
अखिलेश यादव: समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav ने पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस और द्रमुक की हार के बाद विपक्षी एकता का बड़ा संदेश दिया है। बता दें कि आज शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए Akhilesh Yadav ने कहा, “हम वो नहीं जो मुश्किलों में साथ छोड़ दें।” उनके इस बयान को विपक्षी दलों के बीच बढ़ती राजनीतिक सक्रियता और भाजपा विरोधी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट के साथ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री रहीं Mamata Banerjee और तमिलनाडु के द्रमुक नेता M. K. Stalin के साथ हालिया मुलाकातों की तस्वीरें भी साझा कीं हैं। जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में इसे विपक्षी दलों की एकजुटता का संकेत माना जा रहा है।
बंगाल और तमिलनाडु चुनाव में करारी हार
जानकारी के लिए बता दें कि हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और तमिलनाडु में द्रमुक को बड़ी हार का सामना करना पड़ा है। इतना ही नहीं, दोनों राज्यों के निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और एमके स्टालिन अपनी-अपनी सीटें भी नहीं बचा सके। चुनावी नतीजों के बाद विपक्षी दलों में राजनीतिक रणनीति को लेकर लगातार मंथन चल रहा है। इसी बीच अखिलेश यादव का यह बयान काफी अहम माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि समाजवादी पार्टी 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी एकता को मजबूत करने की कोशिश में जुटी हुई है।
कोलकाता में ममता बनर्जी से मिले थे अखिलेश
तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद अखिलेश यादव ने गुरुवार को कोलकाता पहुंचकर ममता बनर्जी से मुलाकात की थी। यह मुलाकात ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर हुई। इस दौरान तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव Abhishek Banerjee ने अखिलेश यादव का स्वागत किया।
बताया जा रहा है कि इस बैठक में पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों और विपक्षी राजनीति के भविष्य पर विस्तार से चर्चा हुई। अखिलेश यादव ने भाजपा के खिलाफ विपक्षी दलों को एकजुट करने की आवश्यकता पर जोर दिया। वहीं ममता बनर्जी ने भी विपक्षी गठबंधन को और मजबूत बनाने की बात कही।
‘यूपी मॉडल’ से बंगाल में चुनाव कराने का आरोप
अखिलेश यादव ने पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। जिसमें उन्होंने दावा किया कि बंगाल में चुनाव “उत्तर प्रदेश मॉडल” की तर्ज पर कराए गए। सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान मतदाताओं को डराया-धमकाया गया और चुनावी प्रक्रिया में हेरफेर की गई। साथ ही, उन्होंने कहा कि जिस तरह की घटनाएं बंगाल में देखने को मिलीं, वैसी ही परिस्थितियां उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में भी देखने को मिली थीं। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा ने केंद्रीय एजेंसियों और प्रशासनिक मशीनरी का इस्तेमाल कर चुनाव को प्रभावित किया।
भाजपा पर वोटों की डकैती का आरोप
समाजवादी पार्टी प्रमुख ने भाजपा पर “वोटों की डकैती” का आरोप भी लगाया। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में कई चुनावों के दौरान मतगणना प्रक्रिया में गड़बड़ी की गई। अखिलेश यादव ने कुंदरकी, रामपुर और मिल्कीपुर जैसी सीटों का उदाहरण देते हुए कहा कि जिन सीटों पर पहले समाजवादी पार्टी को ज्यादा वोट मिले थे, वहां बाद के उपचुनावों में भाजपा की जीत सवाल खड़े करती है। जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में केंद्रीय बलों का इस्तेमाल कर मतदान प्रभावित किया गया। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि मतगणना के दौरान सपा कार्यकर्ताओं को जबरन बाहर निकाला गया था।
‘2027 में पीडीए की होगी ऐतिहासिक जीत’
अखिलेश यादव ने दावा किया कि वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) गठबंधन ऐतिहासिक जीत दर्ज करेगा। उन्होंने कहा कि जनता अब भाजपा की नीतियों को समझ चुकी है और आने वाले समय में बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी लगातार जनता के मुद्दों को उठाती रहेगी और लोकतंत्र बचाने की लड़ाई जारी रखेगी। अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप भी लगाया।
विपक्षी राजनीति में बढ़ी हलचल
पश्चिम Bengal और तमिलनाडु के चुनावी नतीजों के बाद विपक्षी दलों में नई राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि आने वाले लोकसभा चुनावों और विभिन्न राज्यों के विधानसभा चुनावों को देखते हुए विपक्षी दल नई रणनीति बनाने में जुटे हैं। अखिलेश यादव, ममता बनर्जी और एमके स्टालिन जैसे नेताओं के बीच बढ़ती मुलाकातों को भाजपा के खिलाफ बड़े राजनीतिक मोर्चे की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि अभी तक किसी औपचारिक गठबंधन की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन विपक्षी दल लगातार एकजुटता का संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं।
भाजपा ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
भाजपा नेताओं ने अखिलेश यादव के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। भाजपा का कहना है कि चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष और लोकतांत्रिक तरीके से कराए गए। पार्टी नेताओं के अनुसार जनता ने विकास और सुशासन के नाम पर भाजपा को समर्थन दिया है। भाजपा ने विपक्षी दलों पर हार स्वीकार न कर पाने का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता ने परिवारवाद और भ्रष्टाचार की राजनीति को नकार दिया है।
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