
Amit Shah Bikaner Visit: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने राजस्थान के बीकानेर में अंतरराष्ट्रीय सीमा का दौरा करते हुए सीमा सुरक्षा बल (BSF) को बड़ा संदेश दिया है। जिसमें उन्होंने कहा कि अब सिर्फ सीमा की निगरानी काफी नहीं है, बल्कि सीमा से 50 किलोमीटर तक के इलाकों की सुरक्षा पर भी बराबर नजर रखना जरूरी है।
जानकारी के लिए बता दें की गृहमंत्री ने बीएसएफ जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि बदलते समय के साथ सुरक्षा चुनौतियां भी बदल रही हैं। ऐसे में बीएसएफ को पारंपरिक सुरक्षा व्यवस्था से आगे बढ़कर आधुनिक और तकनीकी सुरक्षा मॉडल अपनाना होगा।
सीमावर्ती गांवों में हर बदलाव पर नजर रखने के निर्देश
अमित शाह का कहना है कि सीमा से लगे गांवों में अगर आबादी में अचानक बदलाव दिखे या किसी तरह का अवैध निर्माण नजर आए तो इसकी सूचना तुरंत राज्य सरकार, पुलिस और प्रशासन को दी जानी चाहिए। साथ ही, उन्होंने कहा कि कई बार दुश्मन ताकतें सीमावर्ती इलाकों का इस्तेमाल देश के अंदर अस्थिरता फैलाने के लिए करती हैं। इसलिए गांवों की गतिविधियों पर नजर रखना राष्ट्रीय सुरक्षा का अहम हिस्सा है।
गृहमंत्री ने साफ कहा कि बीएसएफ की जिम्मेदारी अब केवल सीमा पर तैनाती तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों में होने वाली संदिग्ध गतिविधियों को भी रोकना होगा।
ड्रोन से हथियार और ड्रग्स तस्करी बड़ा खतरा
अमित शाह ने सीमा पार से ड्रोन के जरिए हो रही हथियार और नारकोटिक्स तस्करी को देश के लिए गंभीर चुनौती बताया। जिसमें उन्होंने कहा कि दुश्मन देश अब नई तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं और भारत को भी उसी स्तर पर जवाब देना होगा। साथ ही, ड्रोन भारत की सीमा में कहां उतरता है, उसे कौन रिसीव करता है और उसके जरिए लाई गई सामग्री का इस्तेमाल कौन करता है, इस पर सुरक्षा एजेंसियों को बेहद सतर्क रहना होगा।
गृहमंत्री ने घोषणा की कि भारत सरकार अगले छह महीनों में सीमावर्ती इलाकों में अत्याधुनिक एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाने की प्रक्रिया शुरू करेगी। इससे सीमा पार से होने वाली अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिलेगी।
फोर लेयर सिक्योरिटी ग्रिड पर सरकार का फोकस
बीकानेर में आयोजित प्रहरी सम्मेलन में अमित शाह ने “फोर लेयर सिक्योरिटी ग्रिड” की अवधारणा पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा सिर्फ सेना या बीएसएफ की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें नागरिकों और राज्य सरकारों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
इस सुरक्षा मॉडल में चार प्रमुख हिस्से शामिल होंगे:
- बीएसएफ
- भारतीय सेना
- स्थानीय नागरिक
- राज्य सरकार और प्रशासन
“हमला होने के बाद जवाब देने की नौबत नहीं आनी चाहिए”
अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की सुरक्षा नीति अब पूरी तरह बदल चुकी है। वहीं, पहले देश हमला होने के बाद प्रतिक्रिया देता था, लेकिन अब लक्ष्य ऐसा सुरक्षा ढांचा तैयार करना है जिससे दुश्मन हमला करने की हिम्मत ही न कर सके। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद भारत ने आतंकवाद और सीमा सुरक्षा के मामलों में सख्त नीति अपनाई है। जहां भी आतंकियों ने हमले की कोशिश की, वहां भारत ने पूरी मजबूती से जवाब दिया। गृहमंत्री ने कहा कि मजबूत सीमाएं ही मजबूत राष्ट्र की पहचान होती हैं और सरकार इसी दिशा में तेजी से काम कर रही है।
सीमांचल से लेकर बंगाल तक होगी संयुक्त बैठकें
अमित शाह ने बताया कि हाल ही में उन्होंने बिहार के सीमांचल इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठक की थी। अब इसी तरह की संयुक्त बैठकें कच्छ बॉर्डर, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल में भी आयोजित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि जिन सीमाओं की सुरक्षा बीएसएफ करती है वहां सुरक्षा एजेंसियों, राज्य सरकारों और स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल बनाना बेहद जरूरी है।
सरकार का उद्देश्य सीमा क्षेत्रों में ऐसा सुरक्षा नेटवर्क तैयार करना है जिससे किसी भी घुसपैठ, तस्करी या आतंकी गतिविधि को शुरुआती चरण में ही रोका जा सके।
महिला बैरकों का ई-उद्घाटन
बीकानेर दौरे के दौरान अमित शाह ने बीएसएफ की महिला जवानों के लिए तैयार नई बैरकों का ई-उद्घाटन भी किया। उन्होंने कहा कि सरकार महिला सुरक्षा बलों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने महिला जवानों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा में महिलाओं का योगदान लगातार बढ़ रहा है और सरकार उन्हें हर जरूरी संसाधन उपलब्ध कराएगी।
आधुनिक तकनीक से मजबूत होगी सीमा सुरक्षा
गृहमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार सीमा सुरक्षा को हाईटेक बनाने पर तेजी से काम कर रही है। आधुनिक हथियार, स्मार्ट निगरानी सिस्टम, नाइट विजन तकनीक और एंटी-ड्रोन टेक्नोलॉजी को सीमा सुरक्षा में शामिल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में टेक्नोलॉजी आधारित सुरक्षा व्यवस्था भारत की सबसे बड़ी ताकत बनेगी। इसके जरिए न सिर्फ घुसपैठ रोकी जाएगी बल्कि तस्करी और आतंकी नेटवर्क पर भी कड़ी चोट की जाएगी।
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