
Delhi News Today Live Updates: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव हुआ है. अमेरिका में भारत के पूर्व राजदूत Taranjit Singh Sandhu को दिल्ली का नया उपराज्यपाल (LG) नियुक्त किया गया है. वहीं अब तक दिल्ली के उपराज्यपाल रहे Vinai Kumar Saxena को Ladakh का नया उपराज्यपाल बनाया गया है.
इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल की आधिकारिक जानकारी राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी की गई. यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब लद्दाख के उपराज्यपाल Kavinder Gupta ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था.
राष्ट्रपति भवन ने जारी की नियुक्ति की सूचना
सरकार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, पूर्व राजनयिक तरनजीत सिंह संधू को दिल्ली का नया उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है. वहीं विनय कुमार सक्सेना को लद्दाख की जिम्मेदारी सौंपी गई है. यह नियुक्ति तुरंत प्रभाव से लागू मानी जा रही है और जल्द ही दोनों नेता अपने-अपने पदों का औपचारिक कार्यभार संभालेंगे.
कौन हैं तरनजीत सिंह संधू?
तरनजीत सिंह संधू भारतीय विदेश सेवा (IFS) के वरिष्ठ अधिकारी रह चुके हैं. उन्होंने कई महत्वपूर्ण देशों में भारत का प्रतिनिधित्व किया और विशेष रूप से अमेरिका में भारत के राजदूत के रूप में उनकी भूमिका काफी चर्चा में रही. उनकी पहचान एक अनुभवी राजनयिक और रणनीतिक मामलों के विशेषज्ञ के रूप में होती है.
अमेरिका में निभाई अहम भूमिका
अमेरिका में राजदूत के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान तरनजीत सिंह संधू ने भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.उनके कार्यकाल में कई अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा जैसे, रक्षा सहयोग, वैक्सीन कूटनीति, ऊर्जा साझेदारी और उभरती तकनीक.उन्होंने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बदलती भू-राजनीतिक परिस्थितियों पर भी रणनीतिक दृष्टिकोण विकसित किया.
IMEC और I2U2 पहल में योगदान
तरनजीत सिंह संधू ने कई अंतरराष्ट्रीय पहलों में भारत की रणनीतिक भूमिका को आगे बढ़ाने में योगदान दिया. इनमें प्रमुख हैं India-Middle East-Europe Economic Corridor और I2U2 Group. इन पहलों का उद्देश्य वैश्विक व्यापार, ऊर्जा और रणनीतिक सहयोग को मजबूत करना है.
भू-राजनीतिक संस्थान में भी निभाई भूमिका
राजदूत पद से सेवानिवृत्त होने के बाद संधू ने एक भू-राजनीतिक संस्थान के अध्यक्ष के रूप में भी काम किया. इस दौरान उनका फोकस मुख्य रूप से इन विषयों पर रहा. अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक साझेदारी, रक्षा सहयोग, उभरती तकनीक और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा.उनकी विशेषज्ञता को देखते हुए उन्हें प्रशासनिक जिम्मेदारी देने का फैसला किया गया.
वीके सक्सेना को मिली लद्दाख की जिम्मेदारी
दिल्ली के पूर्व उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना अब लद्दाख के नए उपराज्यपाल होंगे. उन्होंने दिल्ली में अपने कार्यकाल के दौरान कई विकास परियोजनाओं और प्रशासनिक सुधारों पर काम किया. उनके कार्यकाल में शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, पर्यावरण सुधार और प्रशासनिक फैसलों को लेकर कई अहम कदम उठाए गए.
दिल्ली सरकार के साथ रहा राजनीतिक टकराव
सक्सेना का कार्यकाल राजनीतिक रूप से भी काफी चर्चा में रहा.जब उन्होंने पद संभाला, तब दिल्ली में Aam Aadmi Party की सरकार पहले से सत्ता में थी. इस दौरान कई बार उपराज्यपाल और दिल्ली सरकार के बीच प्रशासनिक अधिकारों को लेकर विवाद सामने आए. इन मुद्दों पर शासन व्यवस्था,प्रशासनिक अधिकार, फैसलों की वैधता, को लेकर बहस होती रही.
लद्दाख क्यों है रणनीतिक रूप से अहम?
लद्दाख भारत का एक अत्यंत महत्वपूर्ण केंद्र शासित प्रदेश है. यह क्षेत्र कई कारणों से रणनीतिक रूप से अहम माना जाता है क्यूंकि चीन और पाकिस्तान की सीमा के करीब है ,सैन्य दृष्टि से महत्वपूर्ण है , और हिमालयी क्षेत्र में स्थित है. इसलिए यहां प्रशासनिक नेतृत्व की भूमिका काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है.
कविंदर गुप्ता का इस्तीफा
इस नियुक्ति से पहले लद्दाख के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने 14 जुलाई 2025 को इस पद का कार्यभार संभाला था. लगभग नौ महीने तक इस पद पर रहने के बाद उन्होंने पद छोड़ दिया.कविंदर गुप्ता जम्मू-कश्मीर की राजनीति में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं. वे पहले जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री भी रह चुके हैं.
दिल्ली में LG की भूमिका क्या होती है?
दिल्ली एक विशेष दर्जा वाला केंद्र शासित प्रदेश है. यहां उपराज्यपाल की भूमिका काफी अहम होती है. उनकी जिम्मेदारियों में शामिल हैं प्रशासनिक फैसलों की निगरानी, कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दे और केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच समन्वय. वहीं, कुछ मामलों में उपराज्यपाल के पास अंतिम निर्णय का अधिकार भी होता है.
नई नियुक्ति से क्या बदल सकता है?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तरनजीत सिंह संधू के आने से दिल्ली प्रशासन में नई कार्यशैली देखने को मिल सकती है.क्योंकि उनका अनुभव मुख्य रूप से कूटनीति, अंतरराष्ट्रीय संबंध और रणनीतिक नीति से जुड़ा रहा है. ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि प्रशासनिक फैसलों में उनका अनुभव काम आएगा.
राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस नियुक्ति पर विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं. कुछ नेताओं ने इसे प्रशासनिक अनुभव को महत्व देने वाला फैसला बताया.वहीं कुछ विपक्षी नेताओं ने कहा कि दिल्ली में चुनी हुई सरकार और उपराज्यपाल के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है.
वहीं,आने वाले दिनों में तरनजीत सिंह संधू दिल्ली के उपराज्यपाल के रूप में पदभार ग्रहण करेंगे और वीके सक्सेना लद्दाख में नई जिम्मेदारी संभालेंगे. इसके बाद दोनों क्षेत्रों में प्रशासनिक बदलाव और नई नीतियों की दिशा साफ होगी.
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