लू जिले के लिए रेड अलर्ट जारी किए जाने के बाद जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष अनुराग चंद्र शर्मा ने आदेश जारी करते हुए आनी और निरमंड उपमंडलों के सभी सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों को मंगलवार, 21 जुलाई के लिए बंद रखने का निर्देश दिया। इस निर्णय का उद्देश्य विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
कौन-कौन से संस्थान रहेंगे बंद?
प्रशासन के आदेश के अनुसार केवल स्कूल ही नहीं, बल्कि कई अन्य शिक्षण संस्थानों को भी बंद रखा जाएगा। इनमें सरकारी और निजी स्कूलों के अलावा डाइट, आंगनवाड़ी केंद्र, महाविद्यालय, आईटीआई, पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग कॉलेज और फार्मेसी कॉलेज भी शामिल हैं। अधिकारियों ने सभी संस्थानों से आदेश का पालन करने को कहा है।
रेड अलर्ट के बीच बढ़ा खतरा
मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे हिमाचल प्रदेश के लिए काफी संवेदनशील रह सकते हैं। लगातार बारिश के कारण कई पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़क धंसने और नदियों-नालों के उफान पर आने की आशंका है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने की अपील की है।
किन जिलों में जारी है रेड अलर्ट?
आईएमडी के अनुसार मंगलवार को चंबा, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना है। इन जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इन इलाकों में तेज बारिश के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट
रेड अलर्ट के अलावा ऊना, हमीरपुर, कुल्लू, शिमला और सोलन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने स्थानीय अधिकारियों को पूरी तरह सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के निर्देश दिए हैं।
इन जिलों में भी होगी बारिश
मौसम विभाग ने बिलासपुर, किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई है। हालांकि यहां खतरा अपेक्षाकृत कम बताया गया है, फिर भी लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
22 जुलाई तक भारी बारिश का अनुमान
मौसम विभाग के अनुसार 22 जुलाई तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके बाद 23, 24 और 25 जुलाई को भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। वहीं 26 जुलाई को अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान लगाया गया है।
तेज हवाओं और बिजली गिरने की भी चेतावनी
बारिश के साथ-साथ कई जिलों में तेज हवाएं चलने की संभावना भी जताई गई है। विशेष रूप से किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। कम और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवा चलने की भी चेतावनी जारी की गई है।
भूस्खलन का बढ़ा खतरा
लगातार बारिश के कारण राज्य के कई पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। पहाड़ी सड़कों पर मलबा आने, चट्टानें गिरने और सड़कें बंद होने जैसी घटनाएं सामने आ सकती हैं। ऐसे में प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से पर्वतीय मार्गों पर यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
प्रशासन पूरी तरह अलर्ट
राज्य सरकार ने जिला प्रशासन, पुलिस, लोक निर्माण विभाग, बिजली विभाग और आपदा प्रबंधन टीमों को हाई अलर्ट पर रखा है। संवेदनशील क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दलों की तैनाती की गई है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके। नदियों और जलाशयों के आसपास रहने वाले लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
लोगों के लिए जरूरी सलाह
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। बारिश के समय नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें। मौसम विभाग और जिला प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक निर्देशों का पालन करें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। पर्यटकों को भी यात्रा शुरू करने से पहले मौसम की ताजा जानकारी लेने की सलाह दी गई है।
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