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Uddhav Thackeray Resignation: उद्धव ठाकरे पद छोड़ने को तैयार, कहा-किसी को भी बना दो शिवसेना अध्यक्ष
Uddhav Thackeray Resignation: उद्धव ठाकरे ने पद छोड़ने की जताई इच्छा
उद्धव ठाकरे ने पद छोड़ने की जताई इच्छा

Uddhav Thackeray Resignation: महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों उथल-पुथल देखने को मिल रही है। दरअसल, शुक्रवार के दिन शिवसेना (UBT) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने पार्टी के शिवसेना के 60वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए भाजपा पर तंज कसा है। उद्धव ने अपने भाषण में साफ कहा है कि अगर पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं को लगता है कि वह शिवसेना प्रमुख पद के लिए उपयुक्त नहीं हैं, तो वह यह जिम्मेदारी छोड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि मैं संघर्ष से पीछे हटने वाला नहीं हूं, लेकिन जिस दिन आपको लगे कि मैं इस पद के योग्य नहीं हूं, उसी दिन मैं यह जिम्मेदारी छोड़ दूंगा। किसी भी योग्य व्यक्ति को शिवसेना का अध्यक्ष (Shiv Sena President) बनाया जा सकता है।

ऐसे में आइए यहां विस्तार से जानते हैं कि क्या है महाराष्ट्र की राजनीति का यह पूरा मामला और आगे क्या रणनीति है?

पार्टी में टूट की अटकलों के बीच आया बयान

शिवसेना के 60वें स्थापना दिवस समारोह (Shiv Sena’s 60th Foundation Day celebrations) के दौरान दिया गया उद्धव ठाकरे का यह बयान ऐसे समय आया है, जब शिवसेना (UBT) में अंदरूनी मतभेद और टूट की अटकलें लगातार सामने आ रही हैं। माना जा रहा है कि उन्होंने यह संदेश पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को एकजुट रखने के लिए दिया है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग यह सोच रहे हैं कि पार्टी टूटने और राजनीतिक चुनौतियों के बाद उनका हौसला कमजोर पड़ जाएगा, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह आखिरी सांस तक अपने विचारों और पार्टी के लिए संघर्ष करते रहेंगे।

बीजेपी और शिंदे गुट पर जमकर बरसे उद्धव

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अपने भाषण में उद्धव ठाकरे ने बीजेपी (BJP) और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिंदे गुट पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को तोड़ने और विधायकों को अपने पक्ष में करने की राजनीति लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। उद्धव ने कहा कि अगर इसी तरह की राजनीति चलती रही तो ‘ऑपरेशन कमल’ (Operation Lotus) का जवाब “ऑपरेशन तोड़वा” से दिया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बढ़ रहा है और विपक्षी नेताओं को चुनाव लड़ने तक में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

देश अराजकता की ओर बढ़ रहा है

उद्धव ठाकरे ने अपने संबोधन में कहा कि देश की राजनीति एक चिंताजनक दिशा में जा रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका बेहद अहम होती है, लेकिन आज विपक्षी दलों को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा, “देश अराजकता की ओर बढ़ रहा है। अगर लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा नहीं की गई तो इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं।”

उद्धव ठाकरे ने बीजेपी को दी चेतावनी

उद्धव ठाकरे ने बीजेपी को चेतावनी देते हुए कहा कि युवाओं की ताकत को कभी कम नहीं आंकना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत की आजादी की लड़ाई में युवाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और आज भी वही युवा बड़े बदलाव ला सकते हैं। उन्होंने कहा, “अगर आप यही राजनीति करते रहे तो आपका भविष्य खतरे में पड़ सकता है। युवाओं की शक्ति को समझिए और लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान कीजिए।”

पार्टी छोड़ने वाले नेताओं पर भी साधा निशाना

उद्धव ठाकरे ने पार्टी छोड़कर जाने वाले सांसदों और विधायकों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं और आम जनता की मेहनत से ये नेता चुनाव जीतते हैं, लेकिन बाद में अपने स्वार्थ के लिए पार्टी छोड़ देते हैं। उन्होंने कहा, “किसानों ने चंदा दिया, कार्यकर्ताओं ने दिन-रात मेहनत की और कुछ नेता जीतने के बाद दूसरी तरफ चले गए। जनता को उनसे सवाल पूछने का पूरा अधिकार है।”

कांग्रेस में विलय की अटकलों को किया खारिज

आपकी जानकारी के लिए बता दें की हाल के दिनों में शिवसेना (UBT) के कांग्रेस में विलय की चर्चाएं भी तेज थीं। इस पर उद्धव ठाकरे ने साफ कहा कि शिवसेना किसी भी पार्टी में विलय होने के लिए नहीं बनी थी। उन्होंने कहा, “शिवसेना मराठी लोगों के अधिकारों और हिंदुत्व की रक्षा के लिए बनाई गई थी। अगर हम 30 साल तक बीजेपी के साथ रहकर भी उसमें विलय नहीं हुए, तो कांग्रेस में विलय का सवाल ही नहीं उठता।”

कांग्रेस ने कभी मातोश्री का अपमान नहीं किया

उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस के साथ अपने संबंधों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि अतीत में दोनों दलों के बीच वैचारिक मतभेद जरूर रहे, लेकिन कांग्रेस ने कभी ‘मातोश्री’ का अपमान नहीं किया। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस ने गठबंधन में किए गए अपने वादों का सम्मान किया, जबकि बीजेपी ने समय-समय पर अपने सहयोगियों के साथ अलग व्यवहार किया।

बीजेपी पर कसा तंज

उद्धव ठाकरे ने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि एक समय ऐसा था जब शिवसेना के समर्थन के बिना बीजेपी महाराष्ट्र में मजबूत नहीं हो सकती थी। उन्होंने दावा किया कि अब हालात ऐसे बन रहे हैं कि बीजेपी को ही शिंदे गुट की शिवसेना में शामिल होना पड़ सकता है।

संघर्ष जारी रखने का किया ऐलान

बता दें की भाषण के अंत में उद्धव ठाकरे ने साफ कर दिया कि वह पद के मोह में नहीं हैं, लेकिन अपने विचारों और पार्टी की पहचान के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि अगर पार्टी कार्यकर्ता चाहेंगे तो वह पद छोड़ देंगे, लेकिन लड़ाई कभी नहीं छोड़ेंगे। उद्धव के इस बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में शिवसेना (यूबीटी) के भीतर क्या राजनीतिक घटनाक्रम सामने आते हैं और उद्धव ठाकरे की यह पेशकश पार्टी की राजनीति को किस दिशा में ले जाती है।

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Author

  • Aparna Panwar

    अपर्णा पवांर, एक हिंदी कंटेंट राइटर है, जिन्होंने डिजिटल मीडिया में अपनी लेखनी से पहचान बनाई। आज वे “Khaber Aaj Ki” में हिंदी कंटेंट राइटर के पद पर काम करते हुए पत्रकारिता को अपना जुनून मानती हैं। उनके विचारों में खबरें केवल सूचनाएं नहीं, बल्कि लोगों तक सच्चाई पहुँचाने का माध्यम हैं।

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