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PM Modi Uzbekistan Award: पीएम मोदी के उज्बेकिस्तान सम्मान पर ओवैसी का सियासी वार, कहा- ‘जहां से बाबर आया, वहीं से मिला अवॉर्ड’

PM Modi Uzbekistan Award: पीएम मोदी के उज्बेकिस्तान सम्मान पर ओवैसी का सियासी वार

PM Modi Uzbekistan Award: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उज्बेकिस्तान के सर्वोच्च राजकीय सम्मान ‘ओली दाराजली दोस्तलिक’ से सम्मानित किए जाने पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बीजेपी और संघ परिवार पर तंज कसा है। जिसमें ओवैसी का कहना है कि जिस देश की फरगाना घाटी से मुगल शासक बाबर आया था, उसी देश ने प्रधानमंत्री मोदी को अपना सर्वोच्च सम्मान दिया है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। ऐसे में आइए जानते हैं यहां पूरी खबर

पीएम मोदी को उज्बेकिस्तान का सर्वोच्च सम्मान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों मध्य एशियाई देशों के दौरे पर हैं। उज्बेकिस्तान यात्रा के दौरान उन्हें देश के सर्वोच्च राजकीय सम्मानों में शामिल ‘ओली दाराजली दोस्तलिक’ ऑर्डर (Oli Darajali Dustlik Award 2026) से सम्मानित किया गया। यह सम्मान भारत और उज्बेकिस्तान के बीच संबंधों को मजबूत करने और दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने में प्रधानमंत्री मोदी के योगदान के लिए दिया गया।

बता दें सम्मान मिलने के बाद पीएम मोदी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने कहा कि इस सम्मान को पाकर वह सम्मानित महसूस कर रहे हैं और इसे भारत तथा उज्बेकिस्तान के बीच मजबूत और अटूट संबंधों को समर्पित करते हैं।

ओवैसी ने बाबर का जिक्र कर बीजेपी पर साधा निशाना

प्रधानमंत्री मोदी को मिले इस सम्मान पर हैदराबाद से AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने राजनीतिक कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि वह भारतीय जनता पार्टी (BJP) को बधाई देना चाहते हैं, क्योंकि जिस देश से बाबर भारत आया था, उसी देश ने प्रधानमंत्री मोदी को यह सम्मान दिया है।

ओवैसी ने कहा कि बाबर का जन्म वर्तमान उज्बेकिस्तान की फरगाना घाटी में हुआ था। इसी ऐतिहासिक संदर्भ का जिक्र करते हुए उन्होंने बीजेपी और संघ परिवार पर निशाना साधा।

ओवैसी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की विदेश यात्राओं के दौरान अलग-अलग देशों से सम्मान हासिल करना अब एक नियमित प्रक्रिया जैसा हो गया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आजकल जहां भी जाते हैं, वहां से पुरस्कार लेकर लौटते हैं।

‘अब बाबर का नाम कैसे लेंगे?’

ओवैसी ने अपने बयान में बीजेपी और आरएसएस की उस राजनीति पर सवाल उठाया, जिसमें बाबर का नाम अक्सर राजनीतिक बहस का हिस्सा बनता रहा है। उन्होंने कहा कि बीजेपी और संघ परिवार लंबे समय से बाबर के नाम का इस्तेमाल करते हुए विपक्ष और अन्य लोगों को निशाना बनाते रहे हैं।

AIMIM प्रमुख ने कहा कि अब उसी क्षेत्र से प्रधानमंत्री मोदी को सम्मान मिलने के बाद संघ परिवार को आत्मनिरीक्षण करना चाहिए। उनके मुताबिक, अगर बाबर की जन्मभूमि से भारत के प्रधानमंत्री को सम्मान दिया गया है, तो बीजेपी और आरएसएस के समर्थकों को इस पूरे मुद्दे पर विचार करना चाहिए। साथ ही, ओवैसी ने यह भी सवाल उठाया कि जब बाबर की जन्मभूमि को लेकर इतना राजनीतिक विवाद किया जाता है, तो अब उज्बेकिस्तान से मिले इस सम्मान को किस नजरिए से देखा जाएगा।

भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों के लिए अहम सम्मान

उज्बेकिस्तान की ओर से पीएम मोदी को दिया गया यह सम्मान दोनों देशों के बीच बढ़ते संबंधों को भी दर्शाता है। भारत और उज्बेकिस्तान के बीच व्यापार, ऊर्जा, सुरक्षा, कनेक्टिविटी और रणनीतिक सहयोग जैसे कई क्षेत्रों में संबंध लगातार मजबूत हुए हैं।

प्रधानमंत्री मोदी की उज्बेकिस्तान यात्रा के दौरान दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा हुई। भारत मध्य एशियाई देशों के साथ अपने संबंधों को लगातार मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में पीएम मोदी को मिला सर्वोच्च राजकीय सम्मान भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पीएम मोदी को कई देशों से मिल चुका है सर्वोच्च सम्मान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इससे पहले भी कई देशों की ओर से सर्वोच्च राजकीय या नागरिक सम्मान दिए जा चुके हैं। अलग-अलग देशों ने भारत के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने और विभिन्न क्षेत्रों में प्रधानमंत्री मोदी के योगदान को इन सम्मानों के जरिए मान्यता दी है।

जुलाई 2026 में इंडोनेशिया ने पीएम मोदी को दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने में योगदान के लिए अपना सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘बिंगतांग आदिपूर्णा’ प्रदान किया था। इसके अलावा जून 2026 में सेशेल्स ने पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास में उनके नेतृत्व को मान्यता देते हुए ‘गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ सम्मान दिया था। इस साल की शुरुआत में इजरायल की ओर से भी पीएम मोदी को ‘मेडल ऑफ द नेसेट’ से सम्मानित किया गया। वह यह सम्मान पाने वाले पहले व्यक्ति बताए गए हैं।

सम्मान के साथ बढ़ी सियासी बयानबाजी

उज्बेकिस्तान के सर्वोच्च सम्मान से प्रधानमंत्री मोदी का सम्मानित होना जहां भारत सरकार और बीजेपी के लिए विदेश नीति की उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है, वहीं विपक्षी नेताओं की ओर से इस पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं।

असदुद्दीन ओवैसी का बाबर को लेकर दिया गया बयान इसी राजनीतिक बहस का हिस्सा है। उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ का इस्तेमाल करते हुए बीजेपी और आरएसएस पर निशाना साधा है। दूसरी ओर, प्रधानमंत्री मोदी को मिला यह सम्मान भारत और उज्बेकिस्तान के बीच मजबूत होते द्विपक्षीय संबंधों की ओर भी इशारा करता है। कुल मिलाकर, पीएम मोदी को उज्बेकिस्तान का सर्वोच्च राजकीय सम्मान मिलने के बाद एक तरफ भारत-उज्बेकिस्तान संबंध चर्चा में हैं, तो दूसरी तरफ ओवैसी के बाबर वाले बयान ने इस मुद्दे को घरेलू राजनीति से भी जोड़ दिया है।

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Author

  • Aparna Panwar

    अपर्णा पवांर, एक हिंदी कंटेंट राइटर है, जिन्होंने डिजिटल मीडिया में अपनी लेखनी से पहचान बनाई। आज वे “Khaber Aaj Ki” में हिंदी कंटेंट राइटर के पद पर काम करते हुए पत्रकारिता को अपना जुनून मानती हैं। उनके विचारों में खबरें केवल सूचनाएं नहीं, बल्कि लोगों तक सच्चाई पहुँचाने का माध्यम हैं।

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