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हिंदुओं की ताकत एकता में है, विभाजन सबसे बड़ा खतरा, मोहन भागवत ने दिया बड़ा संदेश
Current image: हिंदुओं की ताकत एकता में है

Mohan Bhagwat statement: मोहन भागवत ने मथुरा में एक कार्यक्रम के दौरान हिंदू समाज की एकता पर जोर दिया। आइए जानते हैं यहां पूरी खबर

Mohan Bhagwat statement: उत्तर प्रदेश के मथुरा में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RRS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने आज हिंदू समाज की एकता पर जोर दिया।

दरअसल, मोहन भागवत का कहना है कि “शक्ति दुर्बलों को सताती है, लेकिन भारत के पास भक्ति से मिली अमृत्व की शक्ति है। ये असुरी या राक्षसी शक्तियां हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकतीं। साथ ही,आक्रमणकारियों और सुल्तानों के अत्याचारों के बावजूद भी हमने बलिदान देकर अपनी शक्ति को बचाकर रखा। यह शक्ति भक्ति से आई है और यह हमेशा काम करती रहेगी। अगर पराजय हुई तो फूट के कारण हुई। जैसे-जैसे हिंदू समाज और सनातनी समाज एक होगा, वैसे-वैसे असुरी शक्तियां टूटती जाएंगी।

कोई ऐसी परिस्थिति नहीं जिस पर विजय न पा सकें

वर्तमान हालात पर बात करते हुए मोहन भागवत का कहना है कि, परिस्थितियां तभी तक डरावनी लगती हैं, जब तक हम उनसे डरते हैं या पीछे हटते हैं। अगर हम मजबूती से खड़े हो जाएं, तो दुनिया की कोई भी ताकत हमारे सामने टिक नहीं सकती। साथ ही , ऐसी कोई भी परिस्थिति नहीं है, जिस पर हम विजय न पा सकें, बस हमें जागने और आगे बढ़ने की जरूरत है। साथ ही, राक्षसी शक्तियां अब खोखली हो चुकी हैं और पूरी दुनिया में हार चुकी हैं। जैसे-जैसे हिंदू समाज एकजुट होता गया है, वैसे-वैसे ये शक्तियां टूटती चली गई हैं। वहीं, पिछले 50 सालों में सनातन और हिंदू समाज की एकता बढ़ी है और इसका सकारात्मक असर साफ दिखाई देता है।

भेदभाव मुक्त समाज

मोहन भागवत ने भेदभाव मुक्त समाज की बात करते हुए कहा कि भाषा, जाति, पंथ और संप्रदाय के आधार पर किसी तरह का कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए। जिसमें पूरा हिंदू समाज एक है और हिंदुओं के जितने भी प्रकार माने जाते हैं, उनमें आपसी मित्रता, मेलजोल और सुख-दुख में साथ रहने की भावना होनी चाहिए।

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