
CNG Price Hike: महंगाई की मार झेल रही आम जनता को एक और बड़ा झटका लगा है. दिल्ली-एनसीआर में एक बार फिर कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई है. रविवार, 17 मई 2026 को CNG के दाम में 1 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि की गई. इससे पहले 15 मई को भी गैस कंपनियों ने 2 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की थी. यानी सिर्फ तीन दिनों के भीतर CNG कुल 3 रुपये प्रति किलो महंगी हो चुकी है. नई कीमतों के लागू होने के बाद दिल्ली में अब CNG 80.09 रुपये प्रति किलो मिलेगी, जबकि नोएडा और गाजियाबाद में उपभोक्ताओं को 88.70 रुपये प्रति किलो चुकाने होंगे.
दिल्ली-NCR में बढ़ी चिंता
लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों ने दिल्ली-एनसीआर के वाहन चालकों की चिंता बढ़ा दी है. CNG को पेट्रोल और डीजल के मुकाबले सस्ता विकल्प माना जाता था, लेकिन अब इसके दाम भी तेजी से बढ़ रहे हैं. ऑटो, टैक्सी और कैब ड्राइवरों का कहना है कि लगातार बढ़ती कीमतों से उनकी कमाई प्रभावित हो रही है. कई लोगों ने किराया बढ़ाने की जरूरत जताई है.
48 घंटे में दूसरी बढ़ोतरी
CNG की कीमतों में यह वृद्धि सिर्फ दो दिनों के अंतराल में दूसरी बार हुई है. 15 मई को गैस कंपनियों ने 2 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की थी. अब 17 मई को फिर 1 रुपये प्रति किलो कीमत बढ़ा दी गई. इस तरह तीन दिनों में कुल 3 रुपये प्रति किलो की वृद्धि हो चुकी है. इस अचानक बढ़ोतरी ने आम उपभोक्ताओं और परिवहन क्षेत्र दोनों की चिंता बढ़ा दी है.
दिल्ली में क्या है नया रेट?
नई दरों के अनुसार राजधानी दिल्ली में अब एक किलो CNG की कीमत 80.09 रुपये हो गई है. दिल्ली-NCR के अन्य शहरों में भी कीमतों में बदलाव हुआ है.
अलग-अलग शहरों में CNG के नए रेट
| शहर | नया रेट (प्रति किलो) |
|---|---|
| दिल्ली | ₹80.09 |
| नोएडा | ₹88.70 |
| गाजियाबाद | ₹88.70 |
| मुजफ्फरनगर | ₹88.58 |
| मेरठ | ₹88.58 |
| शामली | ₹88.58 |
| गुरुग्राम | ₹85.12 |
| रेवाड़ी | ₹84.70 |
| करनाल | ₹84.43 |
| कैथल | ₹85.43 |
| कानपुर | ₹91.42 |
| हमीरपुर | ₹91.42 |
मुंबई में भी बढ़े दाम
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में भी CNG महंगी हो गई है. वहां अब CNG की कीमत 84 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गई है. महाराष्ट्र में MGL (महाराष्ट्र गैस लिमिटेड) CNG और PNG की सप्लाई करती है.
पेट्रोल-डीजल भी हुए महंगे
CNG के साथ-साथ पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी हाल ही में बढ़ोतरी हुई है. दो दिन पहले केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की थी. यह पिछले चार वर्षों में पहली बड़ी बढ़ोतरी मानी जा रही है. दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपये से बढ़कर 97.77 रुपये प्रति लीटर हो गई है. वहीं डीजल अब 90.67 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है.
क्यों बढ़ रहे हैं CNG के दाम?
विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्राकृतिक गैस की कीमतों में तेजी और सप्लाई संकट इसकी मुख्य वजह है. भारत अपनी जरूरत का 50 फीसदी से अधिक प्राकृतिक गैस आयात करता है. मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और हॉर्मुज संकट के बाद गैस सप्लाई प्रभावित हुई है. इससे गैस कंपनियों की खरीद लागत बढ़ गई है.
हॉर्मुज संकट का असर
ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्ग माना जाता है. मिडिल ईस्ट तनाव के कारण इस रूट पर सप्लाई बाधित होने का असर अब भारतीय बाजार पर भी दिखने लगा है. प्राकृतिक गैस की उपलब्धता कम होने और मांग बढ़ने से कंपनियों पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है.
कंपनियों ने क्या कहा?
गैस कंपनियों का कहना है कि यदि कीमतों में बढ़ोतरी नहीं की गई, तो उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है. इसी वजह से कंपनियों ने लागत का अतिरिक्त बोझ अब उपभोक्ताओं पर डालना शुरू कर दिया है. दिल्ली-NCR में IGL (इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड) CNG और PNG की सप्लाई करती है.
ऑटो और कैब चालकों पर असर
CNG महंगी होने का सबसे ज्यादा असर ऑटो, टैक्सी और कैब चालकों पर पड़ रहा है. ड्राइवरों का कहना है कि पहले ही बढ़ती महंगाई के कारण कमाई कम हो गई है। अब ईंधन महंगा होने से खर्च और बढ़ गया है. कुछ चालकों ने किराया बढ़ाने की मांग भी शुरू कर दी है.
आम लोगों का सफर महंगा
CNG के दाम बढ़ने से सार्वजनिक परिवहन का खर्च भी बढ़ सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में ऑटो और कैब किराए में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. इसका असर सीधे आम यात्रियों की जेब पर पड़ेगा.
PNG और घरेलू LPG में राहत
हालांकि फिलहाल PNG और घरेलू LPG गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. रसोई तक पाइप से पहुंचने वाली PNG गैस और घरेलू सिलेंडर की कीमतें स्थिर रखी गई हैं. इससे घरेलू उपभोक्ताओं को कुछ राहत जरूर मिली है.
क्या आगे और बढ़ेंगे दाम?
ऊर्जा बाजार से जुड़े जानकारों का कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो आने वाले समय में CNG के दाम और बढ़ सकते हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि सप्लाई संकट जल्दी खत्म नहीं हुआ, तो ईंधन कीमतों पर दबाव बना रहेगा.
महंगाई का बढ़ता असर
पेट्रोल, डीजल और अब CNG की बढ़ती कीमतों ने महंगाई की चिंता और बढ़ा दी है. ईंधन महंगा होने का असर परिवहन, खाद्य पदार्थों और अन्य जरूरी सेवाओं पर भी पड़ता है. आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ती ईंधन कीमतें आम लोगों के मासिक बजट को प्रभावित कर सकती हैं.
सरकार पर बढ़ा दबाव
लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच सरकार पर राहत देने का दबाव भी बढ़ रहा है. हालांकि वैश्विक परिस्थितियों और आयात लागत के कारण सरकार और कंपनियों के सामने भी बड़ी चुनौती बनी हुई है.
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