
ZeroDayRAT Spyware: स्मार्टफोन इस्तेमाल करने वाले करोड़ों लोगों के लिए साइबर एक बड़ी खबर आई है। बताया जा रहा है कि साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर्स ने ZeroDayRAT नाम के एक खतरनाक मोबाइल स्पाइवेयर को लेकर अलर्ट जारी किया है।
जानकारी के लिए बता दें कि यह मैलवेयर इतना खतरनाक है कि कुछ ही सेकंड में फोन को हैक कर सकता है और हैकर को डिवाइस पर पूरा कंट्रोल दे सकता है। जिसमें सबसे चिंता की बात यह है कि यह खतरा सिर्फ एंड्रॉयड यूजर्स तक सीमित नहीं है, बल्कि iPhone यूजर्स भी इसके निशाने पर हैं।
बताया जा रहा है कि, ZeroDayRAT कोई साधारण वायरस नहीं, बल्कि एक पूरा रिमोट कंट्रोल सिस्टम है। इसकी मदद से साइबर अपराधी दूर बैठकर फोन की गतिविधियों पर नजर रख सकते हैं। फोन की स्क्रीन रिकॉर्डिंग, कैमरा और माइक्रोफोन एक्सेस, लोकेशन ट्रैकिंग और मैसेज पढ़ने जैसी कई संवेदनशील जानकारियां हैकर तक पहुंच सकती हैं। इससे यूजर की प्राइवेसी के साथ-साथ बैंकिंग और क्रिप्टो वॉलेट से जुड़ी जानकारी भी खतरे में पड़ सकती है।
रेडीमेड टूलकिट की तरह बेचा जा रहा है मैलवेयर
दरअसल, साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि ZeroDayRAT की सबसे बड़ी चिंता यह है कि इसे रेडीमेड टूलकिट की तरह बेचा जा रहा है। यानी अब हैकर को ज्यादा तकनीकी जानकारी की जरूरत नहीं है। वह सिर्फ यह टूल खरीदकर किसी भी यूजर को फिशिंग लिंक भेज सकता है। जैसे ही यूजर उस लिंक पर क्लिक करता है, फोन में मालवेयर इंस्टॉल हो जाता है और हैकर को पूरा एक्सेस मिल जाता है। इतना ही नहीं, इस हमले को पूरी तरह ऑटोमेटेड भी बनाया जा सकता है। यानी बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के यह कई डिवाइस पर एक साथ हमला कर सकता है। यही वजह है कि साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ इसे आम यूजर्स के लिए बड़ा खतरा मान रहे हैं।
कैसे फैल रहा है ZeroDayRAT
जानकारी के अनुसार यह स्पाइवेयर ज्यादातर फेक मैसेज, फिशिंग ईमेल और नकली ऐप लिंक के जरिए फैलाया जा रहा है। वहीं, कई बार मैसेज ऐसा दिखता है जैसे वह बैंक, कूरियर कंपनी, सरकारी सेवा या किसी जानने वाले की तरफ से आया हो। भरोसे में आकर लोग लिंक पर क्लिक कर देते हैं और उनका फोन संक्रमित हो जाता है। बताया जा रहा है कि, एक बार फोन में इंस्टॉल होने के बाद इस स्पाइवेयर को पहचानना आसान नहीं होता। हालांकि कुछ संकेत जरूर दिख सकते हैं,
- फोन अचानक स्लो हो जाना
- बैटरी का तेजी से खत्म होना
- मोबाइल डेटा का ज्यादा इस्तेमाल
- अनजान ऐप या गतिविधियां दिखाई देना
पहले सिर्फ एजेंसियों के पास होती थी ऐसी तकनीक
साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि पहले इस तरह की ताकतवर निगरानी तकनीक सिर्फ सरकारी एजेंसियों या बड़े संगठनों के पास होती थी। लेकिन अब यही क्षमता आम साइबर अपराधियों तक पहुंच रही है। इससे मोबाइल यूजर्स सीधे निशाने पर आ गए हैं और साइबर अपराध का खतरा पहले से ज्यादा बढ़ गया है।
स्पाइवेयर से कैसे बचें?
एक्सपर्ट्स ने यूजर्स को कुछ जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है।
- किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, चाहे वह बैंक या डिलीवरी कंपनी के नाम से ही क्यों न आया हो।
- सिर्फ ऑफिशियल ऐप स्टोर (Google Play Store या Apple App Store) से ही ऐप डाउनलोड करें।
- फोन में अनजान सोर्स से ऐप इंस्टॉल करने का विकल्प बंद रखें।
- सोशल मीडिया या मैसेजिंग ऐप पर मिलने वाले ऑफर और अलर्ट पर बिना जांच भरोसा न करें।
- मोबाइल का सॉफ्टवेयर और सिक्योरिटी अपडेट हमेशा चालू रखें, क्योंकि कंपनियां समय-समय पर सुरक्षा पैच जारी करती रहती हैं।
बढ़ता साइबर खतरा, सतर्क रहना जरूरी
डिजिटल समय में स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का एक अहम हिस्सा बन चुका है। जिसमें बैंकिंग, चैटिंग, फोटो, लोकेशन और निजी जानकारी सब कुछ इसी डिवाइस में मौजूद रहता है। ऐसे में ZeroDayRAT जैसे खतरनाक स्पाइवेयर का सामने आना बड़ी चिंता की बात है। वहीं इसमें एक्सपर्ट्स कहना है कि इस तरह के साइबर हमलों से बचने का सबसे मजबूत तरीका सतर्कता और जागरूकता है। अगर यूजर थोड़ी सावधानी बरतें और अनजान लिंक या ऐप से दूरी बनाए रखें, तो बड़े नुकसान से बचा जा सकता है।
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