
Indore Gas Leak: मध्य प्रदेश का इंदौर, जिसे देश के सबसे स्वच्छ शहरों में गिना जाता है, बुधवार रात अचानक दहशत के माहौल में डूब गया. रात करीब 10 बजे रावजी बाजार इलाके में जहरीली गैस फैलने की घटना से पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई. लोगों को अचानक सांस लेने में तकलीफ होने लगी, कई लोगों को उल्टियां आने लगीं और आंखों में जलन महसूस हुई. देखते ही देखते पूरा मोहल्ला घरों से बाहर निकल आया.
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, एक कबाड़ी की दुकान में लाए गए पुराने सिलेंडर को काटने के दौरान उसमें से जहरीली गैस का रिसाव होने लगा. गैस तेजी से हवा में फैल गई और आसपास के घरों व दुकानों तक पहुंच गई. कुछ ही मिनटों में स्थिति गंभीर हो गई.
कैसे हुई घटना?
स्थानीय लोगों के मुताबिक, कबाड़ी की दुकान पर एक पुराना सिलेंडर लाया गया था. उसे काटकर स्क्रैप निकालने की कोशिश की जा रही थी. जैसे ही सिलेंडर पर गैस कटर चलाया गया, उसमें से तेज गंध वाली गैस निकलने लगी. कुछ ही देर में आसपास के लोगों को घुटन महसूस होने लगी.
एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, “अचानक तेज बदबू आई,आंखों में जलन होने लगी और सांस लेना मुश्किल हो गया.हम तुरंत घर से बाहर भागे.”
लोगों की हालत बिगड़ी,अस्पतालों में भर्ती
गैस के प्रभाव से कई लोगों को उल्टी, चक्कर और सांस लेने में दिक्कत होने लगी. कुछ बुजुर्ग और बच्चे ज्यादा प्रभावित हुए. एम्बुलेंस को तुरंत बुलाया गया और कई लोगों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया. डॉक्टरों के अनुसार, अधिकतर मरीजों की हालत स्थिर है, लेकिन कुछ को ऑक्सीजन सपोर्ट देना पड़ा. वहीं, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर प्राथमिक जांच की और प्रभावित लोगों की सूची तैयार की.
दमकल और पुलिस की त्वरित कार्रवाई
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई. इलाके को अस्थायी रूप से खाली कराया गया. आसपास की दुकानों को बंद करवाया गया. गैस के स्रोत की पहचान की गई और सिलेंडर को सुरक्षित तरीके से हटाया गया. फायर अधिकारियों ने बताया कि स्थिति को करीब एक घंटे में नियंत्रण में ले लिया गया.
एक अधिकारी ने कहा,“अगर समय रहते कार्रवाई नहीं की जाती तो नुकसान ज्यादा हो सकता था.”
कौन सी गैस थी? जांच जारी
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि सिलेंडर में कौन सी गैस थी.संभावना जताई जा रही है कि यह कोई औद्योगिक या रासायनिक गैस हो सकती है.
फॉरेंसिक टीम ने नमूने लेकर जांच शुरू कर दी है. वहीं,प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही गैस की सटीक पहचान हो पाएगी.
इंदौर पहले भी रह चुका है चर्चा में
इंदौर हाल के महीनों में कई स्वास्थ्य और सुरक्षा संबंधी घटनाओं के कारण चर्चा में रहा है.जैसे, दूषित पानी की शिकायतें, फूड पॉइजनिंग के मामले और अब जहरीली गैस का रिसाव. इन घटनाओं ने शहर की प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
कबाड़ी दुकानों में सुरक्षा मानकों पर सवाल
विशेषज्ञों का कहना है कि स्क्रैप या कबाड़ की दुकानों पर कई बार बिना जांच के सिलेंडर और केमिकल कंटेनर काट दिए जाते हैं, जो बेहद खतरनाक हो सकता है.
जरूरी सावधानियां:
- सिलेंडर की पूरी तरह गैस निकासी की पुष्टि
- सुरक्षा उपकरणों का उपयोग
- प्रशिक्षित कर्मियों द्वारा कटिंग
- स्थानीय प्रशासन की अनुमति
यदि इन नियमों का पालन न हो, तो ऐसी घटनाएं कभी भी बड़ी दुर्घटना में बदल सकती हैं.
प्रशासन का बयान
जिला प्रशासन ने कहा है कि घटना की मजिस्ट्रियल जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी. इलाके की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी.वहीं, स्थानीय पार्षद ने भी प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और सहायता का आश्वासन दिया.
लोगों में डर का माहौल
घटना के बाद पूरे इलाके में भय का माहौल है.लोग अभी भी मास्क या कपड़ा बांधकर बाहर निकल रहे हैं.एक महिला ने कहा, “हमारे बच्चे डर गए हैं. रातभर किसी की नींद नहीं आई.”
वहीं, कई परिवारों ने अस्थायी रूप से रिश्तेदारों के घर शिफ्ट होने का फैसला किया है.
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह
डॉक्टरों ने गैस के संपर्क में आए लोगों को सलाह दी है की अगर सांस लेने में दिक्कत हो तो तुरंत अस्पताल जाएं.आंखों में जलन हो तो साफ पानी से धोएं, घरों में खिड़कियां खोलकर हवा का प्रवाह रखें और बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें.
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