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100 विधायक लाओ,मुख्यमंत्री बन जाओ, CM योगी के विदेश दौरे पर अखिलेश का ऑफर
Current image: Yogi Adityanath

Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश में एक बार फिर से गरमा गई है। बता दें कि Yogi Adityanath के विदेश दौरे पर रवाना होने से ठीक पहले समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने ऐसा बयान दे दिया, जिसने सियासी हलकों में हलचल बढ़ा दी है। अखिलेश यादव ने बीजेपी के दोनों डिप्टी सीएम को खुला ऑफर देते हुए कहा है कि 100 विधायक लाओ और मुख्यमंत्री बन जाओ।

जानकारी के लिए बता दें कि इस बयान पर BJP ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और इसे राजनीतिक हताशा करार दिया है। भाजपा प्रवक्ता ने अखिलेश यादव की तुलना ‘पोगो चैनल के कैरेक्टर’ से करते हुए उन पर तंज कसा है।

क्या है पूरा मामला

दरअसल, एक कार्यक्रम के दौरान अखिलेश यादव ने मंच से कहा कि वह दोबारा दोनों डिप्टी सीएम को ऑफर दे रहे हैं। जिसमें 100 विधायक लाओ और मुख्यमंत्री बन जाओ। साथ ही उन्होंने आगे कहा, जो 100 विधायक लेकर आएगा, वही मुख्यमंत्री होगा। जिसमें अखिलेश का इशारा सीधे तौर पर BJP के डिप्टी सीएम Keshav Prasad Maurya और Brajesh Pathak की ओर था। उनके इस बयान को राजनीतिक चुनौती और व्यंग्य के तौर पर देखा जा रहा है। वहीं, सपा प्रमुख का यह बयान ऐसे समय आया है जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 22 फरवरी की रात सिंगापुर और जापान की आधिकारिक यात्रा पर रवाना हो रहे हैं।

भाजपा का पलटवार

अखिलेश यादव के इस बयान पर भाजपा ने कड़ा रुख अपनाया है। भाजपा नेता और प्रवक्ता मनीष शुक्ला ने कहा कि यह बयान अखिलेश यादव की राजनीतिक निराशा को दर्शाता है। जिसमें उन्होंने कहा है कि, सपा अध्यक्ष अब राजनेता कम और पोगो चैनल के कैरेक्टर ज्यादा लगते हैं। जब भी वह टीवी पर आते हैं, लोग मुस्कुराने लगते हैं। गंभीर मुद्दों पर भी वह हंसी-ठिठोली करते हैं। भाजपा का कहना है कि प्रदेश की जनता विकास और स्थिरता चाहती है, न कि बयानबाजी और राजनीतिक व्यंग्य। पार्टी नेताओं ने यह भी कहा कि यूपी में भाजपा की सरकार मजबूत है और किसी भी तरह की अंदरूनी खींचतान का सवाल ही नहीं उठता।

सीएम योगी का विदेश दौरा क्यों है अहम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 22 फरवरी की रात सिंगापुर और जापान की आधिकारिक यात्रा पर रवाना हो रहे हैं। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश में निवेश आकर्षित करना और आधुनिक तकनीकों का अध्ययन करना है।
जापान प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री 600 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली मैग्लेव ट्रेन में लगभग 100 किलोमीटर की ट्रायल यात्रा करेंगे। वह टोक्यो-नागोया मैग्लेव कॉरिडोर का निरीक्षण भी करेंगे। वहीं, इसके अलावा उनकी कई बड़े निवेशकों के साथ बैठकें प्रस्तावित हैं। इस यात्रा के दौरान प्रदेश में औद्योगिक निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और आधुनिक परिवहन व्यवस्था को लेकर समझौते हो सकते हैं।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह दौरा यूपी में बुलेट ट्रेन और अन्य हाई-स्पीड रेल परियोजनाओं के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकता है।

सपा की रणनीति या सियासी व्यंग्य

जानकारों के अनुसार, अखिलेश यादव का बयान केवल व्यंग्य नहीं, बल्कि बीजेपी के भीतर संभावित मतभेदों को उभारने की रणनीति भी हो सकता है। वहीं, सपा लगातार यह आरोप लगाती रही है कि भाजपा के भीतर गुटबाजी है और डिप्टी सीएम की भूमिका सीमित है। ऐसे में 100 विधायक लाओ” वाला बयान राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि भाजपा इस दावे को पूरी तरह खारिज कर रही है और कह रही है कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है।

यूपी की राजनीति में बढ़ता टकराव

उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी नई बात नहीं है। लेकिन मुख्यमंत्री के विदेश दौरे से ठीक पहले इस तरह का बयान आना सियासी तापमान बढ़ाने वाला माना जा रहा है। सत्ता पक्ष विकास, निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर की बात कर रहा है, जबकि विपक्ष सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ रहा। आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनावों को देखते हुए दोनों प्रमुख दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होता दिख रहा है।

जनता के लिए क्या मायने

राजनीतिक बयानबाजी के बीच सबसे अहम सवाल यह है कि आम जनता के लिए इसका क्या मतलब है। यदि मुख्यमंत्री का विदेश दौरा सफल रहता है और राज्य में बड़े निवेश आते हैं, तो रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं। वहीं विपक्ष की कोशिश है कि वह सरकार को हर मुद्दे पर चुनौती देकर अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करे।
जनता फिलहाल विकास, रोजगार और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर ठोस परिणाम चाहती है। ऐसे में राजनीतिक बयान कितने असरदार होंगे, यह आने वाला समय बताएगा।

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