
CNG Price Hike: दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले लाखों लोगों को शनिवार सुबह महंगाई का एक और बड़ा झटका लगा. पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के बाद अब सीएनजी (CNG) के दाम भी फिर बढ़ा दिए गए हैं. नई दरें लागू होने के बाद दिल्ली में सीएनजी की कीमत 1 रुपये प्रति किलो बढ़कर 81.09 रुपये प्रति किलो हो गई है. इससे पहले राजधानी में सीएनजी की कीमत 80.09 रुपये प्रति किलो थी. पिछले 10 दिनों में यह तीसरी बार है जब ईंधन की कीमतों में इजाफा हुआ है. लगातार बढ़ती कीमतों का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है. खासकर ऑटो-रिक्शा चालकों, टैक्सी ड्राइवरों, कैब सर्विस ऑपरेटर्स और रोजाना सफर करने वाले यात्रियों की चिंता बढ़ गई है.
दिल्ली-NCR में लागू हुए नए CNG रेट
नई कीमतें लागू होने के बाद दिल्ली और आसपास के शहरों में सीएनजी के दाम बढ़ गए हैं. राजधानी दिल्ली में अब सीएनजी 81.09 रुपये प्रति किलो बिक रही है. वहीं नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे एनसीआर शहरों में भी कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है. ईंधन कंपनियों का कहना है कि गैस की खरीद लागत बढ़ने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण यह फैसला लिया गया है. हालांकि आम लोगों के लिए यह राहत की खबर नहीं है क्योंकि रोजमर्रा के खर्च लगातार बढ़ते जा रहे हैं.
ऑटो और टैक्सी चालकों की बढ़ी परेशानी
दिल्ली-NCR में लाखों ऑटो और टैक्सी चालक अपनी रोजी-रोटी के लिए CNG वाहनों पर निर्भर हैं. ऐसे में लगातार बढ़ती कीमतों ने उनकी चिंता बढ़ा दी है. कई ड्राइवरों का कहना है कि पहले ही पेट्रोल-डीजल और अन्य जरूरी सामान महंगे हो चुके हैं, अब CNG के दाम बढ़ने से कमाई पर सीधा असर पड़ेगा. ऑटो चालक संगठनों का कहना है कि यदि इसी तरह कीमतें बढ़ती रहीं तो किराया बढ़ाने की मांग करनी पड़ेगी. उनका कहना है कि वाहन की मेंटेनेंस, EMI और गैस के खर्च के बाद बचत लगातार कम होती जा रही है.
आम यात्रियों पर भी पड़ेगा असर
सीएनजी महंगी होने का असर सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा. दिल्ली-NCR में रोजाना लाखों लोग ऑटो, टैक्सी और कैब सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं. यदि किराए बढ़ते हैं तो इसका बोझ सीधे यात्रियों पर पड़ेगा. विशेषज्ञों का मानना है कि सार्वजनिक परिवहन की लागत बढ़ने से ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों, छात्रों और छोटे कारोबारियों के मासिक बजट पर असर पड़ सकता है. पहले ही बढ़ती महंगाई ने घरेलू खर्च बढ़ा दिए हैं, ऐसे में यह फैसला लोगों की मुश्किलें और बढ़ा सकता है.
लगातार बढ़ रही ईंधन की कीमतें
देशभर में पिछले कुछ समय से पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. दिल्ली-NCR में पिछले 10 दिनों के भीतर तीसरी बार ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है. ऊर्जा विशेषज्ञों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में तेजी, डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी और आयात लागत बढ़ने के कारण घरेलू बाजार में भी कीमतें प्रभावित हो रही हैं.
IGL ने लागू की नई दरें
दिल्ली और एनसीआर में सीएनजी और पीएनजी सप्लाई करने वाली कंपनी इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने नई दरें लागू की हैं. कंपनी की ओर से जारी जानकारी के अनुसार नई कीमतें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं. सूत्रों के मुताबिक आने वाले दिनों में यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतों में और बढ़ोतरी होती है तो कीमतों में फिर बदलाव संभव है.
घरेलू बजट पर असर
सीएनजी के दाम बढ़ने का असर मध्यम वर्गीय परिवारों के बजट पर भी पड़ने लगा है. कई परिवार रोजाना आने-जाने के लिए निजी CNG कारों का इस्तेमाल करते हैं.नई दरों के बाद अब उन्हें हर महीने ज्यादा खर्च करना पड़ेगा. इसके अलावा परिवहन महंगा होने से फल-सब्जियों, दूध और अन्य जरूरी सामानों की ढुलाई लागत भी बढ़ सकती है. इसका असर बाजार कीमतों पर पड़ना तय माना जा रहा है.
विशेषज्ञों ने जताई चिंता
आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ती ईंधन कीमतें महंगाई को और बढ़ा सकती हैं. यदि ट्रांसपोर्ट कॉस्ट बढ़ती है तो इसका असर लगभग हर सेक्टर पर पड़ता है.
विशेषज्ञों के अनुसार:
- परिवहन खर्च बढ़ेगा
- सामान की कीमतें बढ़ सकती हैं
- ऑटो-टैक्सी किराए में इजाफा संभव
- मध्यम वर्ग की बचत प्रभावित होगी
- छोटे व्यापारियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा
लोगों ने सोशल मीडिया पर जताई नाराजगी
सीएनजी कीमतों में बढ़ोतरी के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों की प्रतिक्रिया सामने आने लगी. कई यूजर्स ने लगातार बढ़ती महंगाई को लेकर चिंता जताई. कुछ लोगों ने कहा कि पहले पेट्रोल-डीजल महंगा हुआ और अब CNG भी आम आदमी की पहुंच से दूर होती जा रही है. कई लोगों ने सरकार से टैक्स में राहत देने और ईंधन कीमतों को नियंत्रित करने की मांग की है.
क्या बढ़ सकते हैं ऑटो-टैक्सी किराए?
ट्रांसपोर्ट यूनियनों के अनुसार यदि सीएनजी के दाम इसी तरह बढ़ते रहे तो जल्द ही किराए बढ़ाने का प्रस्ताव लाया जा सकता है. दिल्ली में ऑटो और टैक्सी किराए लंबे समय से स्थिर हैं, लेकिन अब ड्राइवर संगठनों का कहना है कि मौजूदा दरों पर काम करना मुश्किल होता जा रहा है. हालांकि इस पर अंतिम फैसला संबंधित परिवहन विभाग और सरकार के स्तर पर लिया जाएगा.
दूसरे शहरों में भी बढ़ सकती हैं कीमतें
ऊर्जा बाजार से जुड़े जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में देश के अन्य शहरों में भी CNG और PNG की कीमतों में बदलाव देखने को मिल सकता है. मुंबई, पुणे, अहमदाबाद और लखनऊ जैसे शहरों में भी गैस की कीमतों पर नजर रखी जा रही है.
इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ सकती है मांग
लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है. कई लोग अब पेट्रोल, डीजल और CNG वाहनों के विकल्प के तौर पर इलेक्ट्रिक स्कूटर और कारों की तरफ रुख कर रहे हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि यदि ईंधन की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं तो आने वाले समय में EV सेक्टर को बड़ा फायदा मिल सकता है.
सरकार पर बढ़ा दबाव
महंगाई और ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर विपक्षी दल भी सरकार को घेर रहे हैं. विपक्ष का आरोप है कि लगातार बढ़ती कीमतों से आम जनता परेशान है और सरकार को राहत देने के लिए कदम उठाने चाहिए. हालांकि सरकार की ओर से फिलहाल किसी राहत पैकेज या टैक्स कटौती का ऐलान नहीं किया गया है.
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