
नेपाल चुनाव: नेपाल में 5 मार्च 2026 को होने जा रहे आम चुनाव को लेकर सियासी माहौल पूरी तरह गर्म है। बता दें कि सितंबर 2025 में हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद यह पहला आम चुनाव है। जिसमें उन प्रदर्शनों के चलते तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की सरकार गिर गई थी। इसके बाद पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की के नेतृत्व में अंतरिम सरकार का गठन हुआ, जो अब चुनाव करा रही है।
जानकारी के लिए बता दें कि देश और दुनिया की नजर अब इस चुनाव पर टिकी है, क्योंकि यह सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि नेपाल की राजनीतिक दिशा तय करने वाला चुनाव माना जा रहा है।
कौन-कौन हैं पीएम पद के बड़े दावेदार
इस बार प्रधानमंत्री पद की दौड़ में चार बड़े नाम चर्चा में हैं।
- बालेंद्र शाह (बालेन) – राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी
- केपी शर्मा ओली – कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूएमएल)
- गगन थापा – नेपाली कांग्रेस
- पुष्प कमल दहल – नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी केंद्र)
युवा चेहरा बालेंद्र शाह का उभार
बता दें कि 35 वर्षीय बालेंद्र शाह, जिन्हें बालेन के नाम से जाना जाता है, नेपाली राजनीति का नया और चर्चित चेहरा हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक हिप-हॉप कलाकार के रूप में की थी। उनके गाने भ्रष्टाचार, असमानता और व्यवस्था के खिलाफ होते थे। वहीं, साल 2022 में वह काठमांडू के मेयर चुने गए और एक स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर बड़ी जीत दर्ज की। सोशल मीडिया पर उनकी मजबूत पकड़ और साफ-सुथरी छवि ने उन्हें युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय बना दिया। दिसंबर 2025 में उन्होंने राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) जॉइन की। पार्टी ने उन्हें प्रधानमंत्री पद का चेहरा बनाकर मैदान में उतारा है। बालेन खुद को व्यवस्था परिवर्तन और पारदर्शिता का प्रतीक बताते हैं।
अनुभवी खिलाड़ी केपी शर्मा ओली
73 वर्षीय केपी शर्मा ओली नेपाल की राजनीति के सबसे अनुभवी नेताओं में गिने जाते हैं। वह चार बार प्रधानमंत्री रह चुके हैं। मार्क्सवादी विचारधारा से जुड़े ओली किशोरावस्था से ही राजनीति में सक्रिय रहे हैं। साथ ही, 1973 में राजशाही के खिलाफ आंदोलन के दौरान उन्हें जेल भी जाना पड़ा था। लंबे राजनीतिक संघर्ष के बाद वह नेपाल की सत्ता के शीर्ष तक पहुंचे।
हालांकि 2025 के हिंसक प्रदर्शनों के बाद उनकी सरकार गिर गई, लेकिन इसके बावजूद वह अपनी पार्टी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूएमएल) के प्रमुख बने हुए हैं और एक बार फिर चुनावी मैदान में हैं।
गगन थापा कांग्रेस का युवा दांव
बता दें कि 49 वर्षीय गगन थापा नेपाली कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं। छात्र जीवन से राजनीति में सक्रिय रहे थापा 2006 के जनआंदोलन में अहम भूमिका निभा चुके हैं, जिसने राजशाही के अंत का रास्ता साफ किया था।
वह नेपाल की संसद के सबसे युवा सदस्यों में शामिल रहे हैं और स्वास्थ्य मंत्री भी रह चुके हैं। पार्टी के भीतर बदलाव की आवाज उठाकर उन्होंने खुद को एक सुधारवादी नेता के रूप में स्थापित किया है।
पुष्प कमल दहल पुराने तेवर के साथ मैदान में
71 वर्षीय पुष्प कमल दहल, जिन्हें प्रचंड के नाम से भी जाना जाता है, तीन बार नेपाल के प्रधानमंत्री रह चुके हैं। वह माओवादी आंदोलन के प्रमुख चेहरा रहे हैं। उनकी छवि एक मजबूत और आक्रामक नेता की रही है। हालांकि समय के साथ उनकी पार्टी का जनाधार कुछ कम हुआ है, फिर भी ग्रामीण इलाकों में उनका प्रभाव बना हुआ है।
चुनाव के अहम आंकड़े
- मतदान की तारीख: 5 मार्च 2026
- कुल राजनीतिक दल: 65
- प्रत्यक्ष निर्वाचित सीटें: 165
- रिजल्ट की संभावना: 6 या 7 मार्च तक
- वोटिंग के तुरंत बाद काउंटिंग शुरू होगी
युवाओं का प्रभाव कितना अहम
जानकारी के अनुसार, इस चुनाव में युवाओं की भूमिका निर्णायक मानी जा रही है। सितंबर 2025 के प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में युवा सड़कों पर उतरे थे। उनका मुख्य मुद्दा था। जिसमें भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और राजनीतिक अस्थिरता। बालेंद्र शाह को इस वर्ग का बड़ा समर्थन मिल रहा है, लेकिन पारंपरिक दलों की जमीनी पकड़ भी कम नहीं आंकी जा सकती।
भारत-नेपाल संबंध भी मुद्दा
नेपाल की राजनीति में भारत के साथ संबंध हमेशा एक बड़ा मुद्दा रहे हैं। केपी ओली के कार्यकाल में कई बार भारत-नेपाल संबंधों में तनाव देखा गया था। वहीं नेपाली कांग्रेस को आमतौर पर भारत के साथ संतुलित संबंधों के पक्ष में माना जाता है।वहीं, इस बार भी यह सवाल अहम रहेगा कि नई सरकार भारत और चीन के बीच संतुलन कैसे बनाएगी।
किसका दावा कितना मजबूत
- अगर युवा लहर हावी रही तो बालेंद्र शाह चौंका सकते हैं।
- अगर संगठन और अनुभव निर्णायक रहा तो केपी ओली वापसी कर सकते हैं।
- कांग्रेस का परंपरागत वोट बैंक गगन थापा को बढ़त दिला सकता है।
- गठबंधन की राजनीति में पुष्प कमल दहल किंगमेकर बन सकते हैं।
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Aparna Panwar
अपर्णा पवांर, एक हिंदी कंटेंट राइटर है, जिन्होंने डिजिटल मीडिया में अपनी लेखनी से पहचान बनाई। आज वे “Khaber Aaj Ki” में हिंदी कंटेंट राइटर के पद पर काम करते हुए पत्रकारिता को अपना जुनून मानती हैं। उनके विचारों में खबरें केवल सूचनाएं नहीं, बल्कि लोगों तक सच्चाई पहुँचाने का माध्यम हैं।






