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Anurag Garg NCB Tenure Extended: मोदी सरकार ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो चीफ का कार्यकाल 2027 तक बढ़ाया , यहां जानें वजह
Current image: Anurag Garg NCB Tenure Extended

Anurag Garg NCB Tenure Extended: केंद्र सरकार ने स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (NCB) के महानिदेशक अनुराग गर्ग का कार्यकाल बढ़ाने का फैसला किया है। जिसमें सरकार ने उन्हें 31 जुलाई 2027 तक इस पद पर बने रहने की मंजूरी दे दी है। कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी आदेश में यह जानकारी दी गई।

जानकारी के लिए बता दें की अनुराग गर्ग हिमाचल प्रदेश कैडर के 1993 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी हैं। उन्हें सितंबर 2024 में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो का महानिदेशक नियुक्त किया गया था। उनका मौजूदा कार्यकाल 23 मई 2026 को खत्म होने वाला था, लेकिन अब केंद्र सरकार ने इसे आगे बढ़ा दिया है।

नियुक्ति समिति ने दी मंजूरी

सरकारी आदेश के मुताबिक, मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (ACC) ने अनुराग गर्ग की प्रतिनियुक्ति अवधि बढ़ाने को मंजूरी दी है। जिसमें अब वह 31 जुलाई 2027 तक एनसीबी प्रमुख के तौर पर काम करेंगे। दिलचस्प बात यह है कि उनकी सेवानिवृत्ति की तारीख भी 31 जुलाई 2027 ही है। ऐसे में माना जा रहा है कि सरकार ने उन्हें रिटायरमेंट तक इस अहम जिम्मेदारी पर बनाए रखने का फैसला किया है।

NCB ने की बड़ी कार्रवाई

एनसीबी ने पिछले कुछ महीनों में कई बड़े ड्रग्स नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। एजेंसी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय मादक पदार्थ तस्करी गिरोहों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। दरअसल हाल ही में एनसीबी ने देश में पहली बार “कैप्टागन” नामक ड्रग जब्त की थी। इस कार्रवाई को भारत की एंटी-ड्रग एजेंसियों की बड़ी सफलता माना गया है। जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने 16 मई को जानकारी दी थी कि एनसीबी ने एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। इस ऑपरेशन में 227 किलोग्राम कैप्टागन ड्रग बरामद की गई, जिसकी कीमत करीब 182 करोड़ रुपये बताई गई।

क्या है कैप्टागन ड्रग?

जानकारी के मुताबिक, कैप्टागन एक सिंथेटिक उत्तेजक दवा है, जिसका वैज्ञानिक नाम फेनेथाइलीन (Fenethylline) है। इसे 1960 के दशक में विकसित किया गया था। जिसमें यह ड्रग लंबे समय तक जागे रहने, थकान कम करने और शरीर को अत्यधिक सक्रिय बनाए रखने के लिए जानी जाती है। इसी वजह से संघर्ष वाले क्षेत्रों और आतंकी संगठनों के बीच इसके इस्तेमाल की खबरें सामने आती रही हैं।

पश्चिम एशिया के कई देशों में यह ड्रग अवैध रूप से तस्करी के जरिए पहुंचाई जाती है। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, चरमपंथी नेटवर्क और युद्धग्रस्त इलाकों में इसका दुरुपयोग होने के कारण इसे “जिहादी ड्रग” भी कहा जाता है।

क्यों कहा जाता है ‘जिहादी ड्रग’?

एक्सपर्ट्स के अनुसार, कैप्टागन के सेवन से व्यक्ति को लंबे समय तक जागे रहने और बिना थके काम करने की क्षमता मिलती है। इसके अलावा यह आक्रामक व्यवहार और जोखिम लेने की प्रवृत्ति को भी बढ़ा सकता है। यही वजह है कि कई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि संघर्ष वाले इलाकों में सक्रिय आतंकी समूह इसका इस्तेमाल करते रहे हैं। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां लगातार इस तरह की ड्रग्स की तस्करी रोकने में जुटी हुई हैं।

तुर्किये से भारत लाया गया बड़ा ड्रग तस्कर

एनसीबी ने हाल में एक और बड़ी सफलता हासिल की थी। एजेंसी ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर मोहम्मद सलीम डोला को तुर्किये से भारत वापस लाने में कामयाबी पाई। साथ ही, माना जाता है कि डोला लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। उसकी गिरफ्तारी और भारत वापसी को एनसीबी की बड़ी उपलब्धि माना गया।

अनुराग गर्ग के नेतृत्व में मजबूत हुई कार्रवाई

अनुराग गर्ग के नेतृत्व में एनसीबी ने ड्रग्स तस्करी के खिलाफ अभियान तेज किया है। एजेंसी ने अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क, सिंथेटिक ड्रग्स और सीमा पार तस्करी पर विशेष फोकस किया है।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि केंद्र सरकार ने उनके कार्यकाल को बढ़ाकर यह संकेत दिया है कि आने वाले समय में ड्रग्स माफिया और अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा।

ड्रग्स के खिलाफ केंद्र सरकार का बड़ा अभियान

मोदी सरकार पिछले कुछ वर्षों से “ड्रग फ्री इंडिया” अभियान पर जोर दे रही है। गृह मंत्रालय और एनसीबी लगातार राज्यों के साथ मिलकर नशे के कारोबार पर कार्रवाई कर रहे हैं।

सरकार का कहना है कि युवाओं को नशे से बचाने और अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट को खत्म करने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। इसी रणनीति के तहत बड़े ड्रग नेटवर्क पर लगातार छापेमारी और गिरफ्तारियां की जा रही हैं।

ये भी पढ़ें: Cockroach Janta Party Row: बीजेपी नेता का तंज- ये पाकिस्तान जनता पार्टी है, डेटा दिखाकर लगाया बड़ा आरोप

Author

  • Aparna Panwar

    अपर्णा पवांर, एक हिंदी कंटेंट राइटर है, जिन्होंने डिजिटल मीडिया में अपनी लेखनी से पहचान बनाई। आज वे “Khaber Aaj Ki” में हिंदी कंटेंट राइटर के पद पर काम करते हुए पत्रकारिता को अपना जुनून मानती हैं। उनके विचारों में खबरें केवल सूचनाएं नहीं, बल्कि लोगों तक सच्चाई पहुँचाने का माध्यम हैं।

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