
Cockroach Janta Party Row: सोशल मीडिया पर अचानक चर्चा में आई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ अब नए विवाद में घिर गई है। दरअसल इस ऑनलाइन ट्रेंड को लेकर दिल्ली के एक बीजेपी नेता ने दावा किया है कि पार्टी के इंस्टाग्राम फॉलोअर्स में बड़ी संख्या पाकिस्तान से जुड़ी हुई है। जिसके बाद नेता ने सोशल मीडिया पर एक कथित Insight Data और Pie Chart साझा करते हुए कहा कि इस पेज के करीब आधे फॉलोअर्स पाकिस्तानी हैं। आइए जानते हैं यहां पूरी खबर
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, पिछले कुछ दिनों से ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम का सोशल मीडिया पेज तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें यह पेज युवाओं के बीच अचानक लोकप्रिय हो गया है और देखते ही देखते इसके इंस्टाग्राम फॉलोअर्स लाखों से करोड़ों तक पहुंच गए है। जिसमें दावा किया जा रहा है कि सिर्फ पांच दिनों के भीतर इस पेज पर 15 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स जुड़ गए।
अब ऐसे में सोशल मीडिया पर इसकी लोकप्रियता इतनी बढ़ी गई है कि इसे कई लोग युवाओं के गुस्से और सिस्टम के खिलाफ डिजिटल विरोध के तौर पर देखने लगे हैं। जिसमें कुछ यूजर्स इसे एक मजाकिया ऑनलाइन मूवमेंट बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे नए राजनीतिक विकल्प की तरह पेश कर रहे हैं। इसी बीच इस पेज का एक्स अकाउंट भी ब्लॉक होने की खबर सामने आई, जिसके बाद यह मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया है। अब BJP नेता के दावे ने इस विवाद को नया मोड़ दे दिया है।
BJP नेता ने क्या दावा किया?
जानकारी के मुताबिक, दिल्ली के बीजेपी (BJP) नेता ने सोशल मीडिया पोस्ट में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ को “Pakistan Janta Party” तक कह दिया है। जिसमें उन्होंने एक कथित डेटा चार्ट शेयर किया, जिसमें अलग-अलग देशों से जुड़े फॉलोअर्स का प्रतिशत बताया गया।
शेयर किए गए डेटा के अनुसार:
- पाकिस्तान – 49 प्रतिशत
- अमेरिका – 14 प्रतिशत
- बांग्लादेश – 14 प्रतिशत
- भारत – 9 प्रतिशत
- यूनाइटेड किंगडम – 3 प्रतिशत
- ऑस्ट्रेलिया – 3 प्रतिशत
- सऊदी अरब – 3 प्रतिशत
- यूएई – 2 प्रतिशत
- अन्य देश – 3 प्रतिशत
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
अब ऐसे में इस दावे के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। जिसमें कई यूजर्स बीजेपी नेता के दावों को राजनीतिक हमला बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग विदेशी फॉलोअर्स के मुद्दे को गंभीर मान रहे हैं। कुछ यूजर्स का कहना है कि इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर वायरल पेजों को दुनियाभर से फॉलोअर्स मिलना सामान्य बात है। वहीं, कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि अगर भारत में सिर्फ 9 प्रतिशत फॉलोअर्स हैं तो यह मूवमेंट भारतीय युवाओं का प्रतिनिधित्व कैसे कर सकता है। दूसरी ओर, कई सोशल मीडिया यूजर्स इस पूरे विवाद को मीम और ट्रोल कल्चर का हिस्सा भी बता रहे हैं।
कैसे शुरू हुई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’?
इस ऑनलाइन ट्रेंड की शुरुआत 15 मई 2026 को हुई बताई जा रही है। उस दिन सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने बेरोजगार पढ़े-लिखे लोगों के एक समूह पर टिप्पणी की थी। सुनवाई के दौरान उन्होंने कुछ लोगों की तुलना “कॉकरोच” और “परजीवी” से कर दी थी। बाद में जस्टिस सूर्यकांत ने सफाई देते हुए कहा कि उनका इशारा केवल फर्जी डिग्री रखने वाले लोगों की ओर था। हालांकि, तब तक यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका था। इसके बाद युवाओं और मीम पेजों ने “कॉकरोच जनता पार्टी” नाम से ऑनलाइन कैंपेन शुरू कर दिया। धीरे-धीरे यह मजाक राजनीतिक चर्चा में बदल गया।
युवाओं के गुस्से का प्रतीक?
सोशल मीडिया एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह ट्रेंड केवल एक मीम नहीं बल्कि युवाओं की नाराजगी को भी दिखाता है। बेरोजगारी, प्रतियोगी परीक्षाओं में देरी और सिस्टम से नाराजगी जैसे मुद्दों को लेकर कई युवा इस पेज से खुद को जोड़ रहे हैं।इसी वजह से यह पेज बहुत तेजी से वायरल हुआ। कई कॉलेज स्टूडेंट्स और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स ने भी इस ट्रेंड को शेयर किया, जिससे इसकी पहुंच और बढ़ गई। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि सोशल मीडिया ट्रेंड और वास्तविक राजनीतिक समर्थन में बड़ा अंतर होता है। इंटरनेट पर वायरल होना किसी संगठन को राजनीतिक ताकत नहीं बना देता।
एक्स अकाउंट ब्लॉक होने पर विवाद
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का एक्स अकाउंट ब्लॉक होने के बाद भी सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। समर्थकों ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर देखा, जबकि विरोधियों ने कहा कि प्लेटफॉर्म नियमों के उल्लंघन के कारण कार्रवाई हुई होगी। अब इंस्टाग्राम फॉलोअर्स के कथित विदेशी कनेक्शन के दावे ने इस बहस को और अधिक राजनीतिक बना दिया है।
डेटा की सत्यता पर सवाल
इस मामले में एक्सपर्ट्स का कहना है कि सोशल मीडिया एनालिटिक्स डेटा को लेकर सावधानी बरतनी चाहिए। कई बार थर्ड पार्टी टूल्स अनुमान के आधार पर ऑडियंस लोकेशन दिखाते हैं, जो पूरी तरह सटीक नहीं होते।
इसके अलावा, वायरल पेजों पर बॉट अकाउंट्स और विदेशी यूजर्स का जुड़ना भी आम बात मानी जाती है। इसलिए बीजेपी नेता द्वारा शेयर किए गए डेटा की स्वतंत्र जांच और पुष्टि जरूरी मानी जा रही है। फिलहाल ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा लगातार जारी है। यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में यह ट्रेंड केवल इंटरनेट तक सीमित रहता है या राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन जाता है।
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