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Delhi SIR: दिल्ली में 30 जून से शुरू होगा SIR अभियान, 7 अक्टूबर को जारी होगी फाइनल वोटर लिस्ट
Current image: दिल्ली में 30 जून से शुरू होगा SIR

Delhi SIR: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मतदाता सूची को अपडेट और पारदर्शी बनाने के लिए चुनाव आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) अभियान शुरू करने का फैसला किया है. दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी Ashok Kumar ने बुधवार को इस अभियान की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि 30 जून 2026 से बूथ स्तर अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे. यह प्रक्रिया दिल्ली की मतदाता सूची को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से शुरू की जा रही है. अभियान के तहत मतदाताओं की पहचान, पते और अन्य जानकारियों का सत्यापन किया जाएगा. अंतिम मतदाता सूची 7 अक्टूबर 2026 को जारी होगी.

क्या है SIR अभियान?

विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR चुनाव आयोग द्वारा चलाया जाने वाला एक व्यापक सत्यापन अभियान है. इसका उद्देश्य मतदाता सूची में मौजूद गलतियों को दूर करना, मृत या स्थानांतरित हो चुके मतदाताओं के नाम हटाना और पात्र नागरिकों के नाम जोड़ना होता है. इस प्रक्रिया के तहत बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं से जानकारी एकत्र करेंगे और दस्तावेजों का सत्यापन करेंगे. चुनाव आयोग का कहना है कि इससे चुनाव प्रक्रिया और ज्यादा निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनेगी.

20 जून से शुरू हुई तैयारी

मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार के मुताबिक, SIR अभियान की तैयारी पहले से शुरू कर दी गई है. 20 जून से 29 जून तक बीएलओ और सुपरवाइजरों की ट्रेनिंग, गणना फॉर्म की छपाई और जरूरी स्टेशनरी की व्यवस्था की जाएगी. उन्होंने बताया कि सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अभियान से जुड़ी सभी तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं. चुनाव आयोग इस बार तकनीक और डिजिटल माध्यमों का भी व्यापक इस्तेमाल करेगा.

घर-घर जाकर होगा सत्यापन

30 जून से 29 जुलाई के बीच बूथ स्तर अधिकारी दिल्ली के हर इलाके में जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे. इस दौरान हर मतदाता को एक गणना फॉर्म दिया जाएगा, जिसमें उन्हें अपनी व्यक्तिगत जानकारी भरनी होगी. मतदाताओं को यह फॉर्म बीएलओ को वापस जमा करना होगा. इसके साथ ही ऑनलाइन फॉर्म भरने की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी ताकि लोग घर बैठे अपनी जानकारी अपडेट कर सकें.

65 लाख वोटरों की हो चुकी मैपिंग

दिल्ली CEO के अनुसार, अभी तक लगभग 65 लाख मतदाताओं की मैपिंग की जा चुकी है. यह कुल क्षेत्र का करीब 42 प्रतिशत हिस्सा है. उन्होंने कहा कि इस बार सत्यापन प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और डिजिटल बनाया जा रहा है ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी या शिकायत की संभावना कम हो.

राजनीतिक दलों को भी जोड़ा जाएगा

चुनाव आयोग ने इस अभियान में राजनीतिक दलों की भागीदारी सुनिश्चित करने का भी फैसला किया है. बूथ स्तर एजेंट (BLA) के जरिए राजनीतिक पार्टियों को सत्यापन प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा. इसका उद्देश्य पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना और किसी भी विवाद से बचना है. चुनाव आयोग ने कहा कि सभी जानकारी मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी.

कब जारी होगी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट?

अभियान के तहत तैयार की गई ड्राफ्ट मतदाता सूची 5 अगस्त 2026 को जारी की जाएगी. इसके बाद नागरिक 4 सितंबर तक अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे. यदि किसी व्यक्ति का नाम सूची में नहीं है या जानकारी गलत है, तो वह निर्धारित समय के भीतर सुधार के लिए आवेदन कर सकेगा.

7 अक्टूबर को आएगी अंतिम सूची

सभी दावे और आपत्तियों के निपटारे के बाद अंतिम मतदाता सूची 7 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी. यही सूची आगामी चुनावों में इस्तेमाल की जाएगी. चुनाव आयोग का मानना है कि इस प्रक्रिया से मतदाता सूची ज्यादा विश्वसनीय और त्रुटिरहित बनेगी.

2002 की वोटर लिस्ट में ऐसे खोजें अपना नाम

दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि जो लोग वर्ष 2002 से पहले दिल्ली में रह रहे हैं, वे विभाग की वेबसाइट पर अपलोड की गई 2002 की मतदाता सूची में अपना नाम खोज सकते हैं. यदि किसी व्यक्ति का नाम पुरानी सूची में मिलता है, तो उसके सत्यापन की प्रक्रिया आसान हो जाएगी. वहीं जो लोग 2002 के बाद दिल्ली आए हैं, वे चुनाव आयोग के पोर्टल पर अपनी जानकारी भरकर सत्यापन करवा सकते हैं.

ऑनलाइन सुविधा भी होगी उपलब्ध

इस बार चुनाव आयोग डिजिटल प्रक्रिया पर भी जोर दे रहा है. मतदाता ऑनलाइन माध्यम से फॉर्म भर सकेंगे और जरूरी दस्तावेज अपलोड कर सकेंगे. इसके अलावा जिला और विधानसभा स्तर पर हेल्पडेस्क भी बनाए जाएंगे, जहां लोगों को सहायता दी जाएगी.

क्यों जरूरी है SIR?

विशेषज्ञों का मानना है कि समय के साथ मतदाता सूची में कई तरह की त्रुटियां आ जाती हैं. कई लोग शहर बदल लेते हैं, कुछ लोगों की मृत्यु हो जाती है, जबकि कई नए मतदाता जुड़ते हैं. ऐसे में SIR जैसी प्रक्रिया चुनाव प्रणाली को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाती है. इससे फर्जी मतदान की संभावना कम होती है और वास्तविक मतदाताओं को अधिकार सुनिश्चित होता है.

दिल्ली चुनाव पर पड़ेगा असर

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि दिल्ली में SIR अभियान आगामी चुनावों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है. राजधानी में लगातार बढ़ती आबादी और माइग्रेशन के कारण मतदाता सूची को अपडेट रखना बड़ी चुनौती बन चुका है. इस अभियान के जरिए चुनाव आयोग मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाने की कोशिश कर रहा है.

चुनाव आयोग ने लोगों से की अपील

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने दिल्लीवासियों से अपील की है कि वे सत्यापन प्रक्रिया में पूरा सहयोग करें. उन्होंने कहा कि बीएलओ जब घर आएं तो उन्हें सही जानकारी और दस्तावेज उपलब्ध कराएं. साथ ही लोगों से ऑनलाइन पोर्टल का उपयोग कर अपनी जानकारी समय पर अपडेट करने को भी कहा गया है. चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि SIR प्रक्रिया के हर चरण की निगरानी की जाएगी. किसी भी शिकायत या अनियमितता पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी. इसके लिए जिला स्तर पर निगरानी टीम भी बनाई जा रही हैं.

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  • Sakshi Raj

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