
आधार कार्ड अपडेट: आधार कार्ड को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने साफ कहा है कि आधार कार्ड को अब जन्मतिथि (Date of Birth) के पुख्ता प्रमाण के रूप में स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि, यह दस्तावेज पहचान (Identity) और पते (Address Proof) के लिए पहले की तरह वैध रहेगा।
UIDAI की जानकारी अनुसार, यूजर्स एजेंसी (AUA) और ई-केवाईसी यूजर्स एजेंसियों (KUA) को भेजे गए एक ऑफिशियल पत्र में दी है। जिससे इस अपडेट के बाद अब कई सरकारी और गैर-सरकारी प्रक्रियाओं में जन्मतिथि के प्रमाण के लिए अन्य दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है।
क्या है पूरा मामला?
UIDAI के अनुसार आधार कार्ड का खास उद्देश्य किसी व्यक्ति की पहचान को सत्यापित करना है। यह बायोमेट्रिक और डेमोग्राफिक डेटा के आधार पर व्यक्ति की पहचान की पुष्टि करता है, लेकिन इसमें दर्ज जन्मतिथि की सटीकता की गारंटी नहीं होती। कई बार आधार में जन्मतिथि यूजर द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर दर्ज की जाती है, जिसे हर बार आधिकारिक दस्तावेजों से सत्यापित नहीं किया जाता। इसी कारण आधार को जन्मतिथि का विश्वसनीय और पुख्ता प्रमाण नहीं माना जा सकता।
क्यों आधार नहीं है जन्मतिथि का प्रमाण?
UIDAI ने अपने स्पष्टीकरण में बताया है कि आधार में दर्ज डेट ऑफ बर्थ तीन तरह से हो सकती है।
- Verified (सत्यापित): जब यूजर ने जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट या अन्य वैध दस्तावेज दिए हों।
- Declared (घोषित): जब यूजर ने खुद अपनी जन्मतिथि बताई हो।
- Approximate (अनुमानित): जब केवल उम्र बताई गई हो और सिस्टम ने जन्म वर्ष तय किया हो।
पहचान तो होगी उम्र नहीं
UIDAI ने साफ कहा है कि आधार कार्ड केवल पहचान सत्यापन का माध्यम है। यह साबित करता है कि कार्ड दिखाने वाला व्यक्ति वही है जिसने अपने बायोमेट्रिक और विवरण के साथ पंजीकरण कराया था। आधार के जरिए ऑथेंटिकेशन के समय बायोमेट्रिक या OTP डेटा को केंद्रीय डेटाबेस से मिलाया जाता है। अब अगर यह मेल खा जाता है, तो व्यक्ति की पहचान की पुष्टि हो जाती है। हालांकि, इस प्रक्रिया में जन्मतिथि या अन्य व्यक्तिगत जानकारियों की अलग से पुष्टि नहीं की जाती, इसलिए इसे उम्र के प्रमाण के रूप में मान्य नहीं माना जाता।
किन कामों में असर पड़ेगा?
इस अपडेट का असर कई जरूरी कामों पर पड़ सकता है।
- सरकारी नौकरियों में आवेदन
- स्कूल या कॉलेज में एडमिशन
- पासपोर्ट बनवाना
- पेंशन या आयु आधारित योजनाएं
- बैंकिंग और KYC प्रक्रियाएं
किन दस्तावेजों को माना जाएगा वैध?
जन्मतिथि के प्रमाण के लिए अब निम्न दस्तावेज ज्यादा महत्वपूर्ण होंगे।
- जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate)
- 10वीं या 12वीं की मार्कशीट
पासपोर्ट - पैन कार्ड
- सरकारी विभाग द्वारा जारी प्रमाण पत्र
एजेंसियों को दी गई छूट
UIDAI ने यह भी कहा है कि AUA और KUA जैसी एजेंसियां अपने स्तर पर यह तय कर सकती हैं कि वे आधार का उपयोग जन्मतिथि से जुड़े कामों में करना चाहती हैं या नहीं। इसके अलावा, केंद्र सरकार, राज्य सरकारें और अन्य संस्थाएं अपने नियमों के अनुसार आधार के उपयोग को निर्धारित कर सकती हैं। यानी कुछ योजनाओं में आधार का उपयोग जारी रह सकता है, लेकिन जन्मतिथि के लिए अतिरिक्त दस्तावेज मांगे जा सकते हैं।
आधार के कौन-कौन से रूप मान्य हैं?
UIDAI के अनुसार आधार के सभी रूप पूरी तरह वैध माने जाते हैं। इनमें फिजिकल आधार कार्ड, ई-आधार (डिजिटल कॉपी), मास्क्ड आधार (जिसमें नंबर आंशिक रूप से छिपा होता है), ऑफलाइन XML फाइल और QR कोड आधारित आधार शामिल हैं। ऐसे में इन सभी का उपयोग पहचान और पते के प्रमाण के रूप में किया जा सकता है। हालांकि, UIDAI ने स्पष्ट किया है कि इन किसी भी रूप को जन्मतिथि के आधिकारिक प्रमाण के रूप में स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि इसमें दर्ज डेट ऑफ बर्थ हमेशा सत्यापित नहीं होती।
लोगों को क्या करना चाहिए
ऐसे में अगर किसी प्रक्रिया में जन्मतिथि का प्रमाण जरूरी है, तो केवल आधार कार्ड पर निर्भर रहना अब सही नहीं होगा। जिससे भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के आदेश को ध्यान में रखते हुए लोगों को चाहिए कि वे अपने पास जन्म प्रमाण पत्र, 10वीं या 12वीं की मार्कशीट, पासपोर्ट या अन्य सरकारी दस्तावेज पहले से तैयार रखें। इन दस्तावेजों को सुरक्षित रखना और जरूरत पड़ने पर तुरंत उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। इससे सरकारी योजनाओं, नौकरी, एडमिशन या बैंकिंग जैसे कामों में देरी या परेशानी से बचा जा सकता है और सभी प्रक्रियाएं आसानी से पूरी हो सकती हैं।
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