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अजित पवार के निधन की खबर सुनते ही, अस्पताल पहुंचे रोहित पवार
Current image: रोहित पवार पहुंचे बारामती अस्पताल

देश और खासकर महाराष्ट्र की राजनीति के लिए आज का दिन बेहद दुखद रहा है. वरिष्ठ राजनेता और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के अचानक निधन की खबर के बाद उनके परिजनों, समर्थकों और राजनीतिक व सामाजिक संगठनों में शोक की लहर दौड़ गई. उनके भतीजे रोहित पवार सूचना मिलते ही बारामती स्थित अस्पताल पहुंचे जहाँ भारी भीड़ और भावुक माहौल देखने को मिला.

घटना की खबर मिलते ही अस्पताल के बाहर स्थितियों ने तीव्र रूप ले लिया, जहाँ रोहित पवार और परिवार के अन्य सदस्य गमगीन भाव से मौजूद थे. समर्थक, कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक भी अस्पताल पहुंचे और साझा दुःख जताया.

कैसे हुआ बारामती में विमान हादसा ?

घटना बारामती, महाराष्ट्र के हवाई अड्डे के पास तब हुई जब उपमुख्यमंत्री अजित पवार की यात्रा कर रहे चार्टर्ड प्लेन ने लैंडिंग के प्रयास के दौरान दुर्घटना का सामना किया.सरकारी एजेंसियों के रिपोर्टों के अनुसार विमान रनवे से बाहर जाकर धू-धू कर जल उठा, जिससे सभी सवारों की मौत हो गई.

इस विमान में अजित पवार, दो पायलट, एक असिस्टेंट और सुरक्षा कर्मचारी शामिल थे. सभी पाँचों यात्रियों का घटनास्थल पर ही निधन हो गया.

कौन थे अजित पवार?

अजित पवार, महाराष्ट्र और भारत की राजनीति के एक लंबे समय से सक्रिय चेहरा रहे हैं. उन्होंने उपमुख्यमंत्री और राज्य वित्त मंत्री सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया. उनके निधन के बाद महाराष्ट्र में शोक की चार दिनों की घोषणा भी की गई है, जिसे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने साझा किया है.

उन्होंने 2023 में अपने चाचा शरद पवार के नेतृत्व वाली पार्टी से अलग होकर अपनी राजनीतिक यात्रा को जारी रखा और महाराष्ट्र की वर्तमान सरकार में डिप्टी सीएम के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

भावुक होकर अस्पताल पहुंचे भतीजे रोहित पवार

जब अजित पवार के निधन की खबर सामने आई, तो उनके भतीजे और एनसीपी (Nationalist Congress Party) के सक्रिय नेता रोहित पवार तुरंत बारामती अस्पताल पहुंचे. उनके पहुंचते ही अस्पताल परिसर में भारी भीड़ और भारी भावनात्मक माहौल देखने को मिला.

स्थानीय लोगों और समर्थकों ने रोहित पवार को देखकर भावुकता में झलकती आँखों से दादा के प्रति अपना सम्मान जताया. सामाजिक मंचों पर वायरल हुई वीडियो क्लिप में देखा गया कि समर्थक रोहित पवार के पास इकट्ठे होकर अपना दुःख साझा कर रहे थे, वहीं कार्यकर्ता और नेता चुप्पी व शब्दों से अपने श्रद्धांजलि को अर्पित कर रहे थे.

घटना के बाद जारी स्थिति और सरकारी रेस्पॉन्स

घटना जगह पर ही घातक साबित हुई और बचाव दल को अत्यंत कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा.मौके पर मौजूद लोगों के बयान के अनुसार विमान बारामती हवाई पट्टी पर उतरते वक्त अचानक नियंत्रण खो बैठा और आग की लपटें उठने लगीं.

महाराष्ट्र सरकार ने तुरंत घटनास्थल पर राहत व बचाव ऑपरेशन शुरू किया और साथ ही Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) को जांच के लिए बुलाया गया है. जांच इस बात का पता लगाएगी कि हादसे के पीछे क्या वजह रही तकनीकी खराबी, नियम का उल्लंघन या मौसम संबंधी समस्या.

सीएम देवेंद्र फडणवीस ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि इस हादसे ने राज्य और देश को अपूरणीय क्षति दी है. उन्होंने कहा कि “अजित पवार का योगदान महाराष्ट्र की राजनीति और सामाजिक जनहित की दिशा में अतुलनीय रहा है” और हादसे की गहन जांच कराने का आश्वासन दिया.

राजनीतिक व सामाजिक प्रतिक्रिया

अजित पवार के अचानक निधन की खबर न केवल महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश के राजनीतिक परिदृश्य में एक गहरा सदमा लेकर आई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्रियों, पार्टी नेताओं, सांसदों और मंत्रियों ने अपने-अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर संवेदनाएँ व्यक्त की हैं.

महाराष्ट्र के राजनीतिक सहयोगी और विपक्षी दलों के नेताओं ने भी पवार के योगदान की तारीफ की और उनके परिवार के प्रति शोक व्यक्त किया.उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि यह उनके लिए “एक बड़े भाई की मौत” जैसा है और इस हादसे की पूरी जांच सुनिश्चित की जाएगी.

दलित, किसान, युवा और सामाजिक संगठनों ने भी पवार के कार्यकाल की सराहना की है, खासकर ग्रामीण विकास, कृषि सहयोग और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए.

राजकीय शोक और अंतिम संस्कार की तैयारियाँ

सरकारी सूत्रों के अनुसार तीन दिनों का राजकीय शोक घोषित किया गया है, जिसमें सभी सरकारी और सार्वजनिक कार्यक्रमों में श्रद्धांजलि के रूप में मौन रखा जाएगा. अंतिम संस्कार की तैयारियाँ भी प्रशासन और पवार परिवार के सदस्यों की सहमति से की जा रही हैं, जिसमें पूरे राज्य से नेता और समर्थक शामिल होंगे.

कई राजनीतिक पार्टियों और संगठनों ने घोषणा की है कि वे अंतिम संस्कार के दौरान सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने में मदद करेंगे ताकि वायरस की भीड़ और भावनात्मक माहौल में किसी तरह की असुविधा न हो.

अजित पवार के निधन से सिर्फ राजनीति ही प्रभावित नहीं हुई, बल्कि हजारों किसानों, ग्रामीण जनता और युवा वर्ग में दुःख की लहर है, जिन्होंने उन्हें एक “जननेता” और “समर्पित सेवक” के रूप में देखा.कई समर्थक उन्हें “बारामती के राजा” के रूप में संबोधित करते रहे हैं.

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