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CUET UG 2026: बायोमेट्रिक सत्यापन के बावजूद परीक्षा से रह गए वंचित छात्रों को फिर से मिलेगा दूसरा मौका,नई डेट का ऐलान जल्द
Current image: CUET UG 2026

CUET UG 2026: देश की सबसे बड़ी स्नातक प्रवेश परीक्षाओं में शामिल कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET UG 2026) को लेकर लाखों छात्रों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने परीक्षा के दौरान हुई तकनीकी गड़बड़ियों को स्वीकार करते हुए प्रभावित उम्मीदवारों को दोबारा परीक्षा देने का मौका देने का फैसला किया है. NTA ने माना है कि कुछ परीक्षा केंद्रों पर सर्वर फेल होने, लॉगिन संबंधी दिक्कतों और तकनीकी बाधाओं के कारण कई छात्र समय पर परीक्षा शुरू नहीं कर पाए. इनमें बड़ी संख्या ऐसे छात्रों की थी, जिन्होंने बायोमेट्रिक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कर ली थी, लेकिन तकनीकी कारणों से परीक्षा नहीं दे सके या बीच में परीक्षा छोड़कर लौट गए. अब ऐसे उम्मीदवारों के लिए विशेष री-एग्जाम आयोजित किया जाएगा. एजेंसी जल्द ही नई परीक्षा तिथि और संबंधित दिशा-निर्देश जारी करेगी.

क्या है पूरा मामला?

CUET UG 2026 परीक्षा देशभर के विभिन्न केंद्रों पर कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित की गई. परीक्षा के दौरान कई केंद्रों से सर्वर डाउन होने, सिस्टम हैंग होने, लॉगिन में देरी और नेटवर्क कनेक्टिविटी से जुड़ी शिकायतें सामने आईं. कई छात्रों ने सोशल मीडिया और हेल्पलाइन के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई कि वे निर्धारित समय पर परीक्षा शुरू नहीं कर पाए. कुछ केंद्रों पर उम्मीदवार घंटों तक इंतजार करते रहे, जबकि कई स्थानों पर परीक्षा निर्धारित समय से काफी देर बाद शुरू हुई. स्थिति को गंभीरता से लेते हुए NTA ने जांच शुरू की और तकनीकी सेवा प्रदाता कंपनी TCS iON से विस्तृत रिपोर्ट मांगी.

NTA ने मानी तकनीकी खामी

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि कुछ परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी व्यवधान की घटनाएं सामने आई थीं. एजेंसी ने यह भी स्वीकार किया कि इससे कई उम्मीदवार प्रभावित हुए. NTA ने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है. इसी कारण प्रभावित छात्रों को दोबारा अवसर देने का निर्णय लिया गया है. एजेंसी ने छात्रों और अभिभावकों से हुई असुविधा के लिए खेद भी जताया.

3,765 छात्रों को मिलेगा दूसरा अवसर

NTA के अनुसार लगभग 95 प्रतिशत उम्मीदवारों ने सफलतापूर्वक परीक्षा पूरी की. हालांकि तकनीकी समस्याओं के चलते 3,765 छात्र ऐसे रहे जो बायोमेट्रिक सत्यापन कराने के बावजूद परीक्षा में शामिल नहीं हो सके. ये वे उम्मीदवार हैं जो परीक्षा केंद्र पर उपस्थित थे, उनकी उपस्थिति दर्ज हुई थी, लेकिन तकनीकी व्यवधान के कारण परीक्षा शुरू नहीं हो पाई या समय पर संचालित नहीं हो सकी. ऐसे सभी छात्रों को विशेष री-टेस्ट में शामिल होने का अवसर दिया जाएगा.

TCS iON को सौंपा गया जांच का जिम्मा

परीक्षा संचालन में तकनीकी सहायता प्रदान करने वाली कंपनी TCS iON को NTA ने पूरे मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं. एजेंसी ने कंपनी से कहा है कि वह तकनीकी गड़बड़ी के मूल कारणों की पहचान करे और विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करे. जांच में निम्न बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा:

  • सर्वर फेल होने की वजह
  • नेटवर्क कनेक्टिविटी में आई बाधाएं
  • लॉगिन और ऑथेंटिकेशन से जुड़ी समस्याएं
  • परीक्षा केंद्रों की तकनीकी तैयारी
  • बैकअप सिस्टम की उपलब्धता

रिपोर्ट मिलने के बाद भविष्य की परीक्षाओं में अतिरिक्त सुधार किए जाएंगे.

छात्रों में दिखा असंतोष

परीक्षा के दौरान हुई गड़बड़ियों के बाद कई छात्रों और अभिभावकों ने नाराजगी जताई थी. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बड़ी संख्या में उम्मीदवारों ने अपनी समस्याएं साझा कीं. कुछ छात्रों का कहना था कि वे घंटों तक परीक्षा केंद्र में बैठे रहे लेकिन परीक्षा शुरू नहीं हुई. कई अभ्यर्थियों ने यह भी मांग की थी कि प्रभावित उम्मीदवारों के लिए अलग से परीक्षा आयोजित की जाए ताकि उनका एक साल बर्बाद न हो. NTA के फैसले को ऐसे छात्रों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है.

बायोमेट्रिक सत्यापन क्यों बना अहम आधार?

इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि प्रभावित छात्रों ने परीक्षा केंद्र पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी. बायोमेट्रिक सत्यापन के माध्यम से यह प्रमाणित हो गया कि उम्मीदवार परीक्षा देने पहुंचे थे. इसी आधार पर NTA ने ऐसे छात्रों की पहचान की और उन्हें दोबारा मौका देने का निर्णय लिया. यह कदम परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

कब होगी री-एग्जाम?

फिलहाल NTA ने नई परीक्षा तिथि की घोषणा नहीं की है. हालांकि सूत्रों के अनुसार एजेंसी जल्द ही:

  • री-एग्जाम की तारीख
  • एडमिट कार्ड जारी करने का कार्यक्रम
  • पात्र उम्मीदवारों की सूची
  • परीक्षा केंद्रों की जानकारी

जारी कर सकती है. उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे NTA और CUET की आधिकारिक वेबसाइट पर नियमित रूप से नजर बनाए रखें.

CUET UG का बढ़ता महत्व

पिछले कुछ वर्षों में CUET देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षाओं में से एक बन चुकी है. देश के केंद्रीय विश्वविद्यालयों समेत कई राज्य, निजी और डीम्ड विश्वविद्यालय भी अब CUET स्कोर के आधार पर प्रवेश दे रहे हैं. दिल्ली विश्वविद्यालय, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय और अन्य प्रमुख संस्थानों में दाखिले के लिए CUET स्कोर अनिवार्य होता जा रहा है. ऐसे में परीक्षा से जुड़ी किसी भी तकनीकी समस्या का सीधा असर लाखों छात्रों के भविष्य पर पड़ता है.

भविष्य में क्या बदलाव संभव?

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना के बाद NTA परीक्षा प्रणाली में कई सुधार कर सकती है. संभावित बदलावों में शामिल हैं:

  • अतिरिक्त बैकअप सर्वर
  • रियल टाइम तकनीकी मॉनिटरिंग
  • परीक्षा केंद्रों का पूर्व तकनीकी ऑडिट
  • आपातकालीन तकनीकी सहायता टीम
  • उम्मीदवारों के लिए त्वरित शिकायत निवारण तंत्र

इन कदमों से भविष्य में ऐसी घटनाओं को कम किया जा सकेगा.

छात्रों के लिए क्या है सलाह?

यदि आप उन उम्मीदवारों में शामिल हैं जो तकनीकी समस्या से प्रभावित हुए थे, तो:

  • केवल आधिकारिक सूचना के आधार पर तैयारी करें.
  • NTA की आधिकारिक वेबसाइट नियमित रूप से चेक करें.
  • अपना आवेदन नंबर और लॉगिन विवरण सुरक्षित रखें.
  • ईमेल और एसएमएस अपडेट पर नजर रखें.
  • किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें.

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Author

  • Sakshi Raj

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