
Ranveer Singh FWICE Ban : बॉलीवुड अभिनेता Ranveer Singh इन दिनों अपनी फिल्मों से ज्यादा विवादों को लेकर चर्चा में हैं. फिल्म डॉन 3 से अचानक बाहर होने के बाद अब उनके खिलाफ फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने बड़ा कदम उठाया है. इंडस्ट्री के इस बड़े संगठन ने रणवीर सिंह के खिलाफ गैर-सहयोग (Non-Cooperation) निर्देश जारी कर दिया है, जिसके बाद फिल्म इंडस्ट्री में हलचल तेज हो गई है. बताया जा रहा है कि रणवीर सिंह के फिल्म छोड़ने से प्रोडक्शन हाउस को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है. इसी मुद्दे को लेकर मामला अब कानूनी और पेशेवर विवाद में बदलता दिखाई दे रहा है. दूसरी तरफ रणवीर सिंह ने अब तक इस पूरे मामले पर कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है, जिससे अटकलों का दौर और तेज हो गया है.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, Farhan Akhtar की बहुप्रतीक्षित फिल्म Don 3 को लेकर लंबे समय से चर्चा चल रही थी. इस फिल्म में रणवीर सिंह को नए डॉन के रूप में पेश किया गया था. फिल्म की घोषणा के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर काफी उत्साह भी देखने को मिला. हालांकि अचानक खबर आई कि रणवीर सिंह ने फिल्म से खुद को अलग कर लिया है. बताया जा रहा है कि शूटिंग शुरू होने से करीब तीन हफ्ते पहले उन्होंने यह फैसला लिया. इससे फिल्म की पूरी प्लानिंग प्रभावित हुई और प्रोडक्शन हाउस को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा.
एक्सेल एंटरटेनमेंट ने मांगा 45 करोड़ का हर्जाना
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फरहान अख्तर के प्रोडक्शन हाउस Excel Entertainment ने रणवीर सिंह से करीब 45 करोड़ रुपये के नुकसान की भरपाई की मांग की है. FWICE के मुख्य सलाहकार Ashoke Pandit ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस बात की पुष्टि की. उन्होंने कहा कि फिल्म की तैयारियों, सेट डिजाइन, प्री-प्रोडक्शन और अन्य व्यवस्थाओं पर पहले ही भारी खर्च किया जा चुका था. ऐसे में अभिनेता के अचानक बाहर होने से निर्माताओं को आर्थिक झटका लगा.
FWICE ने क्यों लिया सख्त फैसला?
फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज यानी FWICE भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के कर्मचारियों और तकनीशियनों का बड़ा संगठन माना जाता है. संगठन का कहना है कि रणवीर सिंह को मामले पर चर्चा के लिए तीन बार बुलाया गया, लेकिन उन्होंने किसी भी बैठक में हिस्सा नहीं लिया. FWICE के अध्यक्ष बीरेंद्र नाथ तिवारी और महासचिव अशोक दुबे ने कहा कि अभिनेता की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया. इसी वजह से संगठन ने उनके खिलाफ गैर-सहयोग निर्देश जारी किया. इस फैसले का मतलब यह है कि संगठन से जुड़े कर्मचारी और तकनीशियन रणवीर सिंह के साथ काम करने से इनकार कर सकते हैं.
क्या रणवीर सिंह पर पूरी तरह बैन लग गया?
इस विवाद के बाद सोशल मीडिया पर यह सवाल तेजी से उठने लगा कि क्या रणवीर सिंह अब बॉलीवुड में काम नहीं कर पाएंगे? हालांकि कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि किसी कलाकार को पूरी तरह इंडस्ट्री से बाहर करना आसान नहीं है. अभिनेता के वकील की ओर से भी बयान सामने आया है, जिसमें कहा गया कि यह कदम कलाकार के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन हो सकता है. विशेषज्ञों के अनुसार, FWICE का निर्देश इंडस्ट्री के भीतर दबाव जरूर बना सकता है, लेकिन इससे किसी अभिनेता के करियर पर पूरी तरह रोक नहीं लगाई जा सकती.
रणवीर सिंह ने क्यों साधी चुप्पी?
पूरे विवाद के बीच रणवीर सिंह की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. हालांकि उनके प्रवक्ता ने मीडिया को बताया कि अभिनेता इस मामले को सार्वजनिक तमाशा नहीं बनाना चाहते. प्रवक्ता के अनुसार, रणवीर का मानना है कि पेशेवर मतभेदों को आपसी बातचीत और सम्मान के साथ निजी तौर पर सुलझाना बेहतर होता है. इसलिए उन्होंने जानबूझकर सार्वजनिक बयानबाजी से दूरी बनाई हुई है.
फैंस के बीच छिड़ी बहस
इस पूरे विवाद ने सोशल मीडिया पर भी बहस छेड़ दी है. एक तरफ रणवीर सिंह के फैंस उनके समर्थन में उतर आए हैं, तो दूसरी तरफ फरहान अख्तर और एक्सेल एंटरटेनमेंट के समर्थक अभिनेता की आलोचना कर रहे हैं. कई लोगों का कहना है कि जब रणवीर सिंह का करियर मुश्किल दौर से गुजर रहा था, तब फरहान अख्तर ने उन पर भरोसा जताया था. ऐसे में फिल्म छोड़ना निर्माताओं के साथ अन्याय माना जा रहा है. वहीं कुछ लोग यह भी मानते हैं कि किसी अभिनेता को अपनी पेशेवर पसंद चुनने का पूरा अधिकार है.
‘डॉन 3’ को लेकर पहले भी हुआ था विवाद
जब Don 3 में रणवीर सिंह की एंट्री हुई थी, तभी सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिली थीं. कई दर्शक चाहते थे कि Shah Rukh Khan ही इस फ्रेंचाइजी का हिस्सा बने रहें. हालांकि फिल्म मेकर्स ने नई पीढ़ी के दर्शकों को ध्यान में रखते हुए रणवीर सिंह को कास्ट किया था. टीजर रिलीज के बाद भी अभिनेता के लुक और स्टाइल को लेकर काफी चर्चा हुई थी. अब उनके बाहर होने के बाद फिल्म का भविष्य एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गया है.
इंडस्ट्री में कॉन्ट्रैक्ट विवाद क्यों बढ़ रहे हैं?
बॉलीवुड में पिछले कुछ वर्षों में कलाकारों और प्रोडक्शन हाउस के बीच कॉन्ट्रैक्ट विवाद तेजी से बढ़े हैं. बड़े बजट की फिल्मों में शूटिंग से पहले ही करोड़ों रुपये खर्च हो जाते हैं. ऐसे में किसी कलाकार का अचानक फिल्म छोड़ना निर्माताओं के लिए बड़ा जोखिम बन जाता है. इसी कारण अब कई प्रोडक्शन हाउस कानूनी अनुबंधों को पहले से ज्यादा मजबूत बना रहे हैं.
क्या सुलह की संभावना है?
फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े जानकारों का मानना है कि मामला अभी पूरी तरह बिगड़ा नहीं है. चूंकि रणवीर सिंह ने सार्वजनिक रूप से कोई विवादित बयान नहीं दिया है, इसलिए दोनों पक्ष बातचीत के जरिए समाधान निकाल सकते हैं. FWICE भी आमतौर पर ऐसे मामलों में मध्यस्थ की भूमिका निभाता है. यदि अभिनेता और प्रोडक्शन हाउस के बीच सहमति बनती है, तो विवाद खत्म हो सकता है.
रणवीर सिंह के आगामी प्रोजेक्ट्स पर असर?
रणवीर सिंह फिलहाल कई बड़े प्रोजेक्ट्स में व्यस्त बताए जा रहे हैं. हालांकि FWICE के फैसले के बाद उनके आगामी प्रोजेक्ट्स पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है. अगर यह विवाद लंबा खिंचता है, तो कुछ निर्माता उनके साथ काम करने से पहले अतिरिक्त सावधानी बरत सकते हैं. वहीं उनके फैंस को उम्मीद है कि अभिनेता जल्द ही इस मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट करेंगे.
बॉलीवुड में पहले भी लगे हैं ऐसे बैन
यह पहली बार नहीं है जब किसी अभिनेता या फिल्म निर्माता को इंडस्ट्री संगठन के विरोध का सामना करना पड़ा हो. पहले भी कई कलाकारों और प्रोडक्शन हाउस के बीच विवाद सामने आते रहे हैं. हालांकि ज्यादातर मामलों में बातचीत और समझौते के जरिए समाधान निकाल लिया गया.
फरहान अख्तर की चुप्पी भी चर्चा में
दिलचस्प बात यह है कि Farhan Akhtar ने भी अब तक इस विवाद पर खुलकर कोई बयान नहीं दिया है. हालांकि उनके प्रोडक्शन हाउस की ओर से कानूनी प्रक्रिया जारी रखने के संकेत जरूर मिले हैं. फिल्म इंडस्ट्री अब इस बात का इंतजार कर रही है कि क्या दोनों पक्ष आमने-सामने बैठकर इस विवाद को खत्म करेंगे या मामला कानूनी लड़ाई तक पहुंचेगा.
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