
Rajasthan News: राजस्थान में महंगाई की मार झेल रहे आम लोगों को एक और बड़ा झटका लगा है. जयपुर डेयरी ने सरस दूध की कीमतों में प्रति लीटर 2 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है. नई दरें 21 मई की शाम से लागू कर दी गई हैं। दूध के साथ-साथ दही, छाछ, लस्सी और अन्य डेयरी उत्पादों की कीमतों में भी इजाफा किया गया है. इस फैसले के बाद लाखों उपभोक्ताओं के घरेलू बजट पर सीधा असर पड़ना तय माना जा रहा है. जयपुर जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड की ओर से जारी नई प्राइस लिस्ट के मुताबिक अब सरस दूध के अलग-अलग वैरिएंट पहले से अधिक कीमत पर मिलेंगे. डेयरी प्रशासन का कहना है कि बढ़ती उत्पादन लागत, पशु चारे के दाम, ट्रांसपोर्ट खर्च और संचालन लागत में बढ़ोतरी के कारण यह फैसला लेना पड़ा.
सरस दूध की नई कीमतें लागू
नई दरों के अनुसार अब उपभोक्ताओं को सरस दूध खरीदने के लिए ज्यादा भुगतान करना होगा. जयपुर डेयरी ने अलग-अलग श्रेणी के दूध की कीमतों में बदलाव किया है.
नई कीमतें इस प्रकार हैं:
- सरस ताजा दूध (टोंड)
आधा लीटर – 28 रुपये
एक लीटर – 56 रुपये - सरस स्मार्ट दूध (डबल टोंड)
आधा लीटर – 24 रुपये
एक लीटर – 48 रुपये - सरस गोल्ड दूध
आधा लीटर – 35 रुपये
एक लीटर – 70 रुपये - सरस स्टैंडर्ड दूध (शक्ति)
आधा लीटर – 31 रुपये
एक लीटर – 62 रुपये
इससे पहले टोंड दूध 54 रुपये, स्टैंडर्ड दूध 60 रुपये और गोल्ड दूध 68 रुपये प्रति लीटर बिक रहा था.
दही, छाछ और लस्सी भी महंगी
डेयरी प्रशासन ने सिर्फ दूध ही नहीं बल्कि उससे जुड़े अन्य उत्पादों की कीमतों में भी वृद्धि की है. बाजार में बिकने वाले दही, लस्सी, छाछ और पनीर जैसे उत्पाद भी अब पहले से महंगे मिलेंगे. हालांकि सभी उत्पादों की विस्तृत सूची अलग-अलग जिलों में सप्लाई के अनुसार जारी की जा रही है, लेकिन उपभोक्ताओं को लगभग हर डेयरी आइटम पर अतिरिक्त कीमत चुकानी पड़ेगी.
घरेलू बजट पर बढ़ेगा असर
विशेषज्ञों का मानना है कि दूध की कीमतों में वृद्धि का सीधा असर आम परिवारों के मासिक बजट पर पड़ेगा. खासकर उन घरों में जहां बच्चों, बुजुर्गों और दैनिक खानपान में दूध की खपत ज्यादा होती है. राजस्थान में बड़ी संख्या में लोग सरस डेयरी के उत्पादों का उपयोग करते हैं. ऐसे में दूध की कीमत बढ़ने से चाय, मिठाई, होटल, रेस्टोरेंट और डेयरी आधारित छोटे कारोबारों की लागत भी बढ़ सकती है.
उपभोक्ताओं में नाराजगी
दूध के दाम बढ़ने के बाद आम लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है. कई उपभोक्ताओं का कहना है कि पहले से ही पेट्रोल, डीजल, गैस सिलेंडर और रोजमर्रा की चीजों की कीमतें बढ़ी हुई हैं। ऐसे में दूध महंगा होना परिवारों पर अतिरिक्त बोझ डालने जैसा है. जयपुर के कई इलाकों में लोगों ने कहा कि डेयरी को आम जनता को राहत देने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए थी. कुछ लोगों ने यह भी कहा कि लगातार बढ़ती कीमतों के कारण अब घरेलू खर्च संभालना मुश्किल होता जा रहा है.
बार-बार बढ़ रहे दूध के दाम
यह पहली बार नहीं है जब सरस डेयरी ने दूध के दाम बढ़ाए हों. इससे पहले अगस्त 2024 और अगस्त 2025 में भी दूध की कीमतों में 2-2 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई थी. अगर पिछले कुछ वर्षों का रिकॉर्ड देखें तो वर्ष 2017 से अब तक दूध की कीमतों में करीब 12 बार इजाफा किया जा चुका है. लगातार हो रही इस बढ़ोतरी ने उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है.
डेयरी प्रशासन ने क्या कहा?
जयपुर डेयरी प्रशासन का कहना है कि दूध उत्पादन की लागत लगातार बढ़ रही है. पशु आहार, बिजली, डीजल, परिवहन और कर्मचारियों से जुड़े खर्चों में बढ़ोतरी के कारण डेयरी पर आर्थिक दबाव बढ़ा है. अधिकारियों के अनुसार किसानों को उचित भुगतान सुनिश्चित करने और डेयरी संचालन को संतुलित बनाए रखने के लिए कीमतों में बदलाव जरूरी हो गया था.
किसानों को मिल सकता है फायदा
दूसरी ओर डेयरी से जुड़े किसान संगठनों का कहना है कि दूध की कीमत बढ़ने से दुग्ध उत्पादकों को कुछ राहत मिल सकती है. पिछले कुछ समय से पशुओं के चारे और देखभाल का खर्च तेजी से बढ़ा है. कई डेयरी किसानों का कहना है कि यदि दूध के खरीद मूल्य में बढ़ोतरी नहीं होती तो उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ता. ऐसे में कीमतों में वृद्धि से ग्रामीण डेयरी अर्थव्यवस्था को कुछ सहारा मिल सकता है.
जयपुर और दौसा में सबसे ज्यादा असर
जयपुर डेयरी प्रतिदिन करीब 11.60 लाख लीटर दूध की सप्लाई करती है. इसका सबसे ज्यादा असर जयपुर और दौसा जिले के उपभोक्ताओं पर पड़ेगा. शहरी क्षेत्रों के अलावा ग्रामीण इलाकों में भी सरस डेयरी के उत्पादों की बड़ी मांग है. ऐसे में कीमत बढ़ने का असर व्यापक स्तर पर देखने को मिलेगा.
पेट्रोल-डीजल की महंगाई का भी असर
विशेषज्ञों का मानना है कि हाल ही में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी का असर डेयरी सेक्टर पर भी पड़ा है. ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ने से दूध और डेयरी उत्पादों की सप्लाई महंगी हो गई है. इसके अलावा बिजली और पैकेजिंग लागत में बढ़ोतरी ने भी डेयरी कंपनियों का खर्च बढ़ाया है.
क्या आगे और बढ़ सकते हैं दाम?
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अगर उत्पादन लागत और ईंधन कीमतों में वृद्धि जारी रहती है तो आने वाले महीनों में डेयरी उत्पादों के दाम और बढ़ सकते हैं. हालांकि सरकार और डेयरी संघों की कोशिश रहेगी कि उपभोक्ताओं पर ज्यादा बोझ न पड़े. लेकिन फिलहाल महंगाई के इस दौर में राहत मिलने की उम्मीद कम नजर आ रही है.
आम लोगों की बढ़ी चिंता
राजस्थान में दूध की कीमतों में यह नई बढ़ोतरी ऐसे समय पर हुई है जब पहले से ही आम जनता महंगाई से परेशान है. खाने-पीने की चीजों से लेकर ईंधन तक लगभग हर क्षेत्र में कीमतें बढ़ रही हैं. ऐसे में सरस डेयरी की नई रेट लिस्ट ने आम लोगों की चिंता और बढ़ा दी है. अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में सरकार और डेयरी प्रशासन उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए क्या कदम उठाते हैं.
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