
Dharmendra Pradhan: देशभर में परीक्षा प्रणाली को लेकर चल रही चर्चाओं और हाल के विवादों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के मुख्यालय का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने एजेंसी की कार्यप्रणाली, परीक्षा संचालन व्यवस्था और सुरक्षा उपायों की समीक्षा की। अधिकारियों के साथ हुई बैठक में परीक्षा प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और त्रुटिरहित बनाने पर विशेष जोर दिया गया। हाल के महीनों में NTA लगातार सुर्खियों में रहा है। NEET-UG परीक्षा से जुड़े विवादों, परीक्षा प्रबंधन पर उठे सवालों और छात्रों की चिंताओं के बीच शिक्षा मंत्रालय की ओर से लगातार समीक्षा बैठकों का दौर जारी है। ऐसे माहौल में धर्मेंद्र प्रधान का NTA मुख्यालय पहुंचना काफी अहम माना जा रहा है।
NTA मुख्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक
सूत्रों के अनुसार शिक्षा मंत्री ने NTA अधिकारियों के साथ कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। बैठक में परीक्षा केंद्रों की निगरानी, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम और परीक्षा प्रक्रिया को मजबूत बनाने पर विचार-विमर्श किया गया। धर्मेंद्र प्रधान ने अधिकारियों से परीक्षा संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने और छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
छात्रों का भरोसा लौटाना सबसे बड़ी चुनौती
हाल के समय में कई छात्र संगठनों और अभिभावकों ने परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग उठाई है। कुछ संगठनों ने NTA की कार्यप्रणाली पर सवाल भी खड़े किए हैं। इसी बीच शिक्षा मंत्री ने बार-बार यह संदेश दिया है कि परीक्षा प्रक्रिया को “स्ट्रेस-फ्री” और “जीरो एरर” बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। उनका मानना है कि छात्रों का भरोसा जीतना और निष्पक्ष परीक्षा सुनिश्चित करना सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
NEET और अन्य परीक्षाओं पर विशेष फोकस
बैठक में मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG समेत अन्य राष्ट्रीय परीक्षाओं की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने परीक्षा संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी शिक्षा मंत्री को दी। बताया गया कि परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा बढ़ाने, प्रश्नपत्रों की गोपनीयता बनाए रखने और तकनीकी निगरानी को मजबूत करने के लिए कई नए कदम उठाए जा रहे हैं।
पेपर लीक विवाद के बाद बढ़ी सतर्कता
NEET-UG 2026 को लेकर सामने आए विवादों के बाद सरकार ने परीक्षा प्रणाली को और मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। कई उच्च स्तरीय बैठकों में परीक्षा सुरक्षा को लेकर व्यापक चर्चा की गई है। शिक्षा मंत्रालय ने NTA को सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने, डिजिटल मॉनिटरिंग बढ़ाने और राज्य प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए हैं।
परीक्षा सुधारों पर सरकार का जोर
धर्मेंद्र प्रधान लगातार यह कहते रहे हैं कि भारत की परीक्षा प्रणाली को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाया जाएगा। इसके लिए तकनीक आधारित निगरानी, पारदर्शी प्रक्रियाएं और जवाबदेही बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल परीक्षा प्रणाली और आधुनिक सुरक्षा उपाय भविष्य में परीक्षा संबंधी विवादों को कम करने में मदद कर सकते हैं।
विपक्ष और छात्र संगठनों का दबाव
हाल के दिनों में कई छात्र संगठनों और सामाजिक समूहों ने NTA से जुड़े मामलों पर प्रदर्शन किए हैं। कुछ संगठनों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक की मांग उठाई है। हालांकि सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में सुधार और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं तथा किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
क्या बदल सकता है आगे?
शिक्षा मंत्रालय की बैठकों और NTA की समीक्षा के बाद आने वाले समय में परीक्षा संचालन से जुड़े कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने, तकनीकी निगरानी बढ़ाने तथा परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में काम जारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ये सुधार प्रभावी ढंग से लागू होते हैं तो छात्रों और अभिभावकों का भरोसा फिर से मजबूत हो सकता है।
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