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Delhi Fire: दिल्ली के नरेला इंडस्ट्रियल एरिया में बड़ा हादसा, जूता फैक्ट्री धू-धू कर जली, 19 दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंची
Current image: नरेला इंडस्ट्रियल एरिया में जूता बनाने वाली फैक्ट्री में लगी भीषण आग

Delhi Fire: राजधानी दिल्ली के नरेला इंडस्ट्रियल एरिया में एक बार फिर आग की बड़ी घटना सामने आई है। शनिवार को इलाके की एक फैक्ट्री में भीषण आग लग गई, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग इतनी भयावह थी कि कई किलोमीटर दूर से धुएं का काला गुबार और ऊंची-ऊंची लपटें दिखाई दे रही थीं। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग जूता निर्माण और प्लास्टिक सामग्री से जुड़े औद्योगिक परिसर में लगी, जहां बड़ी मात्रा में ज्वलनशील सामग्री मौजूद थी। यही कारण रहा कि आग ने कुछ ही समय में विकराल रूप धारण कर लिया।

सुबह अचानक उठीं आग की लपटें

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह के समय फैक्ट्री से अचानक धुआं निकलता दिखाई दिया। कुछ ही मिनटों में आग तेजी से फैल गई और पूरी इमारत को अपनी चपेट में लेने लगी। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। आग की भयावहता को देखते हुए शुरुआती स्तर पर 15 दमकल गाड़ियां भेजी गईं, लेकिन स्थिति गंभीर होने के कारण बाद में उनकी संख्या बढ़ाकर 19 कर दी गई। फायर ब्रिगेड कर्मियों ने मौके पर पहुंचते ही राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया।

कैटेगरी-6 आग घोषित

अधिकारियों के अनुसार आग सुबह लगभग 8:45 बजे भोरगढ़ औद्योगिक क्षेत्र में लगी थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इसे तुरंत “कैटेगरी-6 फायर” घोषित किया गया। दमकल विभाग में कैटेगरी-6 का मतलब बेहद गंभीर और तेजी से फैलने वाली आग से होता है, जिसके लिए अतिरिक्त संसाधनों और विशेष रणनीति की आवश्यकता होती है। आग की तीव्रता को देखते हुए कई घंटों तक दमकल कर्मियों को लगातार मशक्कत करनी पड़ी।

फैक्ट्री में मौजूद था ज्वलनशील सामान

फायर अधिकारियों का मानना है कि फैक्ट्री में प्लास्टिक, रबर, जूता निर्माण सामग्री और अन्य ज्वलनशील वस्तुएं मौजूद थीं। इन्हीं सामग्रियों के कारण आग तेजी से फैली और धुएं की मात्रा भी काफी अधिक हो गई। विशेषज्ञों का कहना है कि प्लास्टिक और रबर में लगी आग सामान्य आग की तुलना में ज्यादा खतरनाक होती है क्योंकि इससे जहरीला धुआं निकलता है। इसी वजह से आसपास के लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई।

दमकल विभाग की बड़ी चुनौती

आग बुझाने के दौरान सबसे बड़ी चुनौती उसे आसपास की फैक्ट्रियों और इमारतों तक फैलने से रोकना था। नरेला इंडस्ट्रियल एरिया में कई छोटी और बड़ी औद्योगिक इकाइयां एक-दूसरे के काफी करीब स्थित हैं। ऐसे में यदि आग आसपास की फैक्ट्रियों तक पहुंच जाती तो नुकसान कई गुना बढ़ सकता था। दमकल विभाग की टीमों ने समय रहते फायर लाइन बनाकर आग को सीमित क्षेत्र में रोकने की कोशिश की।

लोगों में दहशत का माहौल

घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई। फैक्ट्रियों में काम कर रहे कर्मचारी बाहर निकल आए और आसपास के लोगों ने भी सुरक्षित स्थानों की ओर रुख किया। कई लोगों ने अपने मोबाइल फोन से आग की तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड किए, जो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए। धुएं का गुबार इतना घना था कि आसपास के कई इलाकों में दृश्यता प्रभावित हो गई।

किसी के हताहत होने की सूचना नहीं

फिलहाल राहत की बात यह रही कि शुरुआती रिपोर्टों में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली। हालांकि दमकल विभाग और स्थानीय प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि आग पूरी तरह बुझने के बाद ही नुकसान का सही आकलन किया जा सकेगा।

आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं

फिलहाल आग लगने की वास्तविक वजह सामने नहीं आई है। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, लेकिन अधिकारी अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचे हैं। फायर विभाग और पुलिस की टीम घटना की जांच कर रही है। आग पर पूरी तरह काबू पाने के बाद फॉरेंसिक और तकनीकी विशेषज्ञ भी जांच में शामिल हो सकते हैं।

हाल के दिनों में बढ़ी आग की घटनाएं

दिल्ली-एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में हाल के दिनों में आग की कई बड़ी घटनाएं सामने आई हैं। कुछ दिन पहले गाजियाबाद के क्रॉसिंग रिपब्लिक क्षेत्र में भी बाजार में भीषण आग लग गई थी। उस घटना में कई दुकानें जल गई थीं और एक गैस सिलेंडर में विस्फोट भी हुआ था। आग इतनी तेजी से फैली कि आसपास की एक रिहायशी सोसाइटी भी उसकी चपेट में आ गई थी। उस समय करीब 10 दमकल गाड़ियों को आग बुझाने में लगाया गया था।

औद्योगिक सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

नरेला की इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि फैक्ट्रियों में नियमित फायर ऑडिट, आधुनिक अग्निशमन उपकरण और आपातकालीन निकासी व्यवस्था अनिवार्य होनी चाहिए। यदि सुरक्षा मानकों का सही ढंग से पालन किया जाए तो ऐसी घटनाओं से होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

प्रशासन की अपील

स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और घटना स्थल से दूरी बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि दमकल विभाग की टीमें लगातार काम कर रही हैं और स्थिति पर नियंत्रण पाने की पूरी कोशिश की जा रही है। साथ ही आसपास के उद्योगों को भी सुरक्षा जांच करने और फायर सेफ्टी उपायों की समीक्षा करने की सलाह दी गई है। फिलहाल नरेला इंडस्ट्रियल एरिया में राहत और बचाव कार्य जारी है और सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि आग पर पूरी तरह कब तक काबू पाया जा सकेगा।

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Author

  • Sakshi Raj

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