
Narottam Mishra Emotional Speech: मध्य प्रदेश की राजनीति में आज सोमवार का दिन उस समय भावुक पल का गवाह बन गया, जब दतिया में भारतीय जनता पार्टी (BJP) उम्मीदवार आशुतोष तिवारी की नामांकन रैली के दौरान वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा भाषण देते-देते भावुक हो गए। बता दें की अपनी बात समाप्त करते समय उनका गला भर आया और वे कुछ पल के लिए बोल नहीं सके। इसके बाद वे मंच पर ही कुर्सी पर बैठ गए और उनकी आंखों से आंसू निकल आए।
मंच पर मौजूद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने तुरंत उनके पास पहुंचकर उनके कंधे पर हाथ रखा और उनका हौसला बढ़ाया। जिसके बाद मंच पर मौजूद अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं के चेहरे भी गंभीर नजर आए। ऐसे में नरोत्तम मिश्रा को भावुक होता देख कई समर्थकों की आंखें भी नम हो गईं।
आशुतोष तिवारी की नामांकन सभा में उमड़ा जनसैलाब
दतिया विधानसभा सीट से BJP उम्मीदवार आशुतोष तिवारी के नामांकन के अवसर पर आयोजित इस सभा में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय लोग पहुंचे थे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
दरअसल सभा का मुख्य उद्देश्य चुनावी अभियान की औपचारिक शुरुआत करना था, लेकिन नरोत्तम मिश्रा के भावुक होने की घटना ने पूरे कार्यक्रम का केंद्र बिंदु बन गई।
“BJP ने मुझे बहुत कुछ दिया”
अपने संबोधन में नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि बीजेपी ने उन्हें जीवन में सम्मान और पहचान दी है। साथ ही उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन्हें लगभग 30 सालों तक विधायक बनने का अवसर दिया और 15 सालों तक मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी।उन्होंने कहा कि उन्हें अब किसी पद या टिकट की इच्छा नहीं है। उनका एकमात्र उद्देश्य बीजेपी उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को भारी मतों से जीत दिलाना है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि हर कार्यकर्ता पूरी ताकत के साथ चुनाव मैदान में उतरे और घर-घर जाकर जनता से संपर्क करे।
“हर गांव और हर घर जाऊंगा”
नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि वह स्वयं भी चुनाव प्रचार में पूरी सक्रियता से भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि वे दतिया के हर गांव और हर मोहल्ले में जाएंगे तथा प्रत्येक मतदाता से मिलकर आशुतोष तिवारी के पक्ष में मतदान की अपील करेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी का फैसला सर्वोपरि होता है और हर कार्यकर्ता को संगठन के निर्णय का सम्मान करना चाहिए।
कांग्रेस पर साधा निशाना
अपने भाषण के दौरान नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि दतिया का चुनाव केवल दो उम्मीदवारों के बीच नहीं बल्कि दो विचारधाराओं के बीच की लड़ाई है। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह का नाम लेते हुए कहा कि जनता विकास और सुशासन के आधार पर फैसला करेगी। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी विकास के कामों के आधार पर वोट मांग रही है, जबकि कांग्रेस के पास बताने के लिए कोई बड़ा विकास कार्य नहीं है।
दिग्विजय सिंह पर भी किया हमला
बता दें पूर्व मंत्री ने अपने भाषण में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह का भी नाम लिया। उन्होंने कहा कि पिछली चुनावी हार के बाद कांग्रेस को गलतफहमी हो गई कि जनता ने उसे पूरी तरह स्वीकार कर लिया है। जिसमें उन्होंने कहा कि बीजेपी कई चुनावों में बड़ी जीत दर्ज कर चुकी है और इस बार भी पार्टी पूरी ताकत के साथ मैदान में है। उन्होंने दावा किया कि दतिया की जनता एक बार फिर बीजेपी पर भरोसा जताएगी।
“बीजेपी में कोई फूट नहीं”
दरअसल हाल ही के दिनों में टिकट वितरण को लेकर उठे विवादों पर भी नरोत्तम मिश्रा ने खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने साफ कहा कि बीजेपी पूरी तरह एकजुट है और पार्टी के भीतर किसी तरह का मतभेद नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार बीजेपी में फूट का दावा कर रही है, लेकिन वास्तविकता यह है कि सभी नेता और कार्यकर्ता मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि पार्टी के भीतर कोई नाराजगी थी तो उसे बातचीत के जरिए दूर कर लिया गया है।
टिकट नहीं मिलने पर भी संगठन के साथ
दतिया सीट को लेकर लंबे समय से यह चर्चा थी कि इस बार भी बीजेपी नरोत्तम मिश्रा को उम्मीदवार बनाएगी। लेकिन पार्टी ने आशुतोष तिवारी को टिकट देने का फैसला किया। इस फैसले के बाद कुछ कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने नाराजगी जाहिर की थी। कई समर्थकों ने पार्टी छोड़ने तक की बात कही थी। हालांकि नरोत्तम मिश्रा ने उस समय भी सार्वजनिक रूप से कहा था कि वे पार्टी के निर्णय का सम्मान करते हैं। उन्होंने अपने समर्थकों से भी संगठन के साथ रहने की अपील की थी।
नामांकन सभा में दिए गए उनके भाषण ने एक बार फिर यह संदेश देने की कोशिश की कि व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा से ऊपर संगठन का हित है।
विकास के मुद्दे पर मांगे वोट
नरोत्तम मिश्रा ने अपने संबोधन में दतिया के विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पहले दतिया में बुनियादी सुविधाओं की कमी थी, लेकिन पिछले वर्षों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य क्षेत्रों में काफी काम हुआ है। उन्होंने दावा किया कि कानून व्यवस्था की स्थिति भी पहले की तुलना में बेहतर हुई है और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि जनता विकास के आधार पर मतदान करेगी और यही बीजेपी की सबसे बड़ी ताकत है।
सीएम मोहन यादव की मौजूदगी बनी चर्चा का विषय
ऐसे में जब नरोत्तम मिश्रा भावुक हुए तो मुख्यमंत्री मोहन यादव ने तुरंत उनके पास जाकर उनका हौसला बढ़ाया। मुख्यमंत्री का यह भावनात्मक व्यवहार भी कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।
राजनीतिक एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस घटना ने बीजेपी की ओर से एकजुटता का संदेश देने का काम किया है। मंच पर दोनों नेताओं की यह तस्वीर सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल होने लगी।
चुनावी राजनीति में भावनात्मक संदेश
दतिया की इस नामांकन सभा ने केवल चुनावी ताकत का प्रदर्शन ही नहीं किया, बल्कि संगठन के प्रति समर्पण का संदेश भी दिया। नरोत्तम मिश्रा के भावुक भाषण ने यह स्पष्ट करने की कोशिश की कि टिकट न मिलने के बावजूद वे पार्टी के फैसले के साथ मजबूती से खड़े हैं।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि दतिया विधानसभा चुनाव में बीजेपी की यह एकजुटता और चुनावी रणनीति मतदाताओं को कितना प्रभावित करती है। फिलहाल पार्टी पूरी ताकत के साथ आशुतोष तिवारी की जीत सुनिश्चित करने के लिए प्रचार अभियान में जुट चुकी है।






