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Bihar Teacher Vacancy 2026: सीएम सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान, बिहार TRE-4 में सिर्फ एक परीक्षा का नियम हुआ लागू

Bihar Teacher Vacancy 2026: सीएम सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान

Bihar Teacher Vacancy 2026: बिहार के शिक्षक अभ्यर्थियों (Teacher Recruitment 2026) के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने BPSC TRE-4 शिक्षक भर्ती परीक्षा को लेकर दो चरणों में परीक्षा कराने का फैसला वापस ले लिया है। बता दें अब TRE-4 की भर्ती के लिए अभ्यर्थियों को PT और Mains की अलग-अलग परीक्षा नहीं देनी होगी। परीक्षा पहले की तरह एक ही चरण में आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने छात्र संगठनों के साथ हुई बातचीत के बाद इस फैसले की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दी है। ऐसे में आइए यहां पढ़ें खबर को लेकर पूरी जानकारी

TRE-4 परीक्षा अब एक ही चरण में होगी

बिहार में शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए सरकार का यह फैसला काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। BPSC TRE-4 परीक्षा को लेकर अभ्यर्थी लंबे समय से एकल परीक्षा की मांग कर रहे थे। छात्रों का कहना था कि दो चरणों में परीक्षा होने से भर्ती प्रक्रिया लंबी हो जाएगी और अभ्यर्थियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा।

छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक के बाद सरकार ने उनकी इस मांग को स्वीकार कर लिया। अब बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा में अलग से PT और Mains नहीं कराया जाएगा। TRE-4 की परीक्षा एक ही चरण में आयोजित की जाएगी।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दी जानकारी

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर सरकार और छात्र संगठनों के बीच हुई सहमति की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं और प्रतियोगी अभ्यर्थियों की मांगों को लेकर गंभीर है।

बैठक में शिक्षक भर्ती परीक्षा के अलावा प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी कई अन्य समस्याओं पर भी चर्चा हुई। सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच कुल 10 प्रमुख बिंदुओं पर सहमति बनी है। इनमें परीक्षा व्यवस्था में सुधार, भर्ती प्रक्रिया को समय पर पूरा करना और परीक्षा में पारदर्शिता बढ़ाना शामिल है।

पटना में प्रदर्शन के बाद हुई बातचीत

दरअसल, पटना के गर्दनीबाग में प्रतियोगी अभ्यर्थी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। शिक्षक भर्ती परीक्षा को दो चरणों में कराने के प्रस्ताव का भी छात्रों ने विरोध किया था। अभ्यर्थियों की मांग थी कि शिक्षक भर्ती परीक्षा को एक ही चरण में आयोजित किया जाए।

छात्र संगठनों और सरकार के बीच बातचीत के बाद इस मुद्दे पर सहमति बन गई। सरकार ने TRE-4 के लिए दो चरणों की परीक्षा के नियम को वापस लेते हुए एकल परीक्षा कराने का फैसला किया है। इससे अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है।

भर्ती परीक्षाओं के लिए समयबद्ध कैलेंडर

बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी कि BPSC की परीक्षाएं निर्धारित परीक्षा कैलेंडर के अनुसार समय पर आयोजित की जाएंगी। भर्ती प्रक्रिया में देरी को कम करने के लिए वार्षिक परीक्षा कैलेंडर को सख्ती से लागू करने की बात कही गई है।

अभ्यर्थियों के लिए यह फैसला इसलिए भी अहम है क्योंकि लंबे समय तक भर्ती प्रक्रिया चलने से परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। समय पर परीक्षा और रिजल्ट आने से नियुक्ति प्रक्रिया को भी तेजी मिल सकती है।

लाइब्रेरियन भर्ती भी जल्द शुरू करने का फैसला

सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच हुई सहमति में लाइब्रेरियन भर्ती का मुद्दा भी शामिल रहा। बैठक में लाइब्रेरियन बहाली प्रक्रिया जल्द शुरू करने पर सहमति बनी है। इससे लंबे समय से भर्ती का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों को उम्मीद जगी है।

इसके अलावा संविदा कर्मियों को वेटेज देने के लिए अलग कोटा बनाने के मुद्दे पर हाईलेवल कमेटी विचार करेगी। अधिकतम उम्र सीमा में छूट से जुड़ा मामला भी परीक्षा सुधार कमेटी के सामने रखा जाएगा।

डोमिसाइल नीति पर भी बनी सहमति

बिहार में सरकारी भर्तियों में डोमिसाइल नीति को लेकर भी लगातार चर्चा होती रही है। छात्र संगठनों के साथ बैठक में सभी भर्तियों में अधिकतम डोमिसाइल नीति लागू करने के मुद्दे पर सहमति बनी है। इसके साथ ही 1799 दारोगा भर्ती की जांच और असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती से पहले बिहार पात्रता परीक्षा यानी BET से जुड़े मामलों पर भी सुधार कमेटी फैसला लेगी।

परीक्षा में पारदर्शिता पर सरकार का जोर

सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाने की बात भी कही है। पेपर, OMR शीट और आंसर की से जुड़ी प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने पर सहमति बनी है।

वहीं AEDO, सेनेटरी इंस्पेक्टर समेत कुछ परीक्षाओं में पेपर लीक के आरोपों की निष्पक्ष जांच आर्थिक अपराध इकाई यानी EOU से कराने की बात कही गई है। परीक्षा प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों की शिकायतों को दूर करने के लिए भी व्यवस्था मजबूत की जाएगी।

शिकायतों के समाधान के लिए विशेष व्यवस्था

सरकार ने छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ और ‘सहयोग शिविर’ की व्यवस्था करने की बात कही है। इन माध्यमों से अभ्यर्थी अपनी शिकायतें और समस्याएं दर्ज करा सकेंगे।

भर्ती परीक्षाओं में सुधार और पारदर्शिता के लिए पटना हाईकोर्ट के जज की अध्यक्षता में विशेषज्ञ समिति गठित करने की बात भी सामने आई है। यह समिति छात्रों की शिकायतों और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मामलों पर विचार करेगी।

लाखों अभ्यर्थियों को मिली राहत

TRE-4 परीक्षा को एकल चरण में कराने के फैसले के बाद शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों में राहत है। छात्रों का मानना है कि एक ही परीक्षा होने से तैयारी का बोझ कम होगा और भर्ती प्रक्रिया भी अपेक्षाकृत सरल हो सकती है।

बिहार सरकार का यह फैसला शिक्षक अभ्यर्थियों के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि TRE-4 के जरिए बड़ी संख्या में शिक्षकों की भर्ती होनी है। अब सभी की नजर परीक्षा की आधिकारिक तारीख और विस्तृत नोटिफिकेशन पर रहेगी।

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Author

  • Aparna Panwar

    अपर्णा पवांर, एक हिंदी कंटेंट राइटर है, जिन्होंने डिजिटल मीडिया में अपनी लेखनी से पहचान बनाई। आज वे “Khaber Aaj Ki” में हिंदी कंटेंट राइटर के पद पर काम करते हुए पत्रकारिता को अपना जुनून मानती हैं। उनके विचारों में खबरें केवल सूचनाएं नहीं, बल्कि लोगों तक सच्चाई पहुँचाने का माध्यम हैं।

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