
Deepak Singla: देश की राजधानी Delhi में एक बार फिर प्रवर्तन निदेशालय यानी Enforcement Directorate की बड़ी कार्रवाई ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है. ईडी ने आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता दीपक सिंगला को गिरफ्तार कर लिया है. इससे पहले जांच एजेंसी ने दिल्ली और Goa समेत कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की थी. बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई बैंक फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों में की गई है. वहीं दूसरी तरफ ईडी ने एक अलग मामले में ‘बाबाजी फाइनेंस ग्रुप’ से जुड़े लोगों के ठिकानों पर भी दबिश दी है.
दिल्ली और गोवा में ED की बड़ी रेड
सूत्रों के मुताबिक ईडी की टीम ने दीपक सिंगला से जुड़े कई परिसरों पर एक साथ छापेमारी की. दिल्ली और गोवा में हुई इस कार्रवाई के दौरान जांच एजेंसी ने कई दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और वित्तीय रिकॉर्ड जब्त किए हैं. अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान बैंक लेनदेन और संदिग्ध आर्थिक गतिविधियों से जुड़े अहम सुराग मिले हैं.
बैंक फ्रॉड मामले में जांच तेज
ईडी की यह कार्रवाई कथित बैंक धोखाधड़ी मामले से जुड़ी बताई जा रही है. जांच एजेंसी इस बात की पड़ताल कर रही है कि क्या वित्तीय लेनदेन में नियमों का उल्लंघन हुआ और क्या मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए धन को इधर-उधर किया गया. सूत्रों के अनुसार, जांच में कई कंपनियों और खातों की भूमिका भी सामने आई है.
कौन हैं दीपक सिंगला?
दीपक सिंगला आम आदमी पार्टी के सक्रिय नेताओं में गिने जाते हैं. वे पहले Vishwas Nagar विधानसभा सीट से AAP उम्मीदवार भी रह चुके हैं. राजनीतिक गतिविधियों के अलावा उनका नाम पहले भी जांच एजेंसियों की कार्रवाई में सामने आ चुका है. बताया जा रहा है कि साल 2024 में भी ईडी ने उनसे जुड़े कुछ ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया था.
कई घंटों तक चली पूछताछ
छापेमारी के बाद ईडी अधिकारियों ने दीपक सिंगला से लंबी पूछताछ की. सूत्रों का कहना है कि पूछताछ के दौरान वित्तीय लेनदेन, बैंक रिकॉर्ड और कथित निवेश से जुड़े सवाल पूछे गए. इसके बाद एजेंसी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया.
दूसरी कार्रवाई में बाबाजी फाइनेंस ग्रुप निशाने पर
ईडी की दूसरी बड़ी कार्रवाई दिल्ली के Subhash Nagar इलाके में स्थित ‘बाबाजी फाइनेंस ग्रुप’ से जुड़े ठिकानों पर हुई. जांच एजेंसी ने इस मामले में राम सिंह नामक व्यक्ति के परिसरों पर छापेमारी की.
180 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप
अधिकारियों के मुताबिक बाबाजी फाइनेंस ग्रुप पर आम जनता से करोड़ों रुपये की ठगी करने का आरोप है. ईडी का दावा है कि निवेश के नाम पर लोगों से पैसे जुटाए गए और बाद में करीब 180 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी की गई. यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़ा बताया जा रहा है.
निवेशकों से बड़े मुनाफे का वादा
जांच में यह भी सामने आया है कि लोगों को ज्यादा रिटर्न का लालच देकर निवेश कराया गया था. बताया जा रहा है कि कई लोगों ने अपनी बचत इस योजना में लगा दी थी. बाद में रकम वापस नहीं मिलने पर शिकायतें दर्ज कराई गईं, जिसके बाद जांच एजेंसियां सक्रिय हुईं.
ईडी को मिले अहम दस्तावेज
छापेमारी के दौरान एजेंसी को कई बैंक स्टेटमेंट, मोबाइल फोन, लैपटॉप और डिजिटल डेटा मिले हैं. जांच एजेंसी अब इन दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच कर रही है. माना जा रहा है कि इससे वित्तीय लेनदेन और कथित नेटवर्क का बड़ा खुलासा हो सकता है.
राजनीतिक गलियारों में हलचल
AAP नेता की गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है. विपक्षी दल इस मामले को लेकर आम आदमी पार्टी पर निशाना साध रहे हैं. हालांकि पार्टी की ओर से अभी तक इस पूरे मामले पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.
पहले भी कार्रवाई कर चुकी है ED
पिछले कुछ वर्षों में ईडी ने कई हाई-प्रोफाइल मामलों में कार्रवाई की है. राजनीतिक नेताओं, कारोबारी समूहों और वित्तीय संस्थानों से जुड़े मामलों में जांच एजेंसी लगातार छापेमारी कर रही है. दीपक सिंगला का मामला भी इसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है.
मनी लॉन्ड्रिंग एंगल की जांच
जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित अवैध धन को किन माध्यमों से ट्रांसफर किया गया. इसके लिए कई बैंक खातों और कंपनियों के बीच हुए ट्रांजैक्शन की जांच की जा रही है.
बाबाजी फाइनेंस ग्रुप मामले में सबसे बड़ा मुद्दा आम लोगों की जमा पूंजी से जुड़ा है. जांच में यह देखा जा रहा है कि निवेशकों से जुटाई गई रकम आखिर कहां इस्तेमाल की गई. कई पीड़ितों ने अपनी शिकायतों में करोड़ों रुपये फंसने का दावा किया है.
गोवा कनेक्शन की भी जांच
ईडी अब इस मामले के गोवा कनेक्शन की भी जांच कर रही है. सूत्रों का कहना है कि कुछ वित्तीय लेनदेन और संपत्तियों का संबंध गोवा से भी जुड़ा मिला है. इसी वजह से वहां भी छापेमारी की गई.
गिरफ्तारी के बाद ईडी दीपक सिंगला को अदालत में पेश करेगी. जांच एजेंसी रिमांड की मांग कर सकती है ताकि मामले में और पूछताछ की जा सके.
निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह
विशेषज्ञों ने लोगों को बिना लाइसेंस या संदिग्ध योजनाओं में पैसा लगाने से बचने की सलाह दी है. ज्यादा मुनाफे का लालच अक्सर धोखाधड़ी का कारण बनता है. अब सभी की नजर ईडी की अगली कार्रवाई और अदालत की सुनवाई पर टिकी है. जांच एजेंसी आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां या नए खुलासे कर सकती है.
Read Related News: धारावी की मिल में भीषण आग से मचा हड़कंप, मौके पर पहुंचीं दमकल की 12 गाड़ियां






