
UPI Payment Charges: अगर आप रोजमर्रा की खरीदारी, बिल पेमेंट या किसी दोस्त और रिश्तेदार को पैसे भेजने के लिए यूपीआई (UPI) का इस्तेमाल करते हैं, तो आपके लिए राहत की खबर है। बताया जा रहा है की UPI Payment Charges को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि आम नागरिकों के लिए UPI पेमेंट मुफ्त रहेगा। यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को पैसे भेजने यानी P2P (Person to Person) ट्रांजैक्शन पर किसी तरह का चार्ज नहीं लगाया जाएगा।
जानकारी के लिए बता दें की सरकार का कहना है कि डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए UPI की मौजूदा व्यवस्था को आम लोगों के लिए आसान और सस्ता बनाए रखना जरूरी है। इसलिए छोटे-बड़े सामान्य भुगतान करने वाले यूजर्स पर किसी तरह का अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालने की योजना नहीं है।
UPI से पैसे भेजने पर नहीं लगेगा कोई चार्ज
UPI भारत में डिजिटल पेमेंट का सबसे लोकप्रिय माध्यम बन चुका है। जिसमें लोग छोटी खरीदारी से लेकर बड़े भुगतान तक के लिए इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में UPI पर चार्ज लगाए जाने की खबरों के बाद यूजर्स के बीच चिंता बढ़ गई थी।
सरकार का कहना है कि P2P UPI ट्रांजैक्शन पूरी तरह फ्री रहेगा। ऐसे में अगर कोई व्यक्ति अपने बैंक खाते से दूसरे व्यक्ति के बैंक खाते में UPI के जरिए पैसे भेजता है, तो उससे कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसका मतलब है कि परिवार के किसी सदस्य को पैसे भेजना, दोस्त को भुगतान करना या किसी व्यक्ति को UPI के जरिए रकम ट्रांसफर करना पहले की तरह बिना किसी चार्ज के जारी रहेगा।
मर्चेंट पेमेंट पर क्या होगा बदलाव?
सरकार का साफ कहना है कि सभी मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर शुल्क लगाने की कोई योजना नहीं है। जिसमें अधिकांश दुकानदारों और छोटे कारोबारियों के लिए UPI पेमेंट पहले की तरह मुफ्त रह सकता है। हालांकि, भविष्य में तय सीमा से अधिक के कुछ बड़े मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर मामूली MDR यानी Merchant Discount Rate लागू किया जा सकता है। यह शुल्क केवल कुछ विशेष श्रेणी के बड़े लेनदेन तक सीमित रहने की बात कही गई है।
सरकार के अनुसार, प्रस्तावित MDR डेबिट या क्रेडिट कार्ड से होने वाले भुगतान पर लगने वाले MDR की तुलना में काफी कम होगा। इसलिए आम दुकानदारों और ग्राहकों पर इसका बड़ा असर पड़ने की संभावना नहीं है।
MDR पर अंतिम फैसला कौन करेगा?
मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR को लेकर अंतिम निर्णय अभी तय नहीं माना जा रहा है। सरकार के मुताबिक, संसद से संबंधित बिल पास होने के बाद NPCI की स्टीयरिंग कमेटी इस मामले में अंतिम फैसला लेगी। इसका मतलब है कि अभी हर UPI पेमेंट पर कोई नया चार्ज लागू नहीं किया गया है। खास तौर पर सामान्य यूजर्स के P2P ट्रांजैक्शन पर किसी शुल्क की बात नहीं है।
UPI का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है
भारत में UPI का इस्तेमाल पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ा है। जुलाई 2026 में UPI के जरिए 2,366 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए। इन लेनदेन की कुल वैल्यू करीब 29.9 लाख करोड़ रुपये रही। बता दें इन आंकड़ों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि देश की डिजिटल पेमेंट व्यवस्था में UPI कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े कारोबारियों तक, बड़ी संख्या में लोग डिजिटल भुगतान के लिए UPI पर निर्भर हैं। ऐसे में UPI के बढ़ते इस्तेमाल के साथ इसके इंफ्रास्ट्रक्चर, साइबर सिक्योरिटी और फ्रॉड रोकने की व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत भी बढ़ रही है।
No Charges for UPI Users. Vast Majority of the Transactions to Remain Free of Charge for Merchants as well. Amendment to the Payment and Settlement Systems Act (PSS Act) an Enabling Provision to Ensure further proliferation of Financial Inclusion, UPI’s Long-Term Sustainability,… pic.twitter.com/7k3vKcKyln
— ANI (@ANI) August 8, 2026
UPI को सुरक्षित और टिकाऊ बनाने पर जोर
सरकार के मुताबिक, UPI के बढ़ते इस्तेमाल के कारण साइबर सुरक्षा, फ्रॉड प्रिवेंशन और डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर खर्च भी बढ़ रहा है। जिसमें सरकार का मानना है कि लंबे समय तक सिर्फ सब्सिडी के भरोसे इस व्यवस्था को चलाना टिकाऊ समाधान नहीं है। इसी वजह से UPI से जुड़े सिस्टम को मजबूत और आर्थिक रूप से टिकाऊ बनाने के लिए PSS Act में संशोधन की प्रक्रिया पर काम किया जा रहा है। हालांकि, सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस बदलाव का मकसद आम लोगों से UPI इस्तेमाल करने के लिए शुल्क वसूलना नहीं है। यूजर्स के लिए मुफ्त डिजिटल पेमेंट की सुविधा जारी रखने पर जोर दिया जा रहा है।
विदेशी दबाव की खबरों को बताया गलत
UPI से जुड़े संभावित शुल्क और नियमों में बदलाव को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं सामने आई थीं। सरकार ने नीति में बदलाव के पीछे किसी विदेशी दबाव की खबरों को भ्रामक और गलत बताया है।
सरकार का कहना है कि UPI से जुड़े फैसले देश की डिजिटल पेमेंट व्यवस्था की जरूरतों और उसे लंबे समय तक मजबूत बनाए रखने के उद्देश्य से लिए जा रहे हैं।
11 देशों में पहुंच चुका है UPI
भारत का UPI सिस्टम अब केवल देश तक सीमित नहीं है। यह कई दूसरे देशों में भी अपनी पहचान बना रहा है। सरकार के अनुसार, UPI अब 11 देशों में लाइव हो चुका है। भारत के डिजिटल पेमेंट मॉडल की वैश्विक स्तर पर चर्चा हो रही है। तेज, आसान और मोबाइल आधारित भुगतान व्यवस्था के कारण UPI को डिजिटल पेमेंट के क्षेत्र में भारत की बड़ी उपलब्धियों में गिना जाता है।
आम यूजर्स के लिए क्या है राहत?
सरकार का कहना है कि P2P UPI पेमेंट पर कोई चार्ज नहीं लगेगा और आम लोगों के लिए UPI सेवा मुफ्त रहेगी। अधिकांश मर्चेंट पेमेंट भी फ्री रहेंगे। हालांकि, भविष्य में तय सीमा से अधिक बड़े मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर मामूली MDR लगाया जा सकता है। इससे सामान्य UPI यूजर्स पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा।
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अपर्णा पवांर, एक हिंदी कंटेंट राइटर है, जिन्होंने डिजिटल मीडिया में अपनी लेखनी से पहचान बनाई। आज वे “Khaber Aaj Ki” में हिंदी कंटेंट राइटर के पद पर काम करते हुए पत्रकारिता को अपना जुनून मानती हैं। उनके विचारों में खबरें केवल सूचनाएं नहीं, बल्कि लोगों तक सच्चाई पहुँचाने का माध्यम हैं।






